Weight loss fraud : सूरत की एक महिला ने सोचा था कि कुछ किलो वजन कम हो जाए तो कॉन्फिडेंस लौट आए. इंटरनेट पर वजन घटाने की गारंटी दे रहे एक विज्ञापन पर यकीन कर लिया. ढाई हज़ार की दवा से शुरू हुआ सिलसिला 1 करोड़ 70 लाख पर जाकर रुका. न वज़न घटा, न पैसे बचे. ऊपर से ठग हर महीने डायटीशियन बनकर घर तक दवा पहुँचाते रहे. जब महिला को कोई लाभ नहीं मिला तो उन्होंने सूरत में एफआईआर दर्ज कराई. पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 102 मोबाइल, 150 सिम कार्ड और 12 लैपटॉप बरामद किए हैं.

यह खबर सिर्फ ठगी की नहीं है. यह हम सबके घर में चल रहे उस शीशे की है जिसमें हम रोज़ खुद को 'मोटा' देखकर दुखी होते हैं और इसी कमज़ोरी को कैश कर रहे हैं साइबर लुटेरे.

1. 'गारंटी' शब्द पर कभी यकीन न करें

वज़न घटाना कोई मैगी बनाना नहीं है जो 2 मिनट में बन जाए. जो भी कंपनी "100% रिजल्ट", "मनी बैक गारंटी", "बिना डाइट-एक्सरसाइज वजन घटाएं " जैसे जुमलों का इस्तेमाल कर वजन घटाने का दावा करे तो समझ लें वह झूठ बोल रही है. असली डॉक्टर कभी गारंटी नहीं देता. गुरुग्राम वाली कंपनी भी यही झांसा देती थी कि "वजन न घटे तो पूरे पैसे वापस". पैसे तो गए मगर मोटापा वहीं का वहीं रह गया.

और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...