Mona Singh : सोनी चैनल पर प्रसारित जस्सी जैसी कोई नहीं में एक बदसूरत लेकिन इंटेलिजेंट लड़की का किरदार निभाने वाली मोना सिंह आज एक जाना माना नाम है , पिछले 22 सालों से मोना अभिनय क्षेत्र में सक्रिय हैं. मोना सिंह ने टीवी सीरियल क्या हुआ तेरा वादा, प्यार को हो जाने दो, कवच और डांस शो झलक दिखला जा के पहले सीजन में भाग लेने के बाद राजकुमार हिरानी की फिल्म थ्री इडियट, से फिल्मों में खास पहचान बनाई और कई रियलिटी शोस की एंकरिंग भी की ,जैसे फेमिना मिस इंडिया, झलक दिखला जा सीजन 4 ,आदि और उसके बाद अब मोना फिल्मों के बाद वेब सीरीज में दमदार अभिनय करके और ग्लैमर का सहारा ना लेकर अपने अभिनय के दम पर मोना सिंह ने अपनी ऐसी अलग छाप छोड़ी है कि आमिर खान तक उनके अभिनय के कायल है और करीबन अपनी हर फिल्म में मोना सिंह को जरूर लेते हैं. आमिर खान की लाल सिंह चड्ढा , और उसके बाद हाल ही में रिलीज हैप्पी पटेल खतरनाक जासूस में दमदार अभिनय करके मोना ने सबको चौंका दिया.

44 वर्षीय मोना सिंह जो किसी इमेज की मोहताज नहीं है उन्होंने टीवी के बाद फिल्मों में ही नहीं बल्कि वेब सीरीज में भी अपनी पहचान बनाई ,मोना ने अलग-अलग और मुश्किल किरदार निभा कर वेब सीरीज में भी अपना एक अलग नाम स्थापित किया है. मोना सिंह ने 2018 में वेब सीरीज की दुनिया में कदम रखा था जहां उन्होंने कहने को हमसफर , द वायरल फीवर, और यह मेरी फैमिली जैसी कई वेब सीरीज में अभिनय किया. पिछले दिनों मोना सिंह आर्यन खान निर्देशित द बेड्स ऑफ बॉलीवुड से काफी चर्चा में रही जिसमें मोना सिंह ने मां की भूमिका निभाई थी , मोना सिंह एक बार फिर अमेजॉन प्राइम वीडियो की वेब सीरीज मां का सम में जवान बेटे की मां का किरदार निभा रही है , जो अपनी मां के लिए लाइफ पार्टनर ढूंढने में व्यस्त है. इस सीरीज के अलावा भी अभिनय क्षेत्र में काफी कुछ कर रही है . पेश है मोस्ट टैलेंटेड अभिनेत्री मोना सिंह से दिलचस्प बातचीत के खास अंश….

कम उम्र में मां का किरदार निभाने के पीछे क्या खास वजह है?

मुझे नहीं लगता मां का किरदार निभाने में कोई गलत बात है, क्योंकि भले ही वह मां का किरदार है लेकिन उसमें बहुत सारी विविधता करने का मौका मिलता है और सिर्फ मां के किरदार में गंभीर रोल ही नहीं होता, बल्कि मां के किरदार में वह बहुत सारे शेड्स दिखाने का मौका मिलता है .जो कई बार एक हीरोइन को अपने अभिनय में करने को नहीं मिलता .

क्या आपका इशारा आपकी नई वेब सीरीज मां का सम की ओर है? जिसमें भी आप 19 वर्षीय जवान लड़के की मां बनी है?

