Health Issue :  अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है, तो ये लेख अंत तक जरूर पढ़ें…

मेरी बेटी की उम्र 13 साल है. उसे अकसर पेट में दर्द रहता है. जांच कराने पर अपैंडिसाइटिस का पता चला. क्या सर्जरी कराना जरूरी है?

अपैंडिक्स के संक्रमण को अपैंडिसाइटिस कहते हैं. यह बच्चों में होने वाली सब से सामान्य समस्याओं में से एक है. इस के कारण बच्चों में पेट दर्द, उलटी होना, जी मिचलाना, बुखार, भूख न लगना, कब्ज, डायरिया या पेशाब से संबंधित समस्याएं भी हो जाती हैं. इसे दवाइयों या दूसरे उपचारों से ठीक नहीं किया जा सकता. सर्जरी ही इस का एकमात्र उपचार है. अपैंडिसाइटिस एक मैडिकल इमरजैंसी है इसलिए तुरंत सर्जरी कराएं. सर्जरी में देरी से जटिलताएं बढ़ सकती हैं और यह घातक भी हो सकता है.

मैं 28 वर्षीय 20 सप्ताह की गर्भवती महिला हूं. अल्ट्रासाउंड में आया है कि गर्भस्थ शिशु को हाइड्रोनेफ्रोसिस है?

फीटल हाइड्रोनेफ्रोसिस यानी ऐंटीनेटल रीनल स्वैलिंग जिसे सामान्य भाषा में किडनी की सूजन कहा जाता है जो यूरिन के जमा होने से होती है. फीटल हाइड्रोनेफ्रोसिस का पता अकसर प्रीनैटल अल्ट्रासाउंड में चलता है. अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीनों के आने से गर्भस्थ शिशु की किडनियों को ज्यादा स्पष्ट रूप से देखना संभव हो पाया है. अगर कोई गर्भस्थ शिशु इस से पीडि़त है तो उस पर नजर रखी जाती है और बच्चे के जन्म के बाद कुछ जरूरी जांचे की जाती हैं. जांचों के परिणाम पर ही निर्भर करता है कि उपचार की जरूरत है या नहीं और अगर उपचार जरूरी है तो समस्या की गंभीरता के आधार पर उपचार विकल्प चुने जाते हैं.

नवजात में यूरिनरी सिस्टम से संबंधित कौनकौन सी समस्याएं होने का खतरा होता है?

नवजातों में यूरिनरी सिस्टम या मूत्र तंत्र से संबंधित किसी भी भाग की जन्मजात विकृति हो सकती है. इन में सम्मिलित हैं- किडनी ही न होना, किडनियों का गलत पोजीशन में होना, हाइड्रोनेफ्रोसिस यानी किडनियों में सूजन होना, यूरिन के बाहर निकलने के रास्ते में ब्लौकेज होना या यूरिन का प्रवाह उल्टा हो कर वापस ब्लैडर की ओर होना जिसे रिफ्लक्स कहते हैं. यूरेथ्रा यानी मूत्रवाहिनी में ब्लौकेज आने से ब्लैडर या मूत्राशय के खाली होने में परेशानी आना है. इस से ब्लैडर में प्रैशर निर्मित होता है. यह गर्भस्थ शिशु में मूत्र तंत्र से संबंधित सब से सामान्य समस्या है.

मेरा बेटा इंग्युनल हर्निया के साथ जन्मा है. यह क्या होता है? क्या इस के लिए कोई नानसर्जिकल उपचार भी उपलब्ध है?

कई बच्चे जन्मजात इंग्युनल हर्निया की समस्या से पीडि़त होते हैं. यह समस्या तब होती है जब आंत का एक भाग पेट के निचले भाग में एक ओपनिंग से बाहर निकल जाता है जिसे इंग्युनल कैनल कहते हैं. कस कर बंद होने के बजाय कैनल आंत के लिए स्थान छोड़ देती है ताकि वह फिसल कर यहां से बाहर आ जाए. इंग्युनल हर्निया का कोई नौनसर्जिकल उपचार नहीं है. केवल सर्जरी के द्वारा ही इसे ठीक किया जा सकता है.

