Toxic relationship signs : बहुत सालों पहले एक गाना आया था, ‘हर किसी को नहीं मिलता यहां प्यार जिंदगी में, खुशनसीब हैं वो जिन को है मिली ये बहार जिंदगी में…’ अगर वास्तविक जीवन में देखने जाएं तो यह बात सोलह आने सच है कि जिस की जिंदगी में सच्चा प्यार होता है, कोई परवाह करने वाला होता है, तो उस से ज्यादा खुश रहने वाला इंसान कोई और नहीं होता क्योंकि आज के समय में जहां कोई किसी से प्यार नहीं करता, हर चीज स्वार्थ पर टिकी है. हालत इतने खराब हैं कि अपने स्वार्थ के लिए एक इंसान दूसरे इंसान को कच्चा खाने को भी तैयार है, अपनेआप को जवान दिखाने के लिए छोटे बच्चों का खून पीने को भी तैयार हैं.
हाल ही में एपस्टिन (Epstein) फाइल के खुलासे में यह दर्दनाक सच सामने आया है. ऐसे में अगर किसी इंसान को सच्चा प्यार करने वाला एक प्यारा इंसान भी मिल जाता है तो उस की दुनिया खुशियों से भर जाती है क्योंकि आज आदमी हो या औरत, बूढ़े हों या जवान हर किसी को एक ऐसे इंसान की चाह होती है जो उस को दिल से प्यार करे, उस की खुशियों की परवाह करे, इतना प्यार कि सारे नखरे उठाएं, उस की खुशी में खुश और उस के दुख में दुखी हों. अगर कोई ऐसा प्यार करने वाला इंसान किसी की जिंदगी में आ जाता है तो उस को ठीक वैसा ही महसूस होता है जैसे तेज चिलचिलाती धूप में बारिश की बूंदें. प्यार में इतनी ताकत होती है कि प्यार में पड़ने के बाद एक बुरा इंसान भी अच्छा बनने की कोशिश करता है.
लेकिन एक सच यह भी है कि जब कोई इंसान प्यार में पड़ जाता है और वह सामने वाले से इतना प्यार करने लगता है कि उस की बुराई भी अच्छाई नजर आती है, जहां उस को उस प्यार करने वाले प्रेमी की सभी बातें सही लगती हैं, तो अपने करीबी दोस्त या परिवार वालों की जो उस के साथ सालों से साथ हैं, उन की कही सही और अच्छी बातें भी गलत लगने लगती हैं, जो उस के प्रेमी के खिलाफ हो क्योंकि प्यार करने वाले को असुरक्षा की भावना के चलते सभी अपने दुश्मन नजर आने लगते हैं. प्यार में अंधे हुए लोग सामने सच देख कर भी उसे झूठ समझते हैं. सहीगलत में फर्क करना भूल जाते हैं और यहीं से शुरू होती है बरबादी की कहानी.

सच्चा प्यार और साइको लवर वाला प्यार में फर्क
सच्चा प्यार जहां इंसान को शारीरिक और मानसिक तौर पर ताकतवर और मजबूत बनाता है, वहीं विकृत प्रवृत्ति वाले इंसान के प्यार में पड़ने के बाद जोकि साइको लवर है, उस का प्यार एक इंसान को असुरक्षा की भावना, अपराधबोध से ग्रस्त, मानसिक और शारीरिक तौर पर दुखी बना देता है.
कहने का मतलब यह है कि जहां सच्चा प्यार आप की जिंदगी संवार देता है, वहीं साइको लवर आप को अंदर से तोड़ने लगता है. ऐसा प्यार करने वाला इंसान जो ओवर पजेसिव है, आप से प्यार करने के बावजूद आप की गलती न होते हुए भी वह आप को प्रताड़ित कर के, अपराधबोध की भावना आप के मन में डाल कर या आप को नीचा दिखा कर आप से प्यार जताने की कोशिश करता है. यहां तक छोटी सी बात पर आप को मारपीट कर टौर्चर भी करता है लेकिन बाद में ‘सौरी’ बोल कर प्यार भी जताता है, तो सावधान हो जाएं क्योंकि यह आप की जिंदगी की सब से बड़ी गलती है.
