संदीप जितने समय तक कालेज कम्पाउंड में रहता है, महेश उसके आगे-पीछे घूमता रहता है. लेकिन जैसे ही वह कालेज से बाहर जाता है महेश के मुंह से उसके लिए गालियां ही गालियां निकलती हैं. लगभग यही हाल ऐक्टिंग स्कूल की उन तीन लड़कियों की है. शीला, मीता और रोजी. तीनों की तीनों क्लास के एक लड़के राकेश ग्रोवर के इर्द गिर्द मंडराती रहती हैं. राकेश जिसको भी इशारा कर दे, वह उसकी मर्सिडीज की आगे वाली सीट में बैठने को तैयार रहती है. लेकिन इन तीनों से कोई ईमानदारी से पूछे तो इन तीनों में से राकेश को प्यार कोई नहीं करता. चाहे महेश हो या शीला, मीता और रोजी. ये सभी संदीप या राकेश के आगे-पीछे इसलिए घूमती हैं क्योंकि राकेश और संदीप बड़े घरों के बेटे हैं. इनके आगे-पीछे घूमने का मतलब खाना-पीना और मस्त रहना है. एक तरह से घूमने के ये संबंध इसी मस्ती के एवज के संबंध हैं.
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