Life After Divorce: एक मल्टीनैशनल कंपनी में काम करने वाली सिमरन की शादी के केवल 2 साल ही हुए थे कि उसे अपने पति की नशे की आदत और डोमेस्टिक वायलेंस से तंग आ कर डिवोर्स लेना पड़ा. हालांकि यह डिवोर्स म्यूचुअली था, इसलिए 1 साल के अंदर उसे तलाक मिल गया. सिमरन को बच्चा नहीं है, जौब कर रही है और रोजरोज के झगड़े से निकल कर अकेले रहना पसंद कर रही है. परिवार वालों के प्रेशर पर भी वह दूसरी शादी नहीं करना चाहती, क्योंकि वह आत्मनिर्भर है और अपने फ्यूचर का प्लान खुद करना जानती है.

यह तो अच्छा हुआ कि शादी के बाद जब सिमरन ने पति की बुरी आदतों को देखा तो मन में निश्चय कर लिया था कि वह उसे तलाक देगी. इस में इतनी देर होने की वजह बारबार उस के पति का फिर से नशा न करने और मारपीट न करने का कसम खाना रहा.

हर बार उसे लगता था कि वह सुधर जाएगा या सुधरने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उस के व्यवहार में जरा सा भी परिवर्तन सिमरन को नहीं दिखा. सिमरन ने कई बार उस के पेरैंट्स से इस की शिकायत भी की. उन्होंने भी उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह कहां मानने वाला था. थोड़े दिनों तक ठीक रहने के बाद फिर से वही नशा और गालीगलौच करता रहता था. यह अच्छा हुआ कि सिमरन  पति की इन आदतों से डर कर प्रैगनैंट नहीं हुई, जिस से आज वह अपनी उन्मुक्त जिंदगी जी पा रही है.

असल में तलाक के बाद खासकर जब बच्चे न हों, तो जीवन को फिर से शुरू करना कई बार मुश्किल होता है, क्योंकि लोगों के ताने सुन कर खुद को दोषी मान लेना अधिकतर स्त्रियां करती हैं, लेकिन अगर आप आत्मनिर्भर हैं, तो निर्णय लेने में समस्या नहीं होती, जो इस हालात में सब से अधिक जरूरी होता है और आगे बढ़ना मुश्किल नहीं होता. इस में बच्चे की जिम्मेदारी का बोझ सिमरन को नहीं था, जिस से उसे किसी निर्णय पर पहुंचना आसान हुआ. उस के लिए अकेले रह कर तलाक लेना अच्छा साबित हुआ है, जबकि इस में उस के परिवार वालों ने भी उस का साथ दिया.

समझें ऐक्सपर्ट की राय

मनोवैज्ञानिक, राशिदा कपाडिया कहती हैं कि ऐसा कई बार देखा गया है कि तलाक के बाद अकेले जिंदगी गुजरना उन स्त्रियों के लिए भारी पड़ता है, जो आत्मनिर्भर नहीं. आज की लड़कियां और उन के परिवार डिवोर्स को अच्छी तरह से स्वीकार करती हैं, क्योंकि रोजरोज के कौन्फ्लिक्ट्स उन्हें पसंद नहीं.

इस में डिवोर्स के बाद अपने लिए एक नया जीवन जीने के लिए आप को अपनी भावनाओं को काबू करने की जरूरत होती है. साथ ही अपने लक्ष्यों को फिर से परिभाषित करने और अपने जीवन को फिर से व्यवस्थित करने की आवश्यकता होती है. इस में कुछ स्टैप्स निम्न हैं, जिस के द्वारा आप एक अच्छी और स्वस्थ जीवन बीता सकते हैं :

डिवोर्स को करें स्वीकार

पहले तलाक एक दर्दनाक अनुभव माना जाता रहा है, लेकिन आज इस में काफी परिवर्तन आया है, क्योंकि आज कई लड़कियां पढ़ीलिखी और आत्मनिर्भर होती हैं. यही वजह है कि आज डिवोर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है, क्योंकि किसी भी गलत बात को वे सहन नहीं करतीं, बल्कि उस से निकल कर एक अच्छी जिंदगी जीना पसंद करती हैं. इस में अपनी भावनाओं को स्वीकार करना और उन्हें प्रोसेस्ड करना महत्त्वपूर्ण होता है, जिस में आप के दोस्त और परिवारजनों की भूमिका महत्त्वपूर्ण होती है.

कुछ लड़कियां डिवोर्स को अच्छा नहीं मानतीं जबकि कुछ इसे मानसिक अशांति से नजात पाना समझती हैं. तलाक के बाद खुद को दुखी होने, गुस्सा करने या निराश होने की अब जरूरत नहीं होती.

प्रोफैशनल्स की लें सहायता

किसी दोस्त, परिवार के सदस्य, चिकित्सक या सहायता समूह से बात करना इस दौरान काफी आवश्यक होता है, ताकि आप को अकेलापन महसूस न हो, जिस के साथ अपनी भावनाओं को व्यक्त करने और उन से निबटने के लिए अच्छी सुझाव मिल सके. इस दौरान किसी प्रकार की काउंसलिंग या थेरैपी कई बार अच्छी साबित होती है.

उन ग्रुप्स में शामिल हों, जिन्होंने डिवोर्स लिया हो और एक अच्छी जिंदगी जी रही हों, इस से आप के अंदर आत्मविश्वास जल्दी आ सकेगा.

बनाएं मजबूत सपोर्ट सिस्टम

डिवोर्स के बाद खुद को घर में बंद न कर लें, बल्कि बाहर निकलें और खुद की जिंदगी को अपनी तरह से जीने की कोशिश करें मसलन दोस्त बनाएं और कहीं घूमने जाएं. इस से आप का सपोर्ट सिस्टम मजबूत बनेगा और आप जब मन चाहे, उन से खुल कर अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकेंगी.

बनें आत्मनिर्भर

डिवोर्स के बाद कई बार लड़कियां आत्मनिर्भर नहीं होतीं. ऐसे में उन्हें अधिक ताने सुनने पड़ते हैं. ऐसी लड़कियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रयास करना चाहिए. अगर पढ़ाई कम है, तो उसे पूरा करें. वोकेशनल ट्रेनिंग लें और काम पर लग जाएं, इस से आप जल्दी आत्मनिर्भर बन कर अपने फ्यूचर का प्लान कर सकती हैं.

अपनेआप को दें समय

तलाक के बाद नौर्मल होने में समय लगता है. अपनेआप पर कठोर न बनें और अपनेआप को ठीक होने के लिए पर्याप्त समय दें.

करें सेल्फ केयर

फिजिकल और मैंटल हैल्थ पर पूरा ध्यान दें, जिस में हैल्दी फूड, डेली वर्कआउट, मनोरंजन आदि पर ध्यान दें और अपनी नींद पूरी करें. समय मिलने पर खुद की हौबीज को आगे बढ़ाएं, दोस्तों और प्रियजनों के साथ समय बिताएं.

फाइनैंस को करें और्गेनाइज

अपने राइट्स को किसी कानून विशेषज्ञ से मिल कर जान लें. संपत्ति और उस के लाइबिलिटीज के अनुसार बजट की प्लानिंग करें.

रखें हैल्दी बाउंड्री

ऐक्स स्पाउस के साथ साफ और हैल्दी बाउंड्री रखें, ताकि किसी प्रकार की कौंफ्लिक्ट्स या इमोशनल संलिप्तता न हो. साथ ही खुद में आत्मविश्वास रखें, इस से आप इस परिस्थिति से आराम से निकल जाएंगी.

फ्यूचर की करें प्लानिंग

अपने लिए स्मार्ट गोल्स बनाएं, जो वास्तविक हो और आप उस तक पहुंचने में कामयाब हो सकें. किसी भी अवसर या चुनौती को लेने से कभी न घबराएं, तभी आप सफल हो सकती हैं.

इस प्रकार डिवोर्स के बाद अगर बच्चे न हों, तो जिंदगी अकेली नहीं होती. इस में जरूरत होती है खुद को स्मार्ट तरीके से जीने और आगे बढ़ने की, जिस में आप का आत्मविश्वास, आत्मशक्ति और आत्मनिर्भरता ही आप को आगे ले जाने में समर्थ होती है और यह आज की किसी भी नारी के लिए असंभव नहीं है.

Life After Divorce

और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...