Instatnt Delievery : पहले शाम को सब्जी या दूध खत्म होता था तो पति या बच्चों को दौड़ाना पड़ता था. अब महिलाओं के लिए सब बहुत आसान हो गया है. मोबाइल पर 2 क्लिक किया और 10 मिनट में ब्लिंकिट, जेप्टो, इंस्टामार्ट वाले सामान ले कर दरवाजे पर हाजिर हो जाते हैं. बच्चों को रात में भी कुछ खाने का दिल तो 10 मिनट में मनचाहा खाना हाजिर हो जाता है. गर्मी में अचानक मेहमान आ जाएं या बच्चों को आइसक्रीम खानी हो अब टेंशन नहीं. देश में क्विक कौमर्स तेजी से अपने पांव पसार रहा है और पुराने किराना कौमर्स या औनलाइन कौमर्स को पीछे छोड़ रहा है. इक्विरस कैपिटल की रिपोर्ट
कहती है – भारत का क्विक कौमर्स बाजार 2026 में 1.08 लाख करोड़ का हो जाएगा. सब से खास बात यह है कि क्विक कामर्स सालाना आधार पर 40% की दर से बढ़ रहा है जो पूरे डिजिटल कॉमर्स की ग्रोथ रफ्तार से दोगुने से भी ज्यादा है.
मई 2025 में 3,405 डार्क स्टोर थे जो मई 2026 में 5,026 हो गए। यानी 1 साल में करीब 48%की बढ़ोतरी हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक क्विक कौमर्स पर सबसे तेज ग्रोथ आइसक्रीम, पेय पदार्थ और फेस केयर की है. गर्मी में ठंडाठंडा पीने का मन, त्वचा की देखभाल और बच्चों की फरमाइश – सब एक साथ पूरा हो रहा है. कंपनियां छोटे शहरों में भी पैर पसार रही हैं ताकि ‘‘10-15 मिनट डिलीवरी’’ का वादा निभे. इस का मतलब साफ है
महिलाएं या यंग जेनरेशन के लोग अब किराने की लाइन में समय बर्बाद नहीं करना चाहते. घर, औफिस और खुद के लिए समय बचाना चाहते हैं. मगर क्या यह सब वास्तव में इतना ही अच्छा है?
- समय की बचत बनाम जेब का खून
पहले हफ्ते में एक बार बाजार जाते थे। जाने से पहले बकायदा लिस्ट बनती थी. दाम कंपेयर होते थे. अब जब मन किया कुछ भी सामान मंगा लिया. सोचिए अगर वो 10 मिनट बचाने के चक्कर में हम 200 रुपये एक्स्ट्रा दे रहे हैं तो महीने के अंत में 2000 कहां से आएंगे? सुविधा बुरी नहीं पर इमरजेंसी और आदत में फर्क करना सीखें वरना 10 मिनट में आया सामान 10 दिन का बजट बिगाड़ देगा. लोकल दुकानदार से भी हफ्ते में एक बार सामान लें. रिश्ते भी बचेंगे और रोजगार भी.
- गर्मी का बहाना, लालच का खेल
कंपनियां कहती हैं गर्मी में डिमांड बढ़ी. इसलिए डार्क स्टोर डेढ़ गुना हुआ. पर सच ये है कि उन्होंने हमें इंतजार करना भुला दिया. पहले शाम को पति सब्जी लाते थे साथ में 10 मिनट बात भी हो जाती थी. क्विक डिलीवरी ने समय बचाया पर परिवार का साथ वाला समय छीन लिया. हर चीज तुरंत मिले तो इंतजार का मजा, साथ बाजार जाने का मजा कौन देगा?
- डिलीवरी बौय भी किसी का बेटा है
5,026 डार्क स्टोर का मतलब 5,026 गोदाम. वहां रात 12 बजे भी लडक़े पैकिंग कर रहे हैं, तेज गति से बाइक चला रहे हैं ताकि आपका और्डर 10 मिनट में पहुंचे. क्या हमने कभी सोचा कि वो भी किसी मां का बेटा है? उस को भी घर जाने की जल्दी होगी? सुविधा लें पर 2 मिनट लेट हो जाए तो चिलाए नहीं, फोन पर
गाली न दें. क्विक कौमर्स को नौकर न बनाएं दोस्त बनाएं. हफ्ते में 1 दिन फिक्स करें ‘‘क्विक शौपिंग डे.’’ बाकी दिन लिस्ट बनाकर बाजार जाएं. समय भी बचेगा पैसे भी. टेक्नोलौजी ने घर का काम आसान किया है, पर जेब का ख्याल रखना अभी भी हमारा काम है. समय बचाइए पर समझदारी से खर्च कीजिए. 10 मिनट की डिलीवरी 10 साल की बचत से ज्यादा कीमती नहीं.
उपभोक्ता हेल्पलाइन : 1915
– ज्यादा दाम या गलत डिलीवरी की शिकायत के लिए.