मेरी बेटी को यूपीजे है. इस के लिए उपचार के कौनकौन से विकल्प उपलब्ध हैं?

यूपीजे यानी यूरैट्रो पेल्विक जंक्शन औब्सट्रक्शन के कारण किडनी ब्लौक हो जाती है. अधिकतर मामलों में यह रीनल पेल्विस पर ब्लौक होती है जहां किडनी दोनों में से एक यूरैटर (ट्यूब जो ब्लैडर तक यूरिन ले जाती है) से जुड़ती है. ब्लौकेज के कारण किडनी से यूरिन का प्रवाह धीमा या ब्लौक हो जाता है. अगर इस का उपचार न कराया जाए तो किडनी की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है और किडनी फेल होने का खतरा बढ़ जाता है. अगर किसी बच्चे को यह समस्या है तो मातापिता को घबराना नहीं चाहिए. इस का पूरी तरह उपचार संभव है. कीहोल सर्जरी ने इसे काफी आसान बना दिया है.

हाइड्रोनेफ्रोसिस क्या है और यह समस्या कितनी गंभीर है?

यूरिन जिस का निर्माण किडनियों में होता है सामान्यत: यूरेथ्रा या मूत्र वाहिनियों द्वारा किडनियों से पूरी तरह बाहर निकल जाता है और ब्लैडर या मूत्राशय में पहुंच जाता है जहां से वह शरीर से बाहर निकल जाता है. हाइड्रोनेफ्रोसिस में यूरिन एक या दोनों किडनियों में ट्रैप हो जाता है. सामान्यत: यह ब्लौकेज के कारण होता है. इस के कारण यूरिन सामान्य से धीमी गति से बाहर निकलता है. यह समस्या सभी उम्र के लोगों को हो सकती है. इस का पूरी तरह उपचार संभव है. यह समस्या तब भी हो सकती है जब बच्चा मां के गर्भ में हो.

मेरे 14 वर्षीय बेटे को 2-3 बार यूरिन में खून आ गया. मैं अपने बेटे की सेहत को ले कर बहुत चिंतित हूं क्या करूं?

यूरिन में रक्त आने का कारण सामान्य भी हो सकता है और कई बार यह गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है. यूरिन में रक्त आने को चिकित्सकीय भाषा में हेमैटुरिया कहते हैं. जो रक्त हम अपनी आंखों से देख सकते हैं ग्रौस हेमैटुरिया कहलाता है और जो यूरिनरी ब्लड केवल सूक्ष्मदर्शी द्वारा दिखाई देता है उसे माइक्रोस्कोपिक हेमैटुरिया कहते हैं. इस के बारे में तब पता चलता है जब डाक्टर यूरिन की जांच करता है. यूरिन में रक्त आने का कारण मूत्र मार्ग का संक्रमण (यूटीआई), किडनी का संक्रमण, ब्लैडर या किडनी में पथरी, किडनी या ब्लैडर कैंसर, कुछ आनुवंशिक डिसऔर्डर जैसे सिकल सेल ऐनीमिया, किडनी का चोटिल हो जाना, अत्यधिक वर्क आउट करना या नियमित रूप से कई किलोमीटर दौड़ना आदि हो सकता है. यूरिन में रक्त आने की अनदेखी नहीं करनी चाहिए. तुरंत डाक्टर से जांच कराएं. हेमैटुरिया का उपचार उस के कारणों के आधार पर किया जाता है.

-डा. संदीप कुमार सिंहा

निदेशक, पीडिएट्रिक सर्जरी ऐंड

पीडिएट्रिक यूरोलौजी, मेदांता, गुरुग्राम 

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