Healthy intimate relationships : ‘‘अभी  बहुत सी बातें रह गई हैं जैसे सैक्स संबंध कहां बनाएं, यह तय करना जरूरी है क्योंकि इस दौरान पकड़े जाने पर जगहंसाई के साथ सिक्युरिटी का इशू भी आ जाता है.

‘‘सैक्स संबंध खुशनुमा स्थान पर ही हो तो ही आनंद आता है पर यह सुरक्षित स्थान तो शादी के बाद ही मिलता है.

‘‘सैक्स के दौरान फोटो या वीडियो खतरनाक साबित होते हैं. गुंडेमवाली ऐसे जोड़ों को ब्लैकमेल करते हैं जो पकड़े जाएं. भगवा गैंग भी इस में शामिल हो गए हैं.

‘‘इन पर विस्तार से जोड़ कर लिखें. सुख के साथ सुरक्षा और संतोष दोनों जरूरी हैं.’’

हंसी के पात्र न बनें

पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के नोएडा की महंगी यूनिवर्सिटी के एक कोने का एक वीडियो वायरल हुआ जिस में एक लड़का और लड़की एकदूसरे को किस कर रहे हैं, वायरल होना ही था. जहां ऐसे दृश्य आजकल आम होते जा रहे हैं वहीं वीडियो बनाने वाले भी फटाफट काम पर लग जाते हैं. कुछ सैकंड्स में ही आप सब जगह हंसी के पात्र बन रहे होते हैं. कुछ सैकंड्स का भूत अपना वीडियो देखते ही देखते उतर जाता है, प्यार का भूत भाग जाता है, रह जाता है शर्मिंदगी का एहसास. अमीर जोड़े सैक्स संबंध बनाने के लिए होटल बुक कर लेते हैं, आम मध्यवर्गीय जोड़े यों ही कोने खोमचे में आप को कई तरह की क्रियाओं में एकदूसरे में खोए दुनिया भुलाए हुए कहीं भी मिल जाएंगे.

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वैलेंटाइन डे पर तो जैसे इन के ऊपर एक खास नजर रहती है. लोग पार्कों में डंडे ले कर इन्हें खोज रहे होते हैं और पकड़े जाने पर ये बेचारे सफाई देते रह जाते हैं कि ये शादीशुदा हैं. तो इस का मतलब यह भी होता है कि शादी कर के ही सैक्स सुरक्षित जगह पर किया जा सकता है. अविवाहित जोड़ों के लिए सैक्स कहां करें, यह चिंता की बात रहती है और करने की जगह मिल भी जाए तो कई परेशानियां दिमाग में चलती हैं. जैसा मूवीज में दिखाया जाता है, कहीं भी कैसे भी शुरू हो गए. यकीन करें, रियल लाइफ फिल्मों से बहुत दूर है. रियल लाइफ में कहीं भी सैक्स करने की सोचेंगे तो गुंडे मवाली आप की फोटो खींच सकते हैं, आप को ब्लैकमेल कर सकते हैं. ये आजकल इसी ताक में रहते हैं कि कोई शिकार फंसे.

व्यावहारिकता के पहलुओं को ध्यान में रखें

2 इंसानों के बीच जब प्रेम होता है तो देह की दूरी भी पार कर ही ली जाती है. इस में कोई बुराई भी नहीं. यह प्राकृतिक है, स्वाभाविक है. शारीरिक रूप से किसी के भी करीब आना हर लड़की और लड़के के दिल और दिमाग से जुड़ा होता है. कभीकभी ऐसी स्थिति भी होती है कि कुछ पलों में कुछ भावनाएं इस तरह से भी उभर आती हैं कि ज्यादा सोचनेसमझने की गुंजाइश नहीं रहती.

इन संबंधों के संदर्भ में नैतिक रूप से सही होने और प्रैक्टिकल होने के बीच का अंतर कई बार अलगअलग हो सकता है. जब हम किसी से शारीरिक संबंध बनाने के बारे में सोच रहे होते हैं तो हमें केवल नैतिक मूल्यों के बारे में ही सोचविचार नहीं करना चाहिए बल्कि व्यावहारिकता के पहलुओं को भी ध्यान में रखना चाहिए.

