Smoking :  मेरे पति बहुत फिट हैं. धूम्रपान और शराब का सेवन भी नहीं रते. जब से उन्हें कैंसर होने का पता चला है, वह बहुत तनावग्रस्त हैं और बारबार एक ही सवाल पूछ रहे हैं. कैंसर मुझे क्यों?

कैंसर के मरीज को जब पहली बार पता चलता है कि वह कैंसर का शिकार हो चुका है तो उस के मन में सब से पहला सवाल यह उठता है कि मुझे क्यों? जो लोग धूम्रपान करते हैं, शराब पीते हैं या मोटापे का शिकार हैं वो आत्मग्लानी से भर जाते हैं कि शायद उन की गलत आदतों से उन्हें इस घातक बीमारी का शिकार बना दिया. मगर जो इस तरह की किसी गलत आदतों का शिकार नहीं होते और फिट भी होते हैं उन के लिए यह स्वीकार करना मुश्किल हो जाता है कि वो कैसे और क्यों इस घातक बीमारी का शिकार हो गए? आप अपने पति का सकारात्मक बने रहने में मदद करें और उन्हें समझाएं कि कैंसर अब लाइलाज नहीं रहा और उपचार के बाद सामान्य जीवन जीना संभव है.

मातापिता को कैंसर होने से बच्चों के लिए क्या खतरा बढ़ जाता है? अनुवांशिकता कैंसर के लिए कितना बड़ा रिस्क फैक्टर है?

अनुवांशिक कारक कैंसर के लिए एक प्रमुख रिस्क फैक्टर्स में से एक हैं लेकिन परिवार में जब 3 पीढि़यों तक कैंसर के मामले लगातार होते हैं तब उसे अनुवांशिक या हेरिडिटरी माना जाता है. अगर मातापिता दोनों को ही कैंसर है, तब भी उन के बच्चों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि मातापिता दोनों में आपस में कोई रक्त संबंध अनुवांशिकता से संबंधित नहीं माना जा सकता है. अमेरिका के नैशनल सैंटर फौर बायोटेक्नोलौजी इनफार्मेशन (एनसीबीआई) के अनुसार, कैंसर के केवल 5-10त्न मामले ही अनुवांशिक होते हैं, बाकी मामले हमारी खराब जीवनशैली, खानपान की गलत आदतों और हमारे आसपास के वातावरण के कारण होते हैं.

धूम्रपान न करने वालों में लंग कैंसर के मामले क्यों बढ़ रहे हैं?

पहले लंग कैंसर को स्मोकर्स डिसीज कहा जाता था लेकिन ये स्थिति बहुत तेजी से बदल रही है. भारत में लंग कैंसर के शिकार लोगों में लगभग 50त्न लोग धूम्रपान नहीं करते हैं, बढ़ता वायु प्रदूषण इस का सबसे प्रमुख कारण हैं. इसके अलावा निष्क्रिय जीवनशैली, फेफलों से संबंधित अन्य समस्याएं, कार्यक्षेत्र में विभिन्न रसायनों का ऐक्सपोजर और इम्यून तंत्र कमजोर होना भी लंग कैंसर के प्रमुख रिस्क फैक्टर्स माने जाते हैं.

मेरी मां को ओवेरियन कैंसर था. जांच कराने पर पता चला कि मेरे शरीर में बीआरसीए जीन मौजूद हैं. मेरा परिवार पूरा हो गया है. क्या मैं अपनी ओवरीज निकलवा सकती हूं ताकि ओवेरियन कैंसर का खतरा खत्म हो जाए?

ओवरी निकालने की सर्जरी यानी ऊफोरेक्टोमी, किसी महिला के एक या दोनों तरफ के अंडाशयों को हटाने के लिए की गई एक सर्जिकल प्रक्रिया है. डाक्टर कई मामलों में ऊफोरेक्टोमी की सलाह देते हैं. जैसे जब एक महिला में बीआरसीए जीन मौजूद होता है जो स्तन और ओवरी के कैंसर के होने के लिए सब से सामान्य उत्तरदायी जीन है. ऐसे मामलों में महिला के अंडाशय हटाने से उसे कैंसर होने के खतरे का कम किया जा सकता है. आप का परिवार पूरा हो चुका है और आप में बीआरसीए जीन भी मौजूद है तो आप को यह सर्जरी करा लेना चाहिए. इस सर्जरी के बाद ओवेरियन कैंसर का खतरा 95त्न तक कम हो जाता है.

मैं 28 वर्षीय एक अविवाहित महिला हूं. मुझे स्टेज-1 ब्रैस्ट कैंर डायग्नोज हुआ है. क्या कैंसर का उपचार बांझपन का शिकार बना सकता है?

कैंसर के उपचार विशेषकर कीमोथेरैपी का प्रजनन क्षमता पर गहरा प्रभाव पड़ता है. कीमोथेरैपी, डिवाइडिंग सेल्स पर म करती है, इसलिए यह अंडों की कोशिकाओं को भी मार सकती है. इसलिए जो महिलाएं फैमिली प्लान करना चाहती हैं, उन्हें अपने अंडे प्रिजर्व करा लेने चाहिए. जो महिलाएं शादीशुदा हैं या जिन का कोई पार्टनर है वो एम्ब्रयो यानी भू्रण को भी फ्रीज करा सकती हैं. पुरुषों में भी कीमोथेरैपी या रेडिएशन थेरैपी शुक्राणओं को क्षतिग्रस्त कर सकती है. इसीलिए कीमोथेरैपी के दौरान पुरुषों को पिता नहीं बनने की सलाह दी जाती है. अधिकतर स्वास्थ्य विशेषज्ञ कैंसर के उपचार के बाद उन्हें परिवार बढ़ाने के लिए 4-5 साल तक रुकने की सलाह देते हैं. ऐसे में पुरुष अपने स्पर्म फ्रीज भी करा सकते हैं.

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