Best AC for home : गरमी के मौसम में एसी की सेल खूब बढ़ जाती है लेकिन जब हम एसी खरीदने जाते हैं तो समझ ही नहीं आता कि कितने टन का एसी लेना सही रहेगा. मसलन, एसी 3 स्टार लें या फिर 5 स्टार लें? किस साइज का AC लेना सही रहेगा? वारंटी कैसे देखें? विंडो AC लें या स्प्लिट? ये कुछ ऐसे सवाल हैं जो सभी के मन में आते हैं और कई बार जानकारी के आभाव में हम गलत चीज ले आते हैं.

जानिए कि एअर कंडीशनर खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें :

एसी में लगे हुए स्टार का मतलब क्या होता है

एसी पर लगी स्टार रेटिंग सिर्फ एक नंबर नहीं होता है, दरअसल यह बिजली बचत की क्षमता को दर्शाती है. जो स्टार रेटिंग दी जाती है वह भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले ब्यूरो औफ एनर्जी एफिशिएंसी यानि बीईई (BEE) द्वारा तय की जाती है. इन स्टार्स का मतलब होता है कि वह AC कितनी बिजली की खपत करता है और कितनी ऊर्जा की बचत करता है.

1 स्टार वाला एसी सब से ज्यादा बिजली खर्च करता है जबकि 5 स्टार वाला एसी सब से कम बिजली में सब से ज्यादा कूलिंग देता है. यानि जितने ज्यादा स्टार्स, उतनी ज्यादा बिजली की बचत और उतनी ही कम महीने का बिजली बिल.

कैसे तय करें कि 3 स्टार एसी खरीदना सही रहेगा या 5 स्टार

अगर आप ऐसी जगह रहते हैं जहां गरमी बहुत ज्यादा है, दूसरे आप पुरे दिन घर पर रहते हैं और दिन में लगभग 6 से 8 घंटा एसी चलता ही है तो आप के लिए 5 स्टार एसी सही रहेगा क्योंकि यह बिजली बचाता है. इस से बिजली का बिल कम आएगा और इस की कीमत पर दिया हुआ ज्यादा पैसा आप बिजली बचा कर वसूल भी लेंगे. लेकिन अगर एसी का इस्तेमाल सीमित है, जैसे दिन में 2 से 3 घंटे या सिर्फ कुछ महीनों के लिए, तो 3 स्टार एसी भी सही विकल्प हो सकता है. ऐसे में ज्यादा कीमत दे कर 5 स्टार खरीदना जरूरी नहीं होगा.

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कमरे के साइज के हिसाब से चुनें

 

सही एअर कंडीशनर (AC) चुनते समय कमरे का आकार सब से महत्त्वपूर्ण कारक होता है. यदि एसी छोटा हुआ तो कमरा ठंडा नहीं होगा और यदि बहुत बड़ा हुआ तो बिजली का बिल अनावश्यक रूप से बढ़ेगा. डेढ़ टन का एअर कंडीशनर 150 स्क्वायर फुट के कमरे में आराम से काम करेगा अगर 5000 या 5,200 के बीच में उस की कूलिंग कैपेसिटी है. वहीं अगर आप 4,800 या 4,700W कूलिंग कैपेसिटी वाला एअर कंडीशनर नौर्थ इंडिया में ले रहे हैं, तो हो सकता है कि वह 125 स्क्वायर फीट तक ही काम कर पाए.

यदि आप के कमरे की खिड़की या दीवार सीधे सूरज की रोशनी (पश्चिम या दक्षिण दिशा) के संपर्क में आती है, तो आप को सामान्य से 0.5 टन अधिक क्षमता वाला AC लेना चाहिए. साथ ही अगर आप का कमरा घर की सब से ऊपरी मंजिल (Top Floor) पर है और छत सीधे धूप में रहती है, तो 1.5 टन के बजाय 2.0 टन का एसी लेना बेहतर होगा.

वारंटी का क्या मतलब है समझ लें

एसी खरीदते समय केवल उस की कीमत या ब्रैंड न देखें, बल्कि वारंटी की शर्तों को गहराई से समझना बहुत जरूरी है.

कंप्रेसर एसी का सब से महत्त्वपूर्ण और महंगा हिस्सा है. ज्यादातर कंपनियां अब कंप्रेसर पर 10 साल की वारंटी देते हैं. इसलिए चेक करें कि यह फुल वारंटी हो, न कि केवल लिमिटिड.

इनवर्टर एअर कंडीशनर में पीसीबी लगे होते हैं. पीसीबी की कीमत बहुत ज्यादा होती है. ग्राहक यह सोचता है कि पीसीबी अगर फेल हो गया तो उस का खर्चा ज्यादा आएगा इसीलिए पीसीबी की वारंटी जरूर चेक कर लें. कोशिश करें कि ऐसा मौडल चुनें जिस में PCB पर कम से कम 5 साल की वारंटी हो. बिना वारंटी के पीसीबी बदलवाने का खर्च ₹5,000 से ₹10,000 तक हो सकता है.

हमेशा कौपर कंडैंसर वाला एसी लें. कुछ ब्रैंड कंडैंसर पर 1 से 5 साल की वारंटी देते हैं. कौपर पर वारंटी होना लीकेज की समस्या से सुरक्षा देता है.

कुछ कंपनियां वारंटी अवधि के दौरान गैस लीक होने पर फ्री गैस रीफिलिंग की सुविधा देती हैं. यह एक बड़ा प्लस पौइंट है.

एसी खरीदते समय यदि कंपनी अतिरिक्त वारंटी (Extended Warranty) का विकल्प दे रही है, तो उसे लेना एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है, खासकर पीसीबी और कंडैंसर के लिए.

विंडो या स्प्लिट एसी में से क्या लेना सही रहता है

विंडो एसी शोर करता है जबकि उसे खिड़की के बाहर लगाया जाता है और स्पिल्ट एसी को कमरे के अंदर (इनडोर) लगाया जाता है और इस में आवाज ज्यादा नहीं आती. यही वजह है कि लोग स्प्लिट एसी लेना ज्यादा पसंद करते हैं.

अधिकांश स्प्लिट एसी अब इनवर्टर तकनीक के साथ आते हैं, जो बिजली की भारी बचत करते हैं. विंडो एसी में यह विकल्प सीमित और कम प्रभावी होते हैं.

विंडो एसी के लिए आप को कमरे में एक बड़ी खिड़की की जरूरत होती है. अगर खिड़की नहीं है, तो दीवार काटनी पड़ती है. साथ ही, यह आप की खिड़की को ब्लौक कर देता है, जिस से रोशनी और ताजा हवा आना बंद हो जाती है. यह बात हर किसी को पसंद नहीं आती है.

वहीं दूसरी तरफ स्प्लिट एसी आप कमरे की किसी भी दीवार पर लगा सकते हैं. इस के लिए बस एक छोटे से छेद की जरूरत होती है जिस से पाइप बाहर जा सके.

कमरे के इंटीरियर के बात करें तो भी स्पिल्ट एसी देखने में स्लीक सा अच्छा लगता है और विंडो एसी लुक वाइज उतना अच्छा नहीं लगता.

यदि आप अकसर घर बदलते हैं, तो विंडो एसी शिफ्ट करना आसान और सस्ता पड़ता है. स्प्लिट एसी को अनइंस्टौल और रीइंस्टौल करने कराने में खर्च ज्यादा होता है.

(नोएडा में एलजी शोरूम के रिप्रेजेंटेटिव शानू गुप्ता से की गई बातचीत पर आधारित)

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