क्या आप एक ऐसे व्यक्ति हैं जो घर में अकेले रहने के बहाने ढूंढते हैं? दोस्तों के साथ बाहर जा कर मस्ती करने के बजाय घर में अपने साथ वक्त बिताना पसंद करते हैं?  बाहर जाने के प्रोग्राम महज इस वजह से कैंसिल कर देते हैं क्योंकि आप ट्रैफिक जाम, भीड़भाड़ और सोशल गैदरिंग वगैरह से दूर रहना पसंद करते हैं? दूसरे लोगों की झूठी, चापलूसी भरी बातें या भलाई बुराई करने की आदत बर्दाश्त नहीं कर पाते?

सामान्य तौर पर ऐसे लोगों को हम एंटीसोशल, डिप्रेस्ड और मतलबी जैसे उपनामों से सुशोभित करते हैं. पर आप परेशान न हो. आप एंटीसोशल नहीं बल्कि इंटेलिजेंट है.

हाल ही में ब्रिटिश जर्नल औफ साइकोलौजी में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक इंटेलिजेंट लोगों को अपना साथ ज्यादा पसंद आता है. 18 से 28 साल के 15,000 प्रतिभागियों पर किए गए इस अध्ययन के परिणाम काफी आश्चर्यजनक रहे. इस अध्ययन के 3  मुख्य परिणाम सामने आए.

पहला यह कि अधिक जनसंख्या के बजाय कम जनसंख्या वाले इलाकों में रहने वाले लोग अपनी जिंदगी से अधिक संतुष्ट रहते हैं. दूसरा यह कि यदि कोई व्यक्ति अपने दोस्तों के साथ समय बिताता है तो उसे अधिक प्रसन्नता महसूस होती है.

मगर इस के अपवाद भी हैं. यह अध्ययन जब इंटेलीजेंट लोगों पर किया गया तो परिणाम बिल्कुल विपरीत निकले. इस के मुताबिक जब स्मार्ट और इंटेलिजेंट व्यक्ति अपने दोस्तों के साथ समय बिताते हैं तो इस से उन्हें अधिक खुशी नहीं मिलती. जब कि वे अकेले रहने में ज्यादा खुश रहते हैं।

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