Saina Nehwal Divorce: बैडमिंटन प्लेयर साइना नेहवाल का डिवोर्स उसी तरह से चौंकाने वाला है जिस तरह से कुछ साल पहले टेनिस प्लेयर सानिया मिर्जा का डिवोर्स हुआ था. साइना नेहवाल ने हसबैंड पारुपल्ली कश्यप से अलग होने की जानकारी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर की. दोनों ने साल 2018 में शादी की थी.
साइना के खाते में पति से ज्यादा मेडल
साइना नेहवाल मूल रूप से हरियाणा निवासी हैं. इन्हें लंदन ओलंपिक 2012 में ब्रोंज मेडल मिला था. इतना ही नहीं साल 2010 और 2018 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी उन्हें गोल्ड मेडल मिले. साइना को साल 2009 में अर्जुन पुरस्कार और 2010 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार भी दिया गया. साल 2015 में वर्ल्ड बैडमिंटन रैंकिंग में पहला स्थान पाने वाली पहली भारतीय महिला बनी. साइना का यह रिकॉर्ड उनकी मेरिट की गवाही दे रहा है
साइना के एक्स हसबैंड पारुपल्ली कश्यप भी बैडमिंटन प्लेयर रह चुके हैं उन्होंने साल 2010 में दिल्ली कॉमनवेल्थ में ब्रोंज मेडल जीता था. इन दोनों गोपीचंद की बैडमिंटन एकेडमी में साथ ट्रेनिंग ली थी. यहीं दोनों एकदूसरे के करीब आए. साइना और पारुपल्ली कश्यप के कैरियर को देखा जाए, तो इसमें दो राय नहीं है कि साइना का करियर उनके हसबैंड से तुलनात्मक रुप से बेहतर रहा है. इस कारण पौपुलरिटी के मामले में भी पारुपल्ली को साइना से पीछे माना जाएगा.
उपलब्धियों के मामले में सानिया को शोएब से आगे
कुछ साल पहले टेनिस प्लेयर सानिया मिर्जा का भी पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक का भी तलाक काफी चर्चा में रहा था. अपनेअपने स्पोर्ट्स में दोनों खिलाड़ियों की अपनी पहचान थी लेकिन इसके बावजूद यह शत प्रतिशत सच है कि सानिया मिर्जा का नाम विश्व के मशहूर टेनिस प्लेयर्स में शुमार रहा है जबकि शोएब मलिक के साथ ऐसा नहीं है. वर्ल्ड क्रिकेट में उनका नाम पाकिस्तान के मशहूर किक्रेटर्स इमरान खान, वसीम अकरम, जावेद मियांदाद, शाहिद आफरीदी, बाबर आजम, शाहीन अफरीदी, वकार युनूस की तरह नहीं लिया जाता है. कुल मिला कर कहा जाए, तो सानिया मिर्जा की करियर की उपलब्धियां शोएब से कहीं ज्यादा रही है.
पुरुष इगो का कसूर
पतिपत्नी के बीच तलाक की कई वजहें हो सकती है लेकिन पति की तुलना में ज्यादा कामयाब पत्नी भी तलाक की एक वजह होती है. एशियाई देशों का समाज पुरुष प्रधान है. महिलाओं को लेकर अभी भी समाज पुरानी सोच रखता है. पुरुषों को कामयाब स्त्रियां पसंद होती हैं लेकिन शादी के बाद वे इनके नखरे नहीं उठा पाते हैं.
कामयाब पत्नी से तुलना उनके ‘मेल ईगो’ को चोट पहुचाता है. सक्सेसफुल वाइफ का पुरुष दोस्तों से खुला व्यवहार, वाइफ का वर्क कमिटमेंट को अधिक तवज्जो देना, प्रोफेशनल मामलों में फैमिली को कभीकभार सेकंड प्राइओरिटी पर रखना जैसे मुद्दे अकसर हसबैंड को नागवार गुजरते हैं.
कामयाब पत्नी के रुतबे से इन्सिक्योरिटी
पतियों को अपनी कामयाब पत्नी के नाम से पहचाना जाना भी पसंद नहीं होता है. एक बहुत ही मशहूर पुराना वाकया है जब ब्लैक एंड वाइट फिल्मों की मशहूर एक्ट्रेस मीना कुमारी और उनके उतने ही मशहूर डायरेक्टर हसबैंड कमाल अमरोही से जुड़ा हुआ. मीना कुमारी को फिल्मफेयर का बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड मिला था, वह समारोह में अपने पति के साथ पहुंची थी. घर आने पर उन्हें अहसास हुआ कि उनका पर्स तो उस चेयर पर ही रह गया, जहां वह बैठी थी. उन्होंने अपने पति से कहा कि आपको पर्स नहीं दिखा था, तो इस पर कमाल अमरोही का जबाव था, दिखा तो था लेकिन मैंने उठाया नहीं क्योंकि आज तुम्हारा पर्स उठाता और कल तुम्हारा चप्पल. तब से अब तक पतियों के चप्पल उठाने का जिम्मा केवल पत्नी को दिया गया है. आज के दौर में यह ट्रेंड तो देखा जा रहा है कि पुरुष सेलिब्रेटी जरूरत पड़ने पर अपनी पत्नी के बैग को उठाने में गुरेज नहीं करते लेकिन यह दूसरे दिन की खबरों में बेस्ट हसबैंड की तारीफ पाने के लिए होता है या दिल से, यह कहना मुश्किल है.
स्टडी प्रूव करती है
स