द्य नैतिकता से मतलब है कि जो किसी समाज, धर्म या संस्कृति ने सही और गलत तय कर दिया है, वह करना. हमारे धर्मों ने तो वैसे भी ज्ञान देने का ठेका ले ही रखा है चाहे रातदिन धर्मधर्म का जाप करने वाले कई कुकर्मों में लिप्त पाए जाते रहे हों, दूसरों को नैतिकता का पाठ देते ही रहे हैं. यह हर धर्म और हर समाज की बात हो सकती है. समाज और धर्म अपने लोगों से बड़ी उम्मीद करता है. उदाहरण के लिए इसे ऐसे समझ सकते हैं कि किसी विशेष समाज में विवाह के बाहर संबंध बनाना नैतिक रूप से गलत माना जा सकता है पर समाज के कुछ हिस्सों में इसे पर्सनल फ्रीडम का हिस्सा समझ जा सकता है.

द्य वहीं प्रैक्टिकल हो कर समझ जाए तो यह देखना पड़ता है कि इस संबंध में कोई फैसला कैसे हमारी लाइफ पर प्रभाव डालेगा चाहे वह शारीरिक, मानसिक या सामाजिक स्तर पर हो. शारीरिक संबंधों में प्रैक्टिकल होने का मतलब है कि हम अपने फैसले को तार्किक और यथार्थवादी दृष्टिकोण से अच्छी तरह समझ लें जिस में आगे आने वाली लाइफ की हैल्थ, सुरक्षा, सहमति और रिलेशनशिप की मजबूती जैसी बातों पर विचार कर लिया गया हो. सिर्फ भावनाओं में न बहती जाएं सिर्फ मोरैलिटी के चक्कर में न पड़ें.

संबंध बनाने से पहले

शारीरिक संबंध से पहले यह तय करना जरूरी है कि दोनों पक्षों की हैल्थ को कोई खतरा न हो. इस के लिए सैक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज से बचाव के उपाय अपनाना जैसेकि कंडोम का उपयोग करना जरूरी है. इस के लिए यह भी ध्यान रखें कि कोई अनापेक्षित प्रैगनैंसी न हो. गर्भनिरोधक का उपयोग और इस के विकल्पों के बारे में जानकारी होना बहुत महत्त्वपूर्ण है ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.

मनोवैज्ञानिक और यौन रोग विशेषज्ञ वायसेंट ब्रेट कहते हैं, ‘‘यौन सुरक्षा बहुत महत्त्व रखती है क्योंकि यह संबंध बनाने से होने वाले संक्रमण को रोक सकती है.’’

शारीरिक संबंधों में आपस की रजामंदी बहुत महत्त्व रखती है. वैसे भी सहमति तो किसी भी संबंध की नींव होती है. दोनों लोगों का सहज और अपनी इच्छा से संबंध बनाना एक स्वस्थ संबंध की पहचान है. किसी भी तरह का दबाव या जबरदस्ती नैतिक और व्यावहारिक दोनों तरह से गलत है.

कई बार लोग शारीरिक संबंधों को केवल एक शारीरिक क्रिया मान लेते हैं लेकिन ऐसा नहीं है. इस के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी हो सकता है. लड़कियां तो विशेष रूप से प्रेम में, भावनाओं में डूबने पर ही शारीरिक रूप से करीब आती हैं इसलिए दोनों ही इस के लिए भावनात्मक रूप से करीब आएं तो बेहतर होगा और मिल कर ही किसी भी परिणाम का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें.

किसी रिश्ते में जुड़ना, नजदीकी होना स्वाभाविक ही है, फिर शारीरिक रूप से भी करीब होना सब नैचुरल है पर यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए, आपस में बात कर लेनी चाहिए कि आप के रिश्ते का भविष्य क्या है और आप के रिश्ते में शारीरिक नजदीकी का क्या स्थान है.

