Summer plant care : गर्मियों में तापमान 35°C से 48°C तक पहुंच सकता है. इस दौरान मिट्टी जल्दी सूख जाती है. जड़े गर्म होकर क्षतिग्रस्त हो सकती हैं. पौधे का ट्रांसपिरेशन बढ़ जाता है.फूल और कली झड़ने लगती है इसलिए गर्मी के मौसम में पौधों को हरा-भरा रखने के लिए विशेष तरह के उपायों को करने की आवश्यकता होती है. आइए जानें कैसे-

हीट स्ट्रेस से कैसे मरते है पौधें ?

जब तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और मिट्टी सूखी रहती है, तो पौधों में “हीट स्ट्रेस” पैदा हो जाता है. इस स्थिति में पत्तियां जलने लगती हैं, पौधे मुरझा जाते हैं और कई बार पूरी तरह सूख भी सकते हैं.

हीटवेव (लू) के दौरान इमरजेंसी प्लांट केयर प्लान

जब तापमान 42°C से ऊपर चला जाए तो सामान्य देखभाल पर्याप्त नहीं होती. ऐसे समय में यह विशेष योजना अपनाएं-

मिट्टी पर सूखी पत्तियां, भूसा या नारियल की भूसी डालकर नमी बनाए रखी जा सकती है. इसे “मल्चिंग” कहा जाता है.

इसके अलावा पौधों को सीधी धूप से बचाने के लिए हल्की छांव या जाल का इस्तेमाल करना भी फायदेमंद रहता है.

सुबह बहुत जल्दी (4:30–6:30) गहरा पानी दें

शाम को हल्का फोलियर स्प्रे (सादा पानी) करें

शेड नेट या कपड़े से अस्थायी छाया बनाएं

गमलों को सीधे फर्श पर न रखें – नीचे लकड़ी या स्टैंड रखें

पौधों के एक दूसरे के पास रखें ताकि माइक्रो-क्लाइमेट बने

हीटवेव में पौधों को “कम स्ट्रेस, ज्यादा नमी, कम खाद” का नियम अपनाएं.

आज ही सब्सक्राइब करें सरिता 
 आपके लिए स्पेशल छूट 

आज ही सब्सक्राइब करें सरिता   आपके लिए स्पेशल छूट 

गर्मी में घरेलू नुस्खे न अपनाएं

अक्सर लोग अनजाने में पौधों की जड़ों में बची हुई चायपत्ती, सड़ी-गली चीजें या सरसों की खल्ली डाल देते हैं. गर्मी के मौसम में ऐसा करने से गमले की मिट्टी का तापमान अचानक बढ़ जाता है. जड़ों में फंगस लगने से पौधे सूखने लगते हैं. इसलिए गर्मी में इन चीजों को डालने से बचें.

कैसे पहचाने पौधें गर्मी में झुलस गए है-

पत्तियों के किनारे भूरे होना

सफेद या पीले धब्बे

नई पत्तियां सिकुड़ना

अगर ऐसा दिखें तो जरुरी है कि पौधों को उठाकर छाया में रखें और जाली हुए पत्तियों को काट दें.

कितनी मात्रा में पानी दें?

छोटे गमले: रोजाना हल्का पानी

बड़े गमले: 1–2 दिन में गहराई तक पानी

सुबह और शाम दोनों समय पानी देना जरुरी होता है.

पौधों में नमी बनी रहनी चाहिए अगर वह जल्दी जल्दी सुख रहे है तो दिन में भी थोड़े पानी का छिड़काव कर दें.

गर्मियों में सतह सूखी हो सकती है लेकिन मिट्टी के 15-20 सेमी नीचे नमी बनी रहती है.

अधिकांश पौधों की जड़ों की गहराई अधिक हो जाती है ऐसे में यह पौधे पानी को अच्छी तरह खींच सकते हैं. इसलिए पेड़-पौधों को पानी देने के लिए एक निश्चित समय और पानी की उचित मात्रा को निर्धारित कर लें.

ग्रीन शेड मददगार

जब दोपहर में धूप ज्यादा बढ़ जाती है, कई लोग गमलों में लगे पौधों को छांव में रख देते हैं. ऐसा करने में काफी मेहनत और समय लगता है. इसके बजाए घर की छत या बालकनी में पौधों के लिए ग्रीन या व्हाइड कलर की शेड भी तैयार कर सकते हैं. ग्रीन शेड लगाने से पौधों को सीधी धूप नहीं लगती हैं. इससे धूप का 98 फीसदी प्रभाव कम हो जाता है, इसके अलावा गमलों को चारों तरफ से कपड़े से ढककर कपड़े को गीला करके रख दें. इससे पौधे मुरझाने और झुलसने से बच जाएंगे.

