Cough warning signs : राम कुमार 3 महीने पहले बिल्कुल स्वस्थ जीवन व्यतीत कर रहे थे लेकिन मामूली सी लगने वाली खांसी ने महज 52 वर्ष की उम्र में उनकी जीवन लीला समाप्त होने का कारण बन गई. ऐसा नहीं कि उन्होंने डॉक्टर से परामर्श नहीं किया जब लगातार होती खासी को 3 हफ्ते गुजर गए तो टीबी की जांच भी कराई जो की निगेटिव आई. तब परिवार जनो को संतुष्टि हुई लेकिन खांसी का लगातार बढ़ना सांस लेने में तकलीफ होने पर डॉक्टर ने कैंसर की जांच कराई तो परिणाम गंभीर नज़र आए. और पता चला कि वे फेफड़ों के कैंसर की अंतिम स्टेज पर है.

खांसी एक ऐसी समस्या है जिसे लोग कभी बदलते मौसम से होने वाली परेशानी समझने लगते हैं तो कभी हल्का फुल्का इन्फेक्शन समझ इलाज में लापरवाही करने लगते हैं लेकिन यह लापरवाही ना सिर्फ बीमारी को बढ़ाती है बल्कि मौत का कारण भी बनती है. वैसे तो खांसी के कई कारण हो सकते हैं जैसे एलर्जी, इंफेक्शन, स्मोकिंग आदि.लेकिन यदि खांसी लंबे समय से ठीक नहीं हो रही है तो इसका कारण जानना आपके लिए काफी जरूरी है,

धूम्रपान- धूम्रपान करने से तंबाकू में मौजूद केमिकल्स फेफड़ों में जलन पैदा करते हैं. जिस कारण साधरण सी लगने वाली खांसी क्रॉनिक होकर जानलेवा बीमारी का रूप ले सकती है.

अस्थमा- अस्थमा के मरीज का वायुमार्ग अवरुद्ध हो जाता है आसपास की मांसपेशियों में सिकुड़न होने से फेफड़ों में ऑक्सीजन की आपूर्ति होने लगती है और मरीज को काफी खांसी आती है. अस्थमा में सूखी और गीली, दोनों प्रकार की खांसी आ सकती है.कई बार ऑक्सीजन की अधिक कमी हो जाने से जान जाने का जोखिम बढ़ जाता है.

टीबी (ट्यूबरकुलोसिस) एक संक्रामक रोग है जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया के कारण होता है. शुरुवात में खांसी होना व साथ में खून का आना, बुखार, सांस लेने में कठिनाई, वजन कम होना जैसे लक्षण नज़र आते हैं.

फेफड़ों का कैंसर- फेफड़ों का कैंसर होने पर खांसते समय खून भी आ सकता है. फेफड़ों के कैंसर में खांसी, छाती में दर्द,सांस लेने में कठिनाई,वजन कम होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं इसके लक्षण टीबी जैसे ही नज़र आते हैं कई बार सही इलाज ना मिलने पर लास्ट स्टेज पर ही मरीज को पता चलता है कि वह कैंसर से पीड़ित है.

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