Rozlyn Khan: 'धमा चौकड़ी', 'सविता भाभी', 'जी लेने दो एक पल और', 'क्राइम अलर्ट' जैसे शो से पहचान बनाने वाली ऐक्ट्रैस रोजलिन खान का स्टेज 4 ब्रैस्ट कैंसर से जंग का सफर आसान नहीं था. रोजलिन ने इसे वक्त और दर्द के खिलाफ लड़ी गई एक तूफानी जंग बताया.

 

उन्होंने बताया कि उन का इलाज बेहद इंटेंस था. नीओ एडजुवेंट कीमोथेरैपी के बाद मौडिफाइड रैडिकल मास्टेक्टौमी (एमआरएम) और लैटिसिमस डौर्सी फ्लैप (एलडी फ्लैप) रीकंस्ट्रक्शन सर्जरी हुई. उस के बाद रैडिएशन थेरैपी दी गई. उन्होंने कुल 19 राउंड कीमोथेरैपी झेली, जिस में उन का शरीर थक कर चूर हो गया. लेकिन इस के बाद एक दुर्लभ और दर्दनाक स्थिति विकसित हो गई थी-कीमो इंड्यूस्ड ग्लैंजमैन थ्रोंबेस्थीनिया (टाइप 2), एक ब्लीडिंग डिसऔर्डर, जिस से कीमो रोकनी पड़ी.

इस झटके के बावजूद रोजलिन का हौसला नहीं टूटा और आज वह इन सभी से उबर चुकी हैं और नौर्मल जिंदगी जी रही हैं. इन सभी से गुजरने में उन्हें परिवार और दोस्तों का सहयोग मिला, जिस से वे अंदर से स्ट्रौंग हो पाईं और इस स्थिति को झेल पाईं.

यह सही है कि कैंसर का इलाज किसी भी व्यक्ति के जीवन को अचानक बदल देता है, लेकिन स्त्रियों के लिए यह बदलाव और भी गहरा होता है. वे अकसर एकसाथ कई भूमिकाएं मसलन केयर गिवर, पेशेवर, साथी और मां की होती है.  ऐसे में रोजमर्रा की जिंदगी से अस्पताल के चक्कर, चिकित्सकीय निर्णय और शारीरिक बदलावों की ओर बढ़ना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है.

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