कई बार इन संबंधों का प्रभाव आप के सामाजिक और आर्थिक जीवन पर भी पड़ सकता है. उदाहरण के लिए अगर किसी का संबंध चोरीचोरी, गुप्त रूप से चल रहा है और भविष्य में सब को पता चल जाए तो इस का प्रभाव आप के कैरियर, परिवार और समाज में आप की स्थिति पर पड़ सकता है. ऐसे में प्रैक्टिकल हो कर यह सोचना जरूरी है कि आप ऐसी स्थिति में हैं या नहीं जहां आप इन परिणामों को संभाल सकते हैं.

इस में कोई संदेह नहीं है कि हमारी लाइफ में नैतिकता का भी एक महत्त्वपूर्ण स्थान है. नैतिकता हमें एक दिशा देती है और घरपरिवार को एक ढांचे में बांध कर रखती है लेकिन इस के साथ ही प्रैक्टिकल हो कर एक बैलेंस बना कर लाइफ में चलना पड़ता है. दोनों को ही नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. सिर्फ नैतिकता की बात कर के ही यथार्थवादी और जिम्मेदार फैसले नहीं लिए जा सकते.

इन संबंधों में न केवल भावनात्मक और शारीरिक पहलू माने रखते हैं बल्कि सामाजिक, मानसिक और हैल्थ से जुड़ी भी कई बातें होती हैं, जिन का ध्यान रखना बहुत जरूरी है.

फिजिकल इंटिमेसी एक बहुत ही पर्सनल अनुभव होता है जो दोनों लोगों की सहमति और विश्वास पर आधारित होता है. इस दौरान फोटो खींचना या वीडियो बनाना निजी पलों की निजता का उल्लंघन हो सकता है. अगर इस तरह के फोटो कभी किसी और के हाथ लग जाते हैं तो इस का बहुत नुकसान हो सकता है. इस तरह की फोटो का दुरुपयोग बहुत होने लगा है.

फिजिकल इंटिमेसी के समय खींचे गए फोटोज कभी भी भावनात्मक आघात का कारण बन सकते हैं. कई बार रिश्तों में तनाव या ब्रेकअप के बाद इन फोटोज का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है जिसे ‘रिवेंज पोर्न’ के नाम से जाना जाता है. इस से मानसिक तनाव, सामाजिक और पारिवारिक अपमान का सामना करना पड़ सकता है.

अंतरंग पलों के समय लिए गए फोटो, रिकौर्डिंग के मामले में कई तरह के कानूनी पहलू भी होते हैं. किसी भी व्यक्ति की सहमति के बिना उस की अंतरंग तसवीरें या वीडियो लेना और उन्हें शेयर करना कानून के तहत गंभीर अपराध माना जाता है. कई देशों में इसे साइबर अपराध और निजता का उल्लंघन मान कर सख्त सजा दी जाती है.

डिजिटल युग में फोटो या वीडियो को लंबे समय तक सेफ रखना मुश्किल होता है. क्लाउड स्टोरेज या अन्य डिजिटल प्लेटफौर्म्स पर ऐसे डेटा का हैकिंग या लीक होने का खतरा बना रहता है. यदि ऐसी निजी तसवीरें इंटरनैट पर लीक हो जाती हैं तो इसे कंट्रोल करना बहुत मुश्किल हो जाता है और इस से जीवनभर के लिए मानसिक और सामाजिक समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

किसी को बताए बिना ऐसे पलों की फोटो लेना रिश्ते में दरार डाल सकता है. यह हरकत न केवल रिश्ते में विश्वास न होना, ईमानदार न होना दिखाती है बल्कि उस व्यक्ति के आत्मसम्मान को भी ठेस लगती है जिस की सहमति के बिना फोटो ले लिए गए हों. ऐसे रिश्तों में सबसे जरूरी चीज है विश्वास वही नहीं रहता है रिश्ता टूटने की भी नौबत आ सकती है.

अगर दोनों की सहमति से मौजमस्ती के लिए कोई फोटो या वीडियो बन रहा हो तो इन पलों के फोटो लेना व्यक्ति को मानसिक रूप से असहज कर देता है. इंसान के दिमाग में यही चलता है कि वह कैसा लग रहा होगा या लग रही होगी. वे स्वाभाविक रूप से इन पलों का आनंद भी नहीं ले पाएंगे, मानसिक तनाव होगा वह अलग.

