Couple relationship : दिल्ली के एक मामले में एक पत्नी का 10 पुराने पति पर रात को गरम खौलता तेल डालना और ऊपर से मिर्चें भी डाल देना अब वूमन ऐंपावरमैंट का हिस्सा है या अहम का पत्नियों तक पहुंच जाना, कहना कठिन है. इस निम्नवर्ग के जोड़े का अकसर आपस में झगड़ा होता रहता था और बीच में पुलिस ने भी समझौता कराया पर लगता है कई जोड़े न जुड़ने के लिए ही बने होते हैं और ढेरों मंत्र, पूजापाठ, करवाचौथ के व्रत बेकार ही जाते हैं.
औरतें अपनी मनचाही चीज चाहें, यह उन का हक है, जो इसे औरतों का खोल से निकलना कहते हैं वे असल में खयाली दुनिया में रहते हैं. हमारे यहां का पौराणिक साहित्य भी ऐसे मामलों से भरा पड़ा है जिन में औरतों ने अपनी जिद दिखाई. शिव बेचारे को पता ही नहीं था कि उन का बेटा गणेश बड़ा हो गया है और तभी उन्होंने उस का गला काट डाला था. पार्वती रूठी हुई ही होगी न.
कैकई ने अपनी बात मनवाई. द्रौपदी ने दुर्योधन को अंधे का अंधा बेटा कह कर मजाक उड़वा कर महाभारत का युद्ध करवा दिया. हिडिंबा ने भीम से प्यार कर के अपने भाई को भीम के हाथों मरवा डाला. सत्यवती ने वचन ले लिया चाहे उस की शादी धार्मिक है या नहीं, राजा तो उस का बेटा बनेगा.
अब दिल्ली की इस औरत का पति इस की बात नहीं मानता तो इस ने अपने सोते पति पर तेल डाल दिया तो कौन सी नई बात हुई. असल में हर पति को या कहिए हर लड़के को लड़की से संबंध बनाने से पहले ही सोच लेना चाहिए कि यह संबंध बराबरी और इज्जत का होगा या नहीं. आम मर्द या लड़के अपनी मनमानी करने में सक्सैस हो जाते हैं, कुछ तो फीमेल के आगे हार मान लेते हैं.
मेलफीमेल रिलेशनशिप चाहे शादी की हो
या गैर शादी की, इक्वल प्लेटफौर्म पर होनी चाहिए. कोई किसी पर दबाव न डाले. कोई यह न सोचेसम?ो कि मेरे क्रोमोजोम एक्स और वाई दोनों हैं तो मैं कुछ खास हूं. सिर्फ मसल होने से कोई पावरफुल नहीं हो जाता. मसल वाले तो 2 रुपए में 4 किराए पर मिल जाते हैं. असली मसल तो प्यार है, लगाव है, समझ है, जिंदगी साथ गुजारना है, हंस कर, खेल कर, आफत में एकदूसरे का साथ देना है.
जो यह नहीं समझते उन की रिलेशनशिप पकौड़ों की तरह तीखी मिर्चीदार होती है. दिल्ली की इस ‘बहादुर’ पत्नी ने यह सिद्ध कर दिया है.
