Saloni Anand: आईटी और इंजीनियरिंग में भविष्य खोजने वाले इस जमाने में इंजीनियर से बिजनैस वूमन बनीं सलोनी ने भारत को पहला ऐसा हैल्थ टेक ब्रैंड दिया है जो मैडिकल ऐक्सपर्ट्स द्वारा जांचेपरखे, मल्टीसाइंस हेयर लौस सौल्यूशंस की सुविधा देता है. इस की शुरुआत उन्होंने अपने हस्बैंड के प्रीमैच्योर हेयर लौस का इलाज ढूंढ़ने की चुनौती से की.
सलोनी ने एक ऐसा अनोखा ट्रीटमैंट ईजाद किया जिस में आयुर्वेद, डर्मैटोलौजी और न्यूट्रिशन की पावर को रिसर्च के ठोस नतीजों और मैडिकल ऐक्सपर्ट्स से मिली मान्यता के साथ मिलाया और त्राया हैल्थ की बुनियाद रखी जिसे आज की तारीख में भारत के सब से फास्टैस्ट ग्रोइंग और मोस्ट ट्रस्टेड DwC हैल्थ ब्रैंड्स में गिना जाता है.
2019 में सलोनी की लीडरशिप में शुरू हुई यह कंपनी 2023 में यानी 5 साल से भी कम समय में एक ऐसा प्रौफिट देने वाला और रिसर्चड्रिवन ऐंटरप्राइज बन गया है जिस का सालाना कारोबार 400 करोड़ रुपए का है. यह ब्रैंड अब तक 10 लाख से ज्यादा कस्टमर्स को सर्विस दे चुका है और देशभर में 800 से ज्यादा लोगों की टीम को रोजगार दे रहा है. कंपनी में बोर्ड की सदस्य होने के अलावा सलोनी 2 बच्चों की सुपरमौम भी हैं, सफर करने की दीवानी हैं और 17 स्टार्टअप्स में ऐंजेल इनवैस्टर भी हैं.
हाल ही में सलोनी को हुरुन इंडिया द्वारा सम्मानित किया गया और उन को प्रतिष्ठित अंडर 35 ऐंटरप्रन्योर लिस्ट में स्थान मिला जो डाइरैक्ट टू कंज्यूमर क्षेत्र में एक महिला संस्थापक के रूप में उन के योगदान को मान्यता देता है. उन्हें ई कौमर्स श्रेणी में ‘शी द पीपल डिजिटल वूमन अवार्ड 2024’ से भी सम्मानित किया गया है. ‘योर स्टोरी’ की 100 उभरती महिला नेताओं में नामित किया गया है और ‘हील फाउंडेशन’ द्वारा ‘अंडर 45 हैल्थकेयर चेंजमेकर्स अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है.
इस के अतिरिक्त उन्हें ‘कैंपेन इंडिया वूमन लीडिंग चेंज अवार्ड’ से भी सम्मानित किया गया. त्राया को मिले अवार्ड्स में ‘एफैक्स डिजीज अवार्ड्स 2025’ यूट्यूब का सर्वश्रेष्ठ उपयोग, इंक42 के 30 स्टार्टअप्स टू वाच आउट फौर और इंडिया डी2सी समिट ऐंड अवार्ड्स में मान्यता आदि शामिल हैं.
सलोनी में ऐसा क्या है जो उन्हें दूसरों से अलग बनाता है
सलोनी सिर्फ बोर्ड रूम में बैठ कर फैसले नहीं लेतीं. वे जानती हैं कि भारत जैसी मुश्किल मार्केट में जमीन से उठा कर एक बिजनैस को करोड़ों के रेवैन्यू तक कैसे पहुंचाया जाता है. वे जमीनी स्तर के कारोबारियों से कनैक्ट करती हैं और उन्हें आगे के भविष्य की ओर सोचने के लिए प्रेरित करती हैं. उन्हें कंज्यूमर की गहरी सम झ है खासकर हैल्थ जैसे संवेदनशील या कम भरोसे वाले सेगमैंट में.