जैविक खाद का प्रयोग करें

गर्मियों में खाद का इस्तेमाल सोच समझ कर करना चाहिए. तेज धूप के कारण पौधे जल सकते हैं और उनकी ग्रोथ भी रुक सकती है. ऐसे में कैमिकल युक्त कीटनाशक छिड़कने से बचना चाहिए. लेकिन आप नन्हे पौधों के लिए जैविक खाद का प्रयोग कर सकते हैं. खाद बनाने से पौधों, खासकर फल देने वाले और फूल वाले पौधों को पानी देने के साथ-साथ हाइड्रेटेड और स्वस्थ रखने में मदद मिलती है. वैसे गर्मी में रासायनिक खाद से ज्यादा अच्छी पोटाशियम वाली खाद होती है इसलिए उसका ही उपयोग करें. साथ ही मिट्टी का पी एच मान यदि सामान्य से अधिक है तो एलुमिनियम सल्फेट की खाद नए पौधों में डालें.

अपने बगीचे से खरपतवार हटाएँ

खरपतवार कीटों और बीमारियों को भी बुलावा दे सकते हैं. यदि आप छोटे बगीचे या गमलों और फूलदानों में पौधे उगा रहे हैं, तो आप उन्हें उखाड़कर खरपतवारों को नियंत्रित कर सकते हैं. और बड़े बगीचे या पौधों के लिए, कुदाल और कुदाल जैसे बागवानी उपकरणों का उपयोग करें.

धूप से बचाएं पौधें

तेज धूप में पौधें झुलस जाते है और ज्यादा देर धूप में रहने पर ये सूख जाते है इसलिए पौधों को केवल कुछ घंटों के लिए सुबह ही धूप में रखे. इसके आलावा रो कवर का उपयोग वसंत या पतझड़ में पौधों को गर्म रखने के लिए किया जाता है. साथ ही, वे गर्मियों के दौरान तेज धूप को रोककर कीटों को दूर रखने में मदद करते हैं. लंबे समय तक तेज धूप के दौरान, आप कई दिनों या हफ़्तों तक रो कवर छोड़ सकते हैं.इनका उपयोग भी पौधों को धूप से बचाने के लिए किया जा सकता है.

मल्च का प्रयोग करें

मल्च एक ऐसी सामग्री है जिसे पौधे को ठंडा रखने के लिए मिट्टी की सतह पर फैलाया जाता है. इसके अलावा, मल्च खरपतवारों को रोकता है और नमी बनाए रखने में मदद करता है. मल्च में खाद, पेड़ की छाल, अखबार, घास के टुकड़े, चूरा और कटे हुए पत्ते शामिल हैं. साथ ही, मल्च को हर कुछ दिनों में पलट दें और जब यह सड़ जाए तो इसे बदलना न भूलें.

संक्रमित पौधों को अलग कर दें

जब भी आप ऐसे किसी पौधे को देखें, जो ब्राउन हो रहा हो, सूखा, मुरझाया या फिर और किसी तरह से बीमार नजर आ रहा हो, कैंची या गार्डनिंग शियर्स की एक पेयर लें और उस शाखा को बेस से पूरा काटकर अलग कर दें. इन शाखाओं को अपने गार्डन में कम्पोस्ट के लिए रखने की बजाय, अलग कर दें, क्योंकि अगर इनमें कोई भी पौधे की बीमारी हुई, तो ये अभी आसपास के पौधों में फैल सकती है.

फर्टिलाइजर का यूज न करें

वैसे तो फर्टिलाइजर पौधे को कीट पतंगों से बचाने का काम करते हैं, लेकिन गर्मी में दिनों में इसके प्रयोग से बचना चाहिए. खासतौर पर जब आपके पौधे गर्मी से मुरझा गए हों. फर्टिलाइजर वास्तव में आपके पौधों के दोस्त हैं क्योंकि वे उन्हें पनपने और पोषित होने में मदद करते हैं. हालांकि, अत्यधिक गर्मी के दौरान, आपके पौधे केवल किसी तरह जीवित रहने की उम्मीद कर रहे हैं. इसलिए, जब तक पारा कुछ डिग्री नीचे न गिर जाए, तब तक फर्टिलाइजेशन को रोक कर रखें.

गर्मी में कौन से पौधे लगाएं?

आप अपने घर और बगीचे में कुछ ऐसे पौधे लगा सकते हैं जो गर्मी आसानी से सहन कर लेते हैं.

फूल वाले पौधे-  मोगरा (Jasmine), गेंदा (Marigold), डेलिया, अपराजिता (विष्णुकांता), और गुड़हल (Hibiscus).

सब्ज़ियाँ-  लौकी, तोरई, खीरा, ककड़ी, भिंडी, और करेला.

इनडोर और सजावटी पौधे- एलोवेरा, स्नेक प्लांट, मनी प्लांट, और कोलियस.

और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...