अगर आप को साइको लवर से प्यार हो गया है, सावधानी के साथ अपने इस प्यार करने वाले से जितनी जल्दी हो सके पूरी तरह अलग हो जाएं, इस से पहले कि जान के लाले पड़ जाए क्योंकि आजकल आएदिन इसी तरह के साइको लवर के किस्से पत्रपत्रिकाओं में छपते रहते हैं, जिस में वह अपनी ही प्रेमिका को बेदर्दी से मार कर, उस के टुकड़ेटुकड़े कर फ्रिज में भर देते हैं या थैली में बांध कर सुनसान रास्ते पर छोड़ देते हैं.
ऐसे साइको प्रेमी कई बार जो अपनी प्रेमिका को बेवफा समझ कर बेदर्दी से पीटपीट कर मार देते हैं, उन को जेल जाने में या मौत के घाट उतरने में भी कोई प्रौब्लम नहीं होती क्योंकि वे मानसिक रूप से स्वस्थ दिखने वाले खतरनाक पागल होते हैं जो अपने प्यार के लिए या प्यार में धोखा खाने के बाद अपने ही प्रेमी को बुरी तरह जान से मारने में भी पीछे नहीं हटते. जिसे आप प्यार समझते हैं वह प्यार के नाम पर दरिंदगी, वहशीपना करता है. अगर आप के प्रेमी या पति में ऐसे लक्षण मौजूद हैं तो सावधान हो जाएं, इस से पहले कि आप के साथ कोई दर्दनाक हादसा हो जाएं.
अगर आप के प्रेमी या पति में दिखे लक्षण तो हो जाएं सावधान
एक साइकोपैथ ऐसा व्यक्ति है जिस में कोई शारीरिक दोष नहीं है लेकिन विवेक की कमी है. ऐसे लोग मानवीय भावनाओं को नहीं समझते. उन्हें सिर्फ वही करना है जो वे खुद करना चाहते हैं. ये मनोरोगी अपने आसपास के अन्य लोगों के लिए सामान्य होते हैं. कई बार मिलनसार और दिलकश नजर आते हैं लेकिन उन के मन में कुछ और ही चल रहा होता है. जैसे अगर आप किसी रास्ते से जा रहे हैं और वहां पर आप को कोई पुराना दोस्त मिल जाता है जो कालेज के समय से आप का दोस्त है, आप से 2 मिनट हंस कर बात कर लेता है और यह बात आप अपने प्रेमी को नहीं बताते और यह उस को कहीं और से पता चल जाता है तो ऐसे में वह आप से कुछ पूछने के बजाय आप के साथ मारपीट शुरू कर देता है. इतना ही नहीं अगर वह बारबार आप पर चिल्लाता है, आप के दोस्तों और परिवार वालों को गालियां देता है और नहीं चाहता कि कोई भी आप से मिले, तो यह आप के लिए इशारा है कि यह इंसान आप के लिए सही नहीं है.

ओवर पजेसिव होना
अगर आप का बौयफ्रैंड आप को मेल फ्रैंड्स रखने से मना करता है या अगर किसी कारणवश आप उस का कौल नहीं ले पातीं तो वह बारबार आप को कौल कर के आप को कौन्टेक्ट करने की पागलों की तरह कोशिश करता है. आप से बात न हो पाने पर वह आप के सारे रिश्तेदारों और दोस्तों को फोन कर के आप की जानकारी लेने की कोशिश करता है कि आप कहां और किस के साथ हैं तो यह आप के लिए खतरे की घंटी है.
शक करने की बीमारी
दुनिया में हर बीमारी का इलाज है लेकिन शक का कोई इलाज नहीं है. पतिपत्नी के बीच या प्रेमीप्रेमिका के बीच अगर शक का कीड़ा कुलबुलाने लगे तो आप का जीना दुभर हो सकता है क्योंकि शक करने वाला इंसान आप की हर हरकत पर नजर रखेगा. आप का फोन से ले कर फेसबुक, इंस्टा अकाउंट सब के ऊपर नजर रखेगा, यहां तक कि आप की ड्रैसिंग सेंस, मेकअप पर भी रोकटोक करेगा.
कई बार शक की आदत आप को ठीक से जीने भी नहीं दे रही और आप अपनेआप को कैद में रहने जैसा महसूस कर रही हैं तो यह आप के आगे के जीवन के लिए और भी कठिनाई से भरा होगा.