सलोनी युवा, बेबाक और महत्त्वाकांक्षी फाउंडर हैं, जिस से आज की पीढ़ी खुद को जोड़ पाती है खासकर वे महिलाएं जो स्टार्टअप की दुनिया में अपनी जगह बनाना चाहती हैं. वे प्रोडक्ट फौर्मुलेशन से ले कर परफौर्मैंस मार्केटिंग और सप्लाई चेन तक हर मोरचे पर अपनी छाप छोड़ती रही हैं. तभी तो सलोनी ने जीरो से एक मुनाफेदार मल्टी मिलियन डौलर हैल्थ ब्रैंड खड़ा किया है.
पति के झड़ते बालों का ढूंढ़ा सौल्यूशन और शुरू किया स्टार्टअप
सलोनी एक अच्छीखासी जौब कर रही थीं और उन के पति अल्ताफ (सह संस्थापक, त्राया) ने अपना नया स्टार्टअप शुरू किया था जिस को ले कर वे बेहद उत्साहित थे. लेकिन जैसेजैसे उन के स्टार्टअप ने गति पकड़ी तो उन के ऊपर काम का भार बढ़ने लगा. वे रोज लंबे समय तक काम में लगे रहते जिस के कारण उन के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ने लगा. न वे संतुलित भोजन कर पाते थे और न ही पूरी नींद ले पाते थे जिस के कारण उन की सेहत में गिरावट आने लगी. उन्हें थायराइड और यूरिक ऐसिड जैसी समस्याएं पैदा हुईं. उन का वजन बढ़ गया और बाल झड़ने की समस्या भी पैदा हो गई. सलोनी के लिए यह बहुत परेशान करने वाली बात थी.
सलोनी ने पति का आयुर्वेदिक इलाज कराया, डर्मैटोलौजिकल ट्रीटमैंट और यहां तक कि कैमिकल ट्रीटमैंट भी ट्राई किया लेकिन कुछ भी काम नहीं आया. कुल मिला कर सलोनी और अल्ताफ को भारतीय बाजार में झड़ते बालों के प्रभावी उपचार की बेहद कमी महसूस हुई. उन्होंने मार्केट में उस कमी को दूर करने और झड़ते बालों के समाधान के लिए कुछ नया करने की जरूरत को सम झा.
सलोनी बताती हैं, ‘‘अपने इस अनुभव ने मु झे रिसर्च करने को प्रेरित किया और मैं ने एक खास ट्रीटमैंट की खोज की जिस में
3 विज्ञानों की शक्ति शामिल थी- आयुर्वेद, न्यूट्रिशन और डर्मैटोलौजी. इसी आधार पर त्राया का आरंभ हुआ. एक ऐसा ब्रैंड जो मैडिकली जांचापरखा गया है, रिसर्च बेस्ड है और बाल झड़ने की समस्या का पूरा समाधान करता है. त्राया का उद्देश्य ही है बालों के झड़ने के मूल कारण को सम झ कर उस का प्रभावी रूप से और प्राकृतिक तरीके से इलाज करना. आज त्राया सिर्फ एक ब्रैंड नहीं है. यह लगभग 93त्न प्रभावी है. यह एक भरोसा है जो प्रामाणिक तौर पर विज्ञान पर आधारित उपचार देता है.’’
कैसे शुरू हुआ और आगे बढ़ा त्राया का सफर
त्राया का पूरा सैटअप तैयार करने में सलोनी और अल्ताफ को लगभग 1 साल का समय लगा. इस दौरान उन्होंने गहराई से रिसर्च की, प्रोडक्ट फौर्मुलेशन पर काम किया और एक सही टीम बनाई. आज उन के साथ करीब 800 लोग काम करते हैं. वे अलगअलग पृष्ठभूमि, अनुभव और नजरिए वाले लोगों को एकसाथ लाते हैं जिस से इनोवेशन, क्रिएटिविटी और बेहतर प्रौब्लम सौल्विंग को बढ़ावा मिलता है. त्राया टीम में महिलाओं और पुरुषों की संख्या लगभग बराबर है.
