IVF complications research : अगले महीने मेरी शादी है. लेकिन मैं अपनी माहवारी को ले कर बहुत परेशान हूं. मु झे 2-3 महीने में एक बार माहवारी आती है. क्या मेरे लिए मां बनना संभव होगा?
कई बार शादी के बाद लड़कियों की माहवारी अपनेआप सामान्य हो जाती है, इसलिए आप ज्यादा परेशान न हों. अगर शादी के बाद भी समस्या बनी रहती है तो आप अपनी जांच कराएं. अगर आप जेनेटिक रूप से सामान्य हैं लेकिन किसी अन्य कारण जैसे पिट्युटरी या थायराइड ग्रंथि की कार्यप्रणाली गड़बड़ा जाने, पौलिसिस्टिक ओवरी डिसीज, बचपन से ही ऐथलीट गतिविधियों में भाग लेने के कारण किसी हारमोन की गड़बड़ी के कारण अंडोत्सर्ग सामान्य रूप से न हो पाना आदि के कारण माहवारी नियमित रूप से नहीं हो रही है तो इन का उपचार करने पर माहवारी सामान्य रूप से आने लगेगी. तब आप के लिए प्राकृतिक रूप से मां बनना संभव होगा. लेकिन अगर उपचार कराने के बाद भी पीरियड्स नियमित रूप से नहीं आते और गर्भधारण करना संभव नहीं है तो आईवीएफ तकनीक की मदद ले सकती हैं.
मैं आईवीएफ के द्वारा मां बनना चाहती हूं लेकिन मैं ने सुना है इस प्रक्रिया के द्वारा गर्भधारण करने से हृदय रोगों और दूसरी गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है?
नहीं, यह पूरी तरह गलत है. आईवीएफ के पश्चात कुछ महिलाओं को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो डाती हैं लेकिन इस का कारण आईवीएफ नहीं उन की बढ़ती उम्र होती है क्योंकि आईवीएफ का विकल्प चुनने वाली अधिकतर महिलाएं 35-40 साल की आयुवर्ग की होती हैं.
आईवीएफ में कृत्रिम रूप से (मैडिकल प्रोसीजर द्वारा) गर्भधारण किया जाता है और कोई भी मैडिकल प्रोसीजर ऐसा नहीं होता है जिस से कुछ रिस्क न जुड़े हों. आईवीएफ कराने के पश्चात सांस फूलना, जी मिचलाना या उलटी होना, पेट दर्द, 3-5 दिन में ही 5 किलोग्राम तक वजन बढ़ जाना, पेट फूलना जैसे साइड इफैक्ट्स हो सकते हैं. ऐसा कोई भी लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डाक्टर को दिखाएं.
