राइटर – कृति आर के जैन 

True love tips : शादी  को भले ही 10-15 साल बीत जाएं, बच्चे बड़े हो जाएं और जिंदगी अपनी ही रफ्तार में व्यस्त हो उठे, प्यार अकसर चाय की तरह ठंडा पड़ने लगता है. बातें भी ‘बिजली का बिल आया,’ जैसी जरूरतों तक सिमट जाती हैं. मगर सच कहें तो कुछ दिल ऐसे भी होते हैं जो सालों बाद भी उसी पहली नजर वाले जादू में धड़कते रहते हैं.

जोड़ों की ऐसी मिसालें आज भी मिल जाती हैं जो भीड़ में भी धीरे से एकदूसरे का हाथ थाम लेते हैं, एक  झलक में मुसकराहट बांट लेते हैं और चाय में जरा सी ज्यादा इलायची डाल कर बिना कुछ कहे अपना प्यार जी लेते हैं. उन का असली जादू क्या है? न धन, न कुछ और बस 10 छोटेछोटे मगर रूह को छू लेने वाले नियम, जिन्हें निभा लिया जाए तो रिश्ता उम्र नहीं देखता, फिर से जवान हो उठता है.

पहली मुलाकात फिर से जी लीजिए

कहां जाते हो यह माने नहीं रखता. बस उस पहले दिन वाला एहसास, वह  िझ झक, वह चमक उसे दोबारा जगा दीजिए. एक ही शाम काफी है रिश्ते की बु झती लौ को फिर उजाला देने के लिए.

रोज 10 मिनट सिर्फ 2 दिलों के लिए

न शिकायतें, न बो झ, न चर्चा. बस साथ बैठना. वही सुकून जो भीतर जमी महीनों की थकान को बिना शोर के पिघला देता है.

फ्लर्टिंग कभी बंद न कीजिए

एक मीठा मजाक, एक शरारती मुसकान, एक हलका सा प्रशंसाभरा वाक्य- यहीं से रिश्ते में फिर ताजी हवा चल पड़ती है.

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बैडरूम को अपना सुरक्षित आश्रय बनाएं

जहां दुनिया का शोर दरवाजे पर रुक जाता है और अंदर बस अपनापन, भरोसा और नर्मी ही नर्मी रहती है.

तारीफ की कोई ऐक्सपायरी डेट नहीं होती

तारीफ का कोई मौसम नहीं होता. वह आज भी आप के लिए खूबसूरत है और आप आज भी उन के एक शब्द से मुसकरा उठती हैं. प्यार बोला जाए तभी जिंदा रहता है.

हर साल एक नया अनुभव जोडि़ए

कोई नई चीज सीखें- डांस, कुकिंग, ट्रैकिंग, कुछ भी. नई गलतियां, नए हंसी के पल, नए रोमांच यही वे धागे हैं जो रिश्ते की जड़ों में हर साल नई मिट्टी भर देते हैं.

गुस्सा आए पर स्पर्श न टूटने दें

झगड़ा हो जाए, हो जाता है लेकिन रात को हाथ पकड़ कर सो जाएं, यह बताता है कि रिश्ता लड़ाइयों से बड़ा है. स्पर्श में अद्भुत हीलिंग पावर है.

निकटता सिर्फ महसूस की जाए

कभी सिर्फ एक लंबा आलिंगन ही काफी होता है. प्यार हमेशा शरीर से नहीं, कभी मन की खामोशियों से भी बहता है.

पहले दोस्त फिर जीवनसाथी

अगर दोस्ती बची रहे तो रिश्ता किसी भी मौसम में नहीं टूटता. प्यार धीमा नहीं पड़ता- बस और गहरा, और स्थिर, और खूबसूरत होता जाता है. और आज रात, जब वह शांति से विश्राम करने आएं, हलकी सी मुसकान के साथ उन के कानों में बस इतना फुसफुसा दीजिए- ‘‘जानते हैं, आप को देख कर मेरा मन आज भी बिलकुल उसी तरह धड़क उठता है जैसे पहली बार आप को देख कर धड़का था.’’

देखिएगा, 10-15 साल बाद भी उन के चेहरे पर वही प्यारी सी लाज खिल उठेगी, वही पुरानी मुसकान, जिसे समय कभी छू भी नहीं पाया क्योंकि सच्चा प्रेम समाप्त नहीं होता, वह तो बस प्रतीक्षा करता है. थोड़े से स्नेह की, थोड़े से समय की और एक सुकून भरे स्पर्श की. आज से शुरू कर दीजिए. पहला प्यार वापस लौट आएगा. यकीन रखिए- यह वादा भी है और सचाई भी.

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