अगर दोनों का रिश्ता भविष्य में खराब हो जाता है तो ऐसी तसवीरें बहुत सारी समस्याओं को जन्म दे सकती हैं. इन्हें सार्वजनिक या निजी तौर पर शेयर करना बदला लेने का एक जरीया बन सकता है जो न केवल जीवन को प्रभावित करता है बल्कि आप के परिवार, दोस्तों और आप के कैरिअर पर भी बुरा असर डाल सकता है.

फिजिकल इंटिमेसी एक बेहद निजी, प्रेम और विश्वास से भरा व्यक्तिगत अनुभव होता है जिस में एकदूसरे के लिए बहुत विश्वास और सम्मान होना चाहिए. इन पलों के फोटो लेने से बचें, निजता का उल्लंघन न होने दें. ऐसे समय के फोटो लेना कई इमोशनल, मानसिक और कानूनी जोखिमों को भी साथ लाता है. इन पलों की फोटो न लें, न किसी को लेने दें.

कोर्ट में ऐसे कई मामलों में सालों से केस चल रहे हैं जहां किसी ने फिजिकल इंटिमेसी के फोटो लीक कर दिए या उसे ब्लैकमेल किए. अगर ऐसा हो भी जाए तो ठंडे दिमाग से सोचें कि क्या करना है. एकदम निराश और स्ट्रैस ले कर न बैठ जाएं. सब से पहले अपने घर वालों को, दोस्तों को जरूर बता दें. गलत तो हो ही चुका है पर आप के अपनों से आप को मानसिक संबल मिलेगा तो आप को बेहतर अनुभव होगा.

यह गंभीर अपराध

फोटोज लीक करना या ब्लैकमेल करना एक गंभीर अपराध है. इस की शिकायत करें, साइबर सेल से संपर्क करें, अधिकारियों से मिलें. एफआईआर करें. पुलिस आप की हैल्प कर सकती है. जो भी आप के निजी फोटो लीक कर रहा है, उसे 3 साल तक की जेल हो सकती है और कम से कम 2 लाख तक का फाइन हो सकता है.

सैक्स करने से पहले अच्छी तरह देख लें कि करीब आने के लिए जो जगह आप ने सोची है, वह सेफ है या नहीं. अगर आप किसी और के घर में मिल रहे हैं जैसेकि आजकल दोस्तों के खाली पड़े घर इस काम के लिए बहुत काम आते हैं, अच्छी तरह देख लें कि किसी नौकर की कोई हरकत या किसी भी तरह के कैमरे की गुंजाइश तो नहीं. आंखें मूंद कर किसी पर भरोसा न करें.

ओटीटी. पर वैबसीरीज देख रहे जोड़े अब सैक्स जैसी चीज को कुछ ज्यादा ही हलके में ले रहे हैं. वे कई बार बहुत सी ऐसी चीजों पर ध्यान नहीं दे रही हैं जो उन्हें बाद में परेशानियों में डाल रही है. साइबर क्राइम बढ़ रहा है, ब्रेकअप खूब होते हैं, लड़कियां पछताती रह जाती हैं कि यह क्या हो गया. सैक्स के संबंध में लापरवाहियां लंबे समय तक परेशान करती हैं.

बीच, लिफ्ट, कार, औफिस, किसी टूरिस्ट प्लेस पर कभी सैक्स न करें. अविवाहित युवा जोड़ों को सेक्स करना हो तो एकदूसरे के खाली घर सब से सेफ होते हैं. अगर पहले भी एकदूसरे के घर आतेजाते रहे हों तो काफी बेफिक्री हो जाती है या अगर पैसे खर्च कर सकते हों तो एक अच्छे होटल में जाएं. सैक्स के साथसाथ मन में जब सुख, संतोष और सुरक्षा का भाव हो तो सैक्स आनंददायक हो जाता है. सैक्स एक नेचुरल क्रिया है, शरीर की जरूरत है, कोई बुरी चीज नहीं है. बस, सावधान रहें.

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