Office Working Hours: अब वीक में कितने दिन दफ्तर, फैक्टरी या मार्केट की दुकान में जाना पड़ेगा, एक बड़ा इशू बनता जा रहा है. एक खास क्लास पैदा हो गई है जो कम से कम सैटरडे और संडे की छुट्टी चाहती ही है और अगर ट्यूज्डे या थर्सडे को कोर्ट, बैंक हौलिडे आ जाए तो मंडे और फ्राइडे को भी छुट्टी चाहती है.
लंबी छुट्टियां अब वर्क कल्चर का एक हिस्सा बन रही हैं. दिल्ली में हाई कोर्ट के जजों ने फैसला लिया कि केसों की पैंडैंसी को कम करने के लिए वे महीने में एक सैटरडे को काम करेंगे तो ऐडवोकेट्स ने हल्ला मचा दिया. अभी हाई कोर्ट ने गलती यह की कि एक फिक्स सैटरडे नहीं रखा और हर हाई कोर्ट की बैंच को अपना सैटरडे चुनने की इजाजत दे दी. इस का मतलब है कि उस दिन लगने वाले केसों के ऐडवोकेट पहले से अपने प्रोग्राम नहीं बना सकते.
हाई कोर्ट हो या कोई भी ऐस्टैबलिशमैंट यह सप्ताह में 5 दिन काम का कौंसैप्ट एक तरह से अनफेयर है क्योंकि यह सुविधा केवल कुछ को ही मिल सकती है. जब इन खास लोगों को वीकैंड या लौंग वीकैंड पर छुट्टी चाहिए होती है तो लाखों लोगों को इन को ऐक्स्ट्रा सर्विस देने के लिए अपने घरों से निकलना होता है.