हां बिल्कुल… मैं इसमें एक सिंगल मदर भूमिका में हूं जो अपनी लड़ाई खुद लड़ना जानती है. जो अपने बेटे से बहुत प्यार करती है . मेरे किरदार का नाम विनीता है जो एक दुखियारी मां नहीं है, बल्कि आज के समाज को टक्कर देने वाली स्वतंत्र विचारों वाली, कर्मठ मां है. इस सीरीज में मैं एक मॉडर्न मां हूँ, जो अपनी शर्तों पर जिंदगी और प्यार को जीना चाहती है. इस सीरीज की कहानी एक 19 साल के मैथ्स एक्सपर्ट बेटे के इर्द गिर्द घूमती है जो अपने मैथ्स के लॉजिक के जरिए अपनी मां की लव लाइफ को सॉल्व करने की कोशिश करता है, वही मां भी अपनी बेटे की खातिर डेटिंग करने को भी तैयार हो जाती है.
वैसे तो मैंने पहले भी मां का किरदार कई बार निभाया है, लेकिन मां का सम में मैंने कोई ऐसी मां का किरदार नहीं निभाया है जिसको ऊंचे मुकाम पर रखा जाता है और उसकी इच्छाओं को मार दिया जाता है बल्कि इस वेब सीरीज में मैं एक ऐसी मां का किरदार निभा रही हूं , जिसकी अपनी जिंदगी , अपनी इच्छाएं, अपनी पसंद के आधार पर चलती है वह डेटिंग करने को भी तैयार है लेकिन उसमें भी उसकी पसंद का शामिल होना जरूरी है. मां का सम में मैं एक बेचारी और दुखियारी मां नहीं हूं , बल्कि अपनी शर्तों पर जीने वाली खुश मिजाज चुनौतियों का सामने करने वाली मॉडर्न मां हूँ .

अगर पर्सनल लाइफ की बात करें तो आपका अपनी मां के साथ कैसा रिश्ता है?

मां बेटी के रिश्ते में भी उम्र के हिसाब से बदलाव आते रहते हैं, जैसे की शुरुआत में मेरी मां मेरे साथ थोड़ी सख्त थी, शुरुआती दिनों में काफी रोक-टोक भी करती थी , उनको इस बात की चिंता थी की कही मेरी बेटी कुछ गलत ना कर ले , गलत लोगों की संगत में ना पड़ जाए , लेकिन अब आज के समय में मेरी मां मेरी सबसे अच्छी दोस्त है मैं उनसे अपने हर दिल की बात शेयर करती हूं. मेरी मां मुझे बहुत प्यार करती है, और उससे ज्यादा मैं अपनी मां से प्यार करती हूं.।पहले मै अपने पापा से ज्यादा अटैच थी.

आज के समय में क्या बच्चों द्वारा अपनी मां की शादी करवाना संभव है?जब की बच्चे खुद शादी की उम्र के हो?

क्यों नहीं.. दरअसल मेरी वेब सीरीज मां का सम उन युवाओं के लिए एक संदेश है जो अपनी मां की इच्छाओं के बारे में या उनकी खुशी के बारे में नहीं सोचते, जिनको सिर्फ मां एक घर संभालने वाली मा ही लगती है, ऐसे युवाओं को यह भी सोचना चाहिए, कि उनकी मां भी एक इंसान है,जिनके भी सपने भावनाएं ,प्यार करने वाला दिल, और एक जीवनसाथी की चाहत है , उम्र कोई भी हो हर इंसान को हक है अपना जीवनसाथी ढूंढने और पाने का , वह सिर्फ पेरेंट ही नहीं है , बल्कि एक इंसान भी है जिसे अपना अकेलापन दूर करने के लिए प्यार और साथी की जरूरत होती है. इस वेब सीरीज में इसी बात को दिखाया गया है.

जहां 60 की उम्र में एक्टर बॉलीवुड फिल्मों में हीरो का किरदार निभा रहे है , वही आपने कम उम्र में जवान हीरो की मां का किरदार निभाना शुरू कर दिया , क्या कहीं ना कहीं इस बात का आपको अफसोस है?