भावनात्मक असंतोष
साइको लवर या पति अपने साथी के लिए इमोशनलेस होते हैं. उन्हें अपने साथी की खुशी, सम्मान, मूड से कोई लेनादेना नहीं होता. न ही उन्हें किसी बात का अपराधबोध होता है. अगर मारनेपीटने या बेइज्जती के बाद वह अपने प्रेमी से ज्यादा प्यार दिखाते हैं तो यह सिर्फ उन की नकली हरकत होती है, ताकि उन का साथी बुरे व्यवहार की वजह से साइको प्रेमी को छोड़ कर न जाएं. अगर आप का पति या प्रेमी हिंसक व्यवहार बारबार करता है तो उस से दूरी बना लें.
नियंत्रण में रखने की कोशिश
मनोरोग से ग्रस्त प्रेमी हर मुमकिन कोशिश करता है कि उस का साथी पूरी तरह उस के नियंत्रण में रहें. बिना उस की मरजी के उस का साथी एक कदम भी आगे न बढ़े, वह हर जगह उस के साथ रहना चाहता है ताकि बस नजर रख सके.
अगर कोई लड़की अपने महिला दोस्तों के भी साथ है, फिर भी उस का पति बारबार फोन कर रहा है और बिना किसी वजह के घर जल्दी आने के लिए कह रहा है तो इस का मतलब यही है कि वह आप को पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखना चाहता है.
अभिमान से ग्रस्त
ऐसे लोग अपनेआप को सुपरहीरो समझते हैं. अपने साथी के सामने झूठमूठ की डींगें मारते रहते हैं और अगर आप अपनी खुद की तारीफ में अपनी कुछ उपलब्धियों के बारे में बताते हैं तो वह उस को सुनना भी पसंद नहीं करते.
अपनी बात मानने की जिद
गौरतलब है कि खासतौर पर साइको प्रेमी जो मनोरोगी हैं उन में लोगों को पढ़ने की क्वालिटी होती है. लिहाजा, वे अन्य लोगों को पढ़ सकते हैं कि उन के मन में क्या चल रहा है. ऐसे में वे न सिर्फ बनाबनाया प्रोग्राम कैंसिल कर देते हैं बल्कि ऐसी सिचुएशन क्रिएट कर देते हैं कि उन का साथी खुद बाहर न जा पाएं क्योंकि मनोरोगी प्रेमी अपने प्रेम संबंधों को अपने तरीके से जीना चाहते हैं. ऐसे लोगों के दोस्त बहुत कम होते हैं इसलिए वे चाहते हैं कि उन का पार्टनर अपना ज्यादा से ज्यादा समय उन को ही दे. अगर किसी कारणवश ऐसा नहीं होता, तो उन के दिमाग में खुराफात चलने लगती है कि अपने प्रेमी को कैसे परेशान किया जाए.
साइको लवर पर आधारित फिल्में
साइको लवर पर कई सारी फिल्में बनी हैं और इन फिल्मों ने बौलीवुड में अच्छा नाम भी कमाया है.
अंजाम : इस फिल्म में शाहरुख खान माधुरी से प्यार करता है लेकिन माधुरी प्यार नहीं करती. इस के बाद वह माधुरी को बहुत टौर्चर करता है.
गुप्त : काजोल, बौबी देओल और मनीषा कोइराला अभिनीत फिल्म ‘गुप्त’ में काजोल को मनोरोगी बताया गया है, जो प्यार में पड़ कर उन के प्यार के बीच में आने वालों का मर्डर तक कर देती है.
इस के अलावा अरबाज खान, जूही चावला, ऋषि कपूर अभिनीत ‘दरार’, नाना पाटेकर मनीषा कोइराला अभिनीत ‘अग्निसाक्षी’ की कहानी भी साइको लवर पर ही केंद्रित हैं.
इस से यही निष्कर्ष निकलता है कि जान है तो जहान है. अगर आप की जिंदगी में कोई ऐसा प्रेमी है जो आप से प्यार से ज्यादा शक और अत्याचार करता है, आप को खुश नहीं बल्कि दुखी करता है तो ऐसे इंसान से आप तुरंत दूरी बना लें.
