मयूरी मित्तल, जो एक पत्रकार, फैशन डिजाइनर, उद्यमी और कलाकार हैं, उन्होंने कांस फिल्म फेस्टिवल में भारत का नाम रौशन किया. रेड कार्पेट तक पहुँचकर उन्होंने अपने बचपन के सपने को साकार किया और इतिहास रच दिया.
इतिहास तब रचा गया जब मयूरी मित्तल ने कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट की अपनी बनाई हुई पेंटिंग को हकीकत में बदल दिया. आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ था कि किसी ने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित रेड कार्पेट का सपना एक पेंटिंग में देखा हो और फिर उसी पल को सच में जी भी लिया हो. कैनवास से लेकर कान्स तक, मयूरी मित्तल ने उसी रेड कार्पेट पर वॉक किया जिसे उन्होंने कभी अपनी कल्पना में देखा था. उन्होंने साबित कर दिया कि विश्वास और मेहनत से सपने सच हो सकते हैं.

मयूरी मित्तल ने यह सपना तब देखा था जब उन्हें कान्स फिल्म फेस्टिवल के बारे में पता भी नहीं था. बचपन में उन्होंने एक लड़की को भव्य रेड कार्पेट पर चलते हुए कल्पना की थी और वर्षों बाद उसी दृश्य को अपनी पेंटिंग में उतारा. इस कहानी की सबसे खास बात यह है कि पहले सपना आया और फिर हकीकत ने उसका साथ दिया. आज मयूरी मित्तल कान्स के रेड कार्पेट पर अपने उसी सपने को पहनकर चलीं.

अपने बचपन के रेड कार्पेट ड्रीम से प्रेरित होकर मयूरी मित्तल ने केवल एक पेंटिंग ही नहीं बनाई, बल्कि उसी सोच से प्रेरित होकर एक यूनिक पेजेंट की स्थापना भी की, जिसे ग्लोबल रिकग्निशन प्राप्त हुई. और आज, उन्होंने कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर चलकर अपने बचपन की कल्पना को साकार कर दिया.