मै एक एक्ट्रेस हूँ , अभिनय मेरा पैशन है , इसलिए मैं अपने लिए अच्छे रोल का इंतजार करके समय बर्बाद नहीं कर सकती, हीरो और हीरोइन के बीच में उम्र का भेदभाव बरसों से चला रहा है, जिसमें हीरो जहां 60 साल की उम्र में भी मेन लीड रोमांटिक रोल करते हैं, तो हीरोइन को कुछ सालों बाद ही मां और भाभी के किरदार मिलने लगते हैं. मेरा मानना है की उम्र की फिक्र ना करते हुए ,मै वही किरदार चुनती हूँ जो मुझे चुनौती पूर्ण लगते हैं जैसे की कोहरा 2 सीरीज में मैंने एक पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया जो अपने निजी जीवन में दुख झेलते हुए हाई प्रोफाइल हत्या की जांच करती है भले ही यह किरदार मेरी वास्तविक उम्र से काफी बड़ा है . लेकिन मुझे यह किरदार निभाने में बहुत मजा आया. मैंने कभी भी अपनी ऑन स्क्रीन उम्र की परवाह नहीं की, क्योंकि मुझे पता है मैं कौन हूं क्या हूं , मैं पूरी तरह आत्मविश्वासी हूं , मुझे कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं है इसलिए मैं जोखिम भी उठती रहती हूं. मेरे लिए उम्र मायने नहीं रखती मैं जो किरदार निभाती हूं , वह मुझे उत्साहित करते हैं.

क्या ऐसे में कह सकते हैं कि आप अपने अब तक के अभिनय करियर से खुश है?

हिंदी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री मे हीरोइन या तो ग्लैमर गर्ल होती है या सती सावित्री वाले स्टीरियोटाइप किरदार निभाती है. मैंने पर्दे पर हमेशा स्ट्रांग वर्किंग वुमन के रोल किए हैं , फिर चाहे वह काला पानी में डॉक्टर का रोल हो, मेड इन हेवन 2 में बिजनेस वूमेन का रोल हो, या जस्सी जैसी कोई नहीं में कॉन्फिडेंट सेक्रेटरी का किरदार ही क्यों ना हो, मैंने अब तक पर्दे पर मजबूत औरतों का प्रतिनिधित्व किया है, मैंने इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए कभी भी टिपिकल रोने धोने वाले यह दया का पात्र कहलाने वाली औरत का किरदार नहीं निभाया है. लेकिन बतौर अभिनेत्री मुझे अभी बहुत कुछ करना बाकी है इसलिए मैं अपने आप को पूरी तरह खुश तो नहीं कह सकती, लेकिन संतुष्टि जरूर है.

अगर वेब सीरीज और टीवी सीरियल की बात करें, तो आप को अभिनय संतुष्टि ज्यादा कहा मिलती है?
टीवी सीरियलों में महिलाओं के लिए किरदार बहुत सीमित है , या तो नायिका है या खलनायिका है, इसके अलावा भी मैने टीवी पर सास बहू वाले कई सीरियल रिजेक्ट किया ,इसके विपरीत वेब सीरीज में हीरोइन के लिए अलग-अलग तरह के किरदार लिखे जाते हैं जिसमें उम्र भी मायने नहीं रखती , मैं अब तक अपनी वेब सीरीज करियर में कई तरह के अलग-अलग किरदार निभाए हैं , यही वजह है मुझे टीवी सीरियल से ज्यादा वेब सीरीज में काम करना अच्छा लगता है.

अपने अब तक के एक्टिंग करियर में, कौन सा किरदार निभाना आपको सबसे मुश्किल लगा?

मुझे अभिनय करियर में 22 साल हो गए हैं, जिसमें मैंने अब तक फिल्म टीवी और वेब सीरीज में विविध रंगों के किरदार निभाए है , लेकिन अगर मुश्किल किरदार की बात करु तो मेरे लिए मेरा पहला सीरियल जस्सी जैसी कोई नहीं का रोल चैलेंजिंग था, क्योंकि उसमें मेरा लुक बहुत अलग था और मुझे लोगों को यकीन दिलाना था कि मैं वैसे ही हूं एक आम इंसान लेकिन समझदार और बुद्धिमान, इसके अलावा लाल सिंह चड्ढा में भी मेरा किरदार बहुत चैलेंजिंग था जिसमें मुझे 20 साल से लेकर 40 साल और 40 साल से लेकर 60 साल की उम्र का किरदार निभाना था, इस रोल के लिए मुझे शारीरिक और मानसिक तौर पर काफी सारे बदलाव करने पड़े थे जो चैलेंजिंग भी थे और दिलचस्प भी .

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