Women hygiene tips : अक्सर बढ़ती उम्र का असर हम अपने शरीर पर देखते हैं.जिसके चलते हमारे शरीर के रंग और रूप में बदलाव होता नज़र आता हैं लेकिन यही बदलाव हमारे प्राइवेट पार्ट्स पर भी पड़ता है.यदि हम बात करें वजाइनल एरिया की तो इसका रंग बढ़ती उम्र के साथ घहराने लगता हैं जिसको देख महिलाएं चिंतित भी हो जाती हैं.महिलाओं के बीच योनि या इंटीमेट एरिया का कालापन एक आम समस्या है.दरअसल प्यूबर्टी के बाद, प्राइवेट पार्ट की स्किन में कई बदलाव आते हैं. जैसे रंग का बदलना,त्वचा का पहले से टाइट,बालों का उगना व डार्क स्पॉट्स का होना.जिसके समाधान कर लिए महिलाएं कई प्रोडक्ट्स भी इस्तेमाल करती हैं लेकिन यह परेशानी की बात नहीं इसके पीछे कई कारण हैं जिन्हें हम आपसे इस लेख के जरिए साझा कर रहे हैं.
रेजर या शेविंग क्रीम का प्रयोग
यह एक सेंसिटिव बॉडी पार्ट्स हैं जिस पर रेजर का इस्तेमाल करने से अक्सर इरिटेशन और लालीपन की समस्या हो जाती हैं जिससे पिग्मेंटेशन भी हो सकती है.रेजर के साथ इस्तेमाल होने वाली क्रीम में मौजूद रसायन आपकी योनि की नाजुक त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते है. इस कारण आपका इंटीमेट एरिया काला हों जाता है.
हार्मोनल बदलाव
महिलाओं में उम्र के अलग-अलग पड़ाव पर शरीर में होने वाला हार्मोनल बदलाव भी इसका एक महत्वपूर्ण कारण हैं जैसे की एस्ट्रोजन हार्मोन के कारण पीरियड्स, मेनोपॉज और 30-35 साल की उम्र के आस-पास काफी बदलाव होते हैं.जिससे वजाइनल एरिया में भी बदलाव देखने को मिलता है.
हाइजीन है जरूरी
इंटिमेट एरिया की हाइजीन सही न करना, इंफेक्शनके साथ साथ पीएच वैल्यू पर असर डालते हैं इसके लिए वजाइनल एरिया में साबुन या अन्य किसी हार्श प्रोडक्ट के प्रयोग से बचें.साथ ही टाइट पेंटी पहनने से बचें क्योंकि इससे पसीना और बैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ता हैं जिसके बाद वजाइनल एरिया काला पड़ सकता है.