त्राया के 15 से ज्यादा ऐसे प्रोडक्ट्स हैं जो जड़ से समस्या को ठीक करने के लिए डिजाइन किए गए हैं जैसे त्राया स्कैल्प औयल, आयुर्वेदिक सप्लिमैंट्स जैसे हेयर रैस और त्राया ऐंटी डैंड्रफ लोशन. हर ट्रीटमैंट किट व्यक्ति के हैल्थ असैसमैंट और बाल झड़ने के कारणों के आधार पर कस्टमाइज की जाती है. वूमन सैंटर्ड सेगमैंट में भी विस्तार किया गया है और संतुलन रेंज लौंच की है जिस में त्राया आयरन संतुलन, त्राया मेनो संतुलन, त्राया मौम संतुलन और त्राया पीसीओएस संतुलन जैसे प्रोडक्ट्स शामिल हैं.
यह रेंज पीसीओएस, मेनोपौज, पोस्टपार्टम जैसी विशेष समस्याओं को ध्यान में रख कर तैयार की गई है.
भारत में त्राया महाराष्ट्र, उत्तर भारत, दक्षिण भारत, यूपी, दिल्ली और गुरुग्राम जैसे प्रमुख शहरों में काफी ऐक्टिव है. इस के अतिरिक्त देशभर में त्राया के 10 औफलाइन स्टोर भी स्थापित हो चुके हैं जो कंस्यूमर्स को प्रत्यक्ष एवं व्यक्तिगत सेवा प्रदान करने में समर्थ हैं. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर त्राया ने संयुक्त अरब अमीरात में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है.
त्राया की स्थापना सलोनी और अल्ताफ ने मात्र 15 लाख रुपए की व्यक्तिगत बचत से की थी. आज त्राया एक सुदृढ़ एवं प्रतिष्ठित ब्रैंड के रूप में स्थापित हुआ है और वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंत तक क्व300 से क्व400 करोड़ के वार्षिक कारोबार की आशा है.
ऐक्सीडैंटल ऐंटरप्रन्योर
सलोनी एक साधारण सर्विस क्लास परिवार से आती हैं जहां जिंदगी का रास्ता बहुत साफसुथरा और सीधा सरल होता है यानी अच्छी पढ़ाई करो और एक अच्छी नौकरी पाओ. सलोनी के पापा ने अपनी पूरी जिंदगी में एक ही फार्मा कंपनी में काम किया और मां एक डाक्टर हैं जो सालों तक अपना क्लीनिक चलाती रही थीं.
सलोनी ने बचपन साउथ गुजरात के एक छोटे से शहर वापी में बिताया जहां उन के जैसे परिवारों के बच्चों के लिए 2 ही कैरियर औप्शन माने जाते थे- डाक्टर बनो या इंजीनियर. बहन ज्यादा होशियार थी तो वह डाक्टर बन गई. सलोनी थोड़ी कम पढ़ाकू थी इसलिए इंजीनियर बनना तय हुआ. कोई ज्यादा सोचने या ऐक्सप्लोर करने का मौका नहीं था. बस वही रास्ता अपनाया जो दिया गया.
सलोनी बताती हैं, ‘‘मेरा जन्म गुजरात के छोटे से शहर वापी में डाक्टर्स के परिवार में हुआ था. मैं ने ‘कमिंस कालेज औफ इंजीनियरिंग’ से बीटैक और ‘आईबीएस हैदराबाद’ से एमबीए किया. प्रोडक्ट मार्केटिंग और ईआईआर में काम करने के बाद मुझे हमेशा अलग तरह की व्यावसायिक समस्याओं को हल करना पसंद रहा है. चूंकि मैं स्वभाव से अंतर्मुखी हूं इसलिए व्यवसाय के क्षेत्र में जाना मेरे लिए स्वाभाविक रास्ता नहीं था. वास्तव में अगर मुझे आकस्मिक व्यवसायी यानी ऐक्सीडैंटल ऐंटरप्रन्योर कहा जाए तो ज्यादा सही होगा. मेरी प्रोफैशनल जर्नी काफी उतारचढ़ाव और ऊर्जा से भरपूर रही है. Saloni Anand
