लेखिका -प्रीता जैन, डाइटीशियन 

Best Rice For Health : चावल  हमारे खाने की थाली का अहम हिस्सा होते हैं और इन के बिना हमारा भोजन अधूरा सा लगता है. चावल कई तरह के होते हैं जिन में सफेद, भूरे, लाल व काले चावल मुख्य हैं.

इन में से कौन से चावल किस तरह अधिक हैल्दी, पौष्टिक हैं, निम्न तरीके से समझते हैं:

सफेद चावल

सफेद चावल भारतीय घरों में इस्तेमाल होने वाले सब से आम प्रकार के चावल हैं. चावल की सभी किस्मों में से सफेद चावल अत्यधिक संसाधित होते हैं. पौलिश करते वक्त इन में से भूसी, चोकर की परत और रोगाणु को हटा दिया जाता है लेकिन अधिक प्रोसैस्ड फूड आवश्यक पोषक तत्त्वों को छीन लेता है.

सफेद चावलों में अन्य चावलों की तुलना में कम प्रौटीन, ऐंटीऔक्सीडैंट और अन्य आवश्यक पोषक तत्त्व जैसे थायमिन और बी विटामिन होते हैं, साथ ही कम फाइबर सामग्री के कारण सफेद चावल हमारी तृप्ति नहीं करते या कहें कि हम सिर्फ इन के सेवन से अपना पेट नहीं भर सकते. 100 ग्राम कच्चे चावलों में 365 किलो कैलोरी और 14.8 ग्राम कार्ब्स होते हैं. इन में के वल कैल्सियम और फोलेट की अच्छी मात्रा होती है. यह भी जानने योग्य बात है कि 100 ग्राम पके हुए चावलों में 130 किलो कैलोरी होती है.

पके हुए चावलों में पानी और स्टार्च की मात्रा बढ़ने के कारण कच्चे चावलों की तुलना में कैलोरी कम हो जाती है. यों भी कहा जा सकता है कि पकाने से चावलों में पानी भर जाता है जिस से उन का वजन बढ़ता है और प्रति ग्राम कैलोरी कम हो जाती है, हर किस्म के उबले चावलों में कैलोरी कम हो जाती है.

लाभ

तुरंत ऊर्जा देते हैं.

बहुत आसानी से पचते हैं.

पेट की समस्या या कमजोरी में अच्छे हैं.

नुकसान

फाइबर कम, ज्यादा मात्रा में खाने से वजन बढ़ सकता है.

किस के लिए ठीक बीमारी, कमजोरी या मेहनत वाला काम करने वाले व्यक्तियों के लिए.

भूरा चावल

सफेद चावलों के विपरीत भूरे चावलों में चोकर की परत और रोगाणु होते हैं. पैकिंग करते वक्त इन की केवल भूसी निकाली जाती है. यही वजह है कि भूरे चावल सफेद चावलों की तुलना में काफी पौष्टिक होते हैं.

खलिहान में फ्लेवोनौइड ऐंटीऔक्सीडैंट: ऐपिजेनिन, कवेरसेटिन और ल्यूटोलिन होते हैं जो हमें स्वस्थ व रोगमुक्त रखने में आवश्यक भूमिका निभाते हैं. ब्राउन राइस में उतनी ही मात्रा में कैलोरी और कार्ब्स होते हैं, जितने सफेद चावलों में होते हैं. केवल उन में अधिक फाइबर और प्रोटीन होता है जो इसे सफेद चावलों की तुलना में स्वस्थ विकल्प बनाता है.

चावलों की यह किस्म परिपूर्णता को बढ़ावा देती है, रक्त शर्करा और इंसुलिन को नियंत्रित करती है. इस के अलावा यह मैग्नीशियम में भी उच्च है, 100 ग्राम कच्चे चावलों में लगभग 370 किलो कैलोरी होती है.

लाभ

फाइबर ज्यादा-पाचन अच्छा.

वजन घटाने में मदद.

शुगर वालों के लिए बेहतर.

लंबे समय तक पेट भरा रहता है.

नुकसान

अधिक फाइबर के कारण कुछ लोगों को गैस, पेट फूलना, ऐंठन या कब्ज हो सकती है.

ब्राउन राइस की बाहरी परत में सफेद चावलों से ज्यादा आर्सेनिक होता है जिस का लंबे समय तक सेवन करने से कैंसर व हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकता है.

कुछ लोगों को सिरदर्द, उलटी या फिर त्वचा संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं.

इन में फौलिक ऐसिड कम होने से गर्भावस्था में इन्हें खाने से बचना चाहिए.

किस के लिए अच्छा

डायबिटीज, वजन कम करने वाले, फिटनैस के लिए.

लाल चावल

चावलों की इस किस्म को ऐंथोसायनिन नामक ऐंटीऔक्सीडैंट से अपने समृद्ध रंग मिलते हैं.

लाल चावल भी ब्राउन राइस जैसे फाइबर से भरपूर होते हैं, इस के अतिरिक्त इन में आयरन की भी काफी मात्रा होती है जो सूजन को कम करने और रक्तचाप को कम करने में मदद कर सकती है. लाल चावल ऐंथोसायनिन, ऐपिजेनिन, मायरिकेटिन और क्वेरसेटिन जैसे फ्लेवोनौइड से भरे होते हैं.

ये शरीर को कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने में मदद कर सकते हैं और हृदय रोगों व मधुमेह के जोखिम को कम कर सकते हैं. इस तरह के चावल उन सभी लोगों के लिए भी फायदेमंद होते हैं जो अपना वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं. इस की वजह यह है कि लाल चावल पचने में अधिक समय लेते हैं, जिस के चलते आप का पेट लंबे वक्त तक भरा हुआ महसूस कराता है और आप को फूड आइटम्स को कंज्यूम करने से रोकता है. 100 ग्राम कच्चेलाल चावलों में 455 किलो कैलोरी होती है लेकिन इन में पोषक तत्त्व होने के कारण आजकल लोग इस किस्म के चावलों को आहार में शामिल कर रहे हैं.

लाभ

आयरन और ऐंटीऔक्सीडैंट से भरपूर.

खून की कमी में फायदेमंद.

दिल के लिए अच्छे.

नुकसान

यदि लाल चावलों को ठीक से भिगोया न जाए या ज्यादा खाया जाए तो इन के सेवन से गैस, पेट फूलना और अपच जैसी पाचन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं.

लाल चावलों में आक्सलेट होता है जो कुछ लोगों में किडनी स्टोन (पथरी) का खतरा बढ़ा सकता है.

ज्यादा सेवन सेलिवर और मांसपेशियों को नुकसान पहुंच सकता है.

गर्भवती महिलाओं के लिए भी इन का सेवन हितकारी नहीं है.

किस के लिए अच्छे: ऐनीमिया, हार्टहैल्थ.

काले चावल

काले चावलों को बैगनी चावल के रूप में भी जाना जाता है. चावलों की इस किस्म का विशिष्ट रंग चोकर में फाइटो केमिकल्स की उपस्थिति के कारण आता है.  इस तरह के चावल प्रोटीन, विटामिन ई, फाइबर और ऐंटीऔक्सीडैंट से भरपूर होते हैं. माना जाता है कि काले चावलों में चावल की सभी किस्मों के ऐंटीऔक्सिडैंट्स की अधिकतम मात्रा होती है और इन का ग्लाइसेमिक इंडैक्स कम होता है. 100 ग्राम कच्चे काले चावलों में 335 किलो कैलोरी होती है, फिर भी वजन कम करने और अपने ब्लड शुगर लैवल को नियंत्रित करन की कोशिश करने वालों के लिए इन्हें बेहतरीन माना जाता है.

लाभ

बहुत ज्यादा ऐंटीऔक्सीडैंट

डायबिटीज कंट्रोल में मदद.

उम्र बढ़ने के असर को कम करते हैं.

हानि

काले चावल फायदे के साथ कुछ नुकसान भी देते हैं जैसे:

ज्यादा खाने से गैस और पेट फूलने की समस्या या पेट दर्द हो सकता है.

अन्य चावलों की तरह काले चावलों में भी आर्सेनिक (एक भारी धातु) हो सकती है, इसलिए ज्यादा और लंबे समय तक सेवन से कैंसर और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं.

किस के लिए अच्छे:

डायबिटीज रोगी व इम्युनिटी बढ़ाने के लिए.

कौन से चावल हैं कम स्वस्थ.

चावलों की सभी किस्मों में सफेद चावलों की तुलना में भूरे, लाल व काले चावल अधिक पौष्टिक होते हैं. इन में सफेद चावलों की तुलना में अधिक प्रोटीन, अन्य विटामिन और खनिज, फाइबर व ऐंटीऔक्सीडैंट होते हैं.

सफेद चावलसें का मुख्य दोष यह है कि ये अत्यधिक संसाधित होते हैं, जिस की वजह से आवश्यक पोषक तत्त्व प्रदान करने में विफल रहते हैं और साथ ही अन्य किस्मों की तरह पेट भरा हुआ महसूस नहीं कराते हैं.

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