Health Issue : अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है, तो ये लेख अंत तक जरूर पढ़ें…
सवाल
मेरी समस्या यह है कि कई बार मेरी धड़कन अचानक तेज हो जाती है और कई बार सामान्य से धीमी हो जाती है. ऐसा होने पर मुझे सीने में भारीपन महसूस होता है. ऐसा क्यों होता है और इस का समाधान क्या है?
जवाब
जिस समस्या का आप ने जिक्र किया है इसे एरिथमिया कहते हैं. यह एक ऐसी बीमारी है जिस में दिल की धड़कन अनियमित हो जाती है. एरिथमिया तब होता है जब दिल की धड़कन को नियंत्रित करने वाली इलेक्ट्रिक वेव्स ठीक से काम करना बंद कर देती हैं. इसी के कारण आप को सीने में भारीपन महसूस होता है. सीने में तेज दर्द, बोलने में समस्या, सांस लेने में मुश्किल, थकान आदि इस बीमारी के आम लक्षण हैं. धड़कनों में गड़बड़ी के चलते दिल की गतिविधि में कठिनाई आ जाती है, जिस के कारण व्यक्ति में दिल के दौरे, स्ट्रोक, दिल के फैल होने और दिल से जुड़ी कई अन्य गंभीर समस्याओं की संभावनाएं बढ़ जाती है. हालांकि, पहले इस की जांच कराना आवश्यक है. कार्डियक इलेक्ट्रोफिजियोलौजी दिल की धड़कनों की गड़बड़ी का पता लगाने के लिए दिल की गतिविधियों को रिकौर्ड करती है.
सवाल
मेरी उम्र 32 साल है. दरअसल, कुछ साल पहले मुझे हार्ट अटैक आया था लेकिन सही समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण मेरी जान बच गई. लोग कहते हैं कि दिल के रोगियों को कोरोना होने की संभावना ज्यादा है तो क्या मुझे भी कोरोना हो सकता है? कृपया मुझे इस से बचने का उपाय बताएं?
जवाब
जी हां, हृदय रोगियों को कोरोना आसानी से हो सकता है लेकिन आप को इस से घबराने की आवश्यकता नहीं है. यदि आप नियमों का पालन करते हैं और स्वयं का खयाल रखते हैं तो यह बीमारी आप का कुछ नहीं बिगाड़ सकती है. इस से बचने के लिए सोशल डिस्टैंसिंग, हाथ धोना, मास्क लगाना आदि जरूरी है. दवाइयां या घर का राशन खरीदते वक्त डिस्पोजेबल दस्ताने अवश्य पहनें. इस के अलावा डाक्टर द्वारा बताई गई दवाइयों का नियमित रूप से सेवन करें. व्यक्तिगत साफसफाई और खानपान का पूरा ध्यान रखें. बाहर से आने के तुरंत बाद अपने हाथ अच्छे से धोएं. छत पर या बालकनी में कुछ देर बैठ कर धूप सेंके.
सवाल
मेरी उम्र 38 साल है. 6 महीने पहले मुझे हार्ट अटैक आया था. हालांकि यह अटैक गंभीर नहीं था और अब मैं पहले से काफी बेहतर महसूस करती हूं. लेकिन मुझे डर है कि कहीं मुझे फिर से हार्ट?अटैक न आ जाए. इस से बचाव का तरीका बताएं?
जवाब
हार्ट अटैक एक ऐसी समस्या है जो हमारी जीवनशैली की आदतों पर निर्भर करती है. इस से बचाव का एकमात्र तरीका स्वस्थ जीवनशैली और सही आहार है. रोजाना ऐक्सरसाइज करें, सही आहार लें, तेलमसाले वाले खाने से दूर रहें, सुबह की सुनहरी धूप लें, खाने के बाद आधा घंटा टहलें, डाक्टर की सलाह से पानी की सही मात्रा का सेवन करें. आप की ये आदतें आप को दूसरे हार्ट अटैक से बचाएंगी हालांकि, हार्ट अटैक के लक्षणों को भी जानना जरूरी है इसलिए यदि आप को तेज खांसी, जी मिचलाना, उल्टी, सीने में दर्द, बैचेनी, चक्कर, थकान, सांस लेने में परेशानी आदि समस्याएं बारबार हों तो तुरंत किसी अच्छे डाक्टर से संपर्क करें.
सवाल
मेरी उम्र 31 साल है. मुझे छोटीछोटी बात पर बहुत जल्दी गुस्सा आता है. शौपिंग में ज्यादा समय लगना, भीड़भाड़ वाली जगह, गरमी आदि में मुझे बैचेनी होने लगती है और सिर पीटने का मन करता है. मेरे सीने में दर्द और भारीपन भी महसूस होता है. साथ ही पसीना भी आता है. इस का क्या कारण हो सकता है और इस से राहत कैसे मिलेगी?
जवाब
आप के द्वारा बताए गए लक्षणों से उच्च रक्तचाप का पता चलता है. इसे हाइपरटेंशन या हाई बीपी के नाम से भी जाना जाता है. हाई बीपी के दौरान धमनियों में खून का दबाव है. हाई बीपी के दौरान धमनियों के खून का दबाव तेज हो जाता है. इस दबाव की वजह से धमनियों में रक्त का प्रवाह बनाए रखने के लिए दिल को सामान्य से अधिक काम करने की आवश्यकता पड़ती है. यह समस्या धूम्रपान, मोटापा, शारीरिक गतिविधियों में कमी, शराब का अत्यधिक सेवन, तनाव आदि के कारण होती है. हाइपरटेंशन एक गंभीर समस्या है, जिसे जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन नियंत्रित जरूर किया जा सकता है. हालांकि, हाई ब्लडप्रैशर के उपचार के लिए बाजार में कई दवाइयां मिल जाएंगी, लेकिन इस समस्या को कुछ हद तक घर बैठे ही नियंत्रित किया जा सकता है. डाक्टर की सलाह से हर रोज सुबहशाम एक चम्मच शहद के साथ लहसुन की एक कली खाएं. एक गिलास पानी में 2 चम्मच आंवले का रस मिलाएं. इसे हर सुबह खाली पेट पीएं. बैचेनी होने पर ठंडा पानी पीएं. इस से राहत मिलेगी.
सवाल
दरअसल समस्या मेरे बेटे की है जो अभी 11 साल का है. उस का चेहरा अचानक नीला पड़ जाता है फिर कुछ देर में खुद ही सामान्य हो जाता है. उसे कई बार सांस लेने में भी परेशानी होती है, उस का वजन नहीं बढ़ता है और वह कमजोर भी बहुत है. कई बार उसे अचानक पसीना आने लगता है. कृपया इस का कारण और समाधान बताएं?
जवाब
आप की बातों से ऐसा लगता है कि आप के बेटे को जन्मजात हृदय दोष है. जन्मजात हृदय दोष वह परेशानी होती है, जो गर्भावस्था में ही शिशु के दिल में पैदा हो जाती है. जब बच्चा गर्भ में होता है, कुछ लक्षणों की मदद से बीमारी की पहचान उसी दौरान हो जाती है लेकिन कुछ मामलों में यह तब तक पहचान में नहीं आती जब तक कि बच्चा बड़ा नहीं हो जाता और कभीकभी तो वयस्क होने तक यह पहचान में नहीं आती. इन में से कुछ हृदय दोषों को भी ठीक नहीं किया जा सकता है, जबकि कुछ का इलाज संभव है. हालांकि बीमारी की स्पष्ट पहचान के लिए जांच कराना जरूरी है. डाक्टर बीमारी की पहचान और गंभीरता के अनुसार उचित इलाज की सलाह देगा.
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