Nigar Shaji: (स्टेम आइकन अवार्ड) निगार शाजी एक प्रसिद्ध अंतरिक्ष वैज्ञानिक और इसरो में परियोजना निदेशक हैं, जिन्हें भारत के पहले सौर मिशन आदित्य-एल 1 का नेतृत्व करने के लिए जाना जाता है. 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ उन्होंने भारत की अंतरिक्ष अन्वेषण यात्रा को आकार देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है और अंतरिक्ष में एक सौर वेधशाला को स्थापित करने और जटिल वैज्ञानिक मिशनों को सफलतापूर्वक संचालित करने में अपने नेतृत्व के साथ लाखों लोगों को प्रेरित किया है.
शाजी ने भारतीय सुदूर संवेदन (रिमोट सैंसिंग), संचार और अंतरग्रहीय उपग्रह कार्यक्रमों में शानदार योगदान दिया है. वे तमिलनाडु के तेनकासी की रहने वाली हैं जो राज्य की राजधानी चेन्नई से करीब 550 किलोमीटर दूर है. निगार शाजी का बचपन प्रसिद्ध वैज्ञानिक और नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मैरी क्यूरी की कहानियां सुन कर बीता. विज्ञान और गणित में बेहद दिलचस्पी रखने वाले उन के पिता उन्हें ये कहानियां सुनाते थे. विज्ञान और गणित की दुनिया के बारे में उन के पिता के समझाने के अंदाज ने निगार शाजी को इस फील्ड से जोड़ दिया. उन्होंने मदुरै कामराज विश्वविद्यालय से इलैक्ट्रौनिक्स और संचार में बीई किया और बीआईटी रांची से इलैक्ट्रौनिक्स में मास्टर्स किया.
महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारियां
निगार शाजी ने 1987 में विशिष्ट अंतरिक्ष एजेंसी इसरो को जौइन किया था. उन्होंने इसरो में अपना कार्यकाल आंध्र तट के पास श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष बंदरगाह पर काम के साथ शुरू किया था. बाद में उन्हें बैंगलुरु के यू आर राव सैटेलाइट सैंटर में स्थानांतरित कर दिया गया जो उपग्रहों के विकास के लिए प्रमुख केंद्र है. इसरो के साथ कई महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक पूरा किया. शाजी इसरो में भरोसे का प्रतीक बन गईं. इस के बाद उन्हें भारत के पहले सौर मिशन की परियोजना निदेशक बनाया गया. शाजी पहले रिसोर्ससैट-2ए की सहयोगी परियोजना निदेशक भी रह चुकी हैं. शाजी सभी निचली कक्षा और ग्रहीय मिशनों के लिए प्रोग्राम डाइरैक्टर भी हैं. उन्होंने इमेज कंप्रैशन, सिस्टम इंजीनियरिंग सहित अन्य विषयों पर कई पेपर लिखे हैं.
कार्य और मिशन नेतृत्व
निगार ने रिसोर्ससैट-2 ए सैटेलाइट के लिए ऐसोसिएट परियोजना निदेशक के रूप में और बाद में आदित्य-एल 1 सौर मिशन के लिए परियोजना निदेशक के रूप में कार्य किया जो सितंबर, 2023 में सफलतापूर्वक लौंच किया गया था. उन का नेतृत्व इसरो में सभी ग्रहीय और निम्न पृथ्वी कक्षा और ग्रहीय मिशनों के लिए कार्यक्रम दिशा में फैला हुआ है. उन्होंने सैटेलाइट इमेजिंग तकनीकों को विकसित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है और नासा और ईएसए जैसी अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ सहयोग किया है
पुरस्कार और सम्मान
– टाइम्स नाऊ अमेजिंग इंडियंस अवार्ड (2023).
– ईव औफ ऐक्सीलैंस अवार्ड, तिरुचिरापल्ली रीजनल इंजीनियरिंग कालेज (2023).
– रेन्ड्राप्स वूमन अचीवर अवार्ड (‘सनी लेडी’ वैज्ञानिक).
– गणतंत्र दिवस परेड और मीडिया प्लेटफार्मों पर नारी शक्ति के रूप में भारत का चेहरा के रूप में मनाया गया.
Nigar Shaji
