Mother's Day 2025 :  दशकों से, फाइनेंसियल सिक्योरिटी को पारंपरिक नज़रिए से देखा जाता रहा है. महिलाओं को इंश्योरेंस कवरेज में शामिल किया गया हो या नहीं, लेकिन वे शायद ही इश्योरेंस से जुड़े फैसले लेती थी लेकिन अब यह तेज़ी से बदल रहा है,अधिकतर महिलाएं अब सिर्फ आय अर्जित करने के लिए ही बल्कि परिवार की फाइनेंसियल सिचुएशन से जुड़े फैसले लेने के लिए भी आगे आ रही है. टर्म इंश्योरेंस कंपनियां भी इसी बदलाव को समझते हुए ऐसे प्लान ला रही हैं जो महिलाओं, खासकर मदर्स को, खुद और अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित करने में मदद करते हैं.

फाइनेंसियल सिक्योरिटी

वरूण अग्रवाल, हेड-टर्म इंश्योरेंस, पौलिसीबाजार डौट कौम का कहना है कि एक मां जो कुछ भी हमारे लिए करती है! उसे सिर्फ एक दिन में नहीं बताया जा सकता है, लेकिन मदर्स डे निश्चित रूप से यह सोचने का एक अच्छा अवसर है कि उनकी फाइनेंसियल सिक्योरिटी और भलाई के लिए क्या किया जा सकता है. हम उन महिलाओं का सम्मान करते हैं जो हमारा पालनपोषण करती हैं और हमारा ख्याल रखती हैं.

लेकिन क्या हमने सोचा है कि उन्हें इमोशनल और साथ ही फाइनैंसियल रूप से सुरक्षित रखना कितना जरूरी है?  खासकर जब वर्किंग मदर्स की बात आती है, जो न केवल घर की देखभाल करती हैं, बल्कि घर की आय, परिवार से जुड़े फ़ैसलों और भविष्य की योजना बनाने में भी योगदान देती हैं, इससे उनकी फाइनैंसियल सिक्योरिटी का सवाल और भी महत्वपूर्ण हो जाता है. फिर भी, उनकी बदली हुई जिम्मेदारियों के बावजूद, कई मदर्स के पास पर्याप्त इंश्योरेंस नहीं होता या फिर कोई इंश्योरेंस होता ही नहीं.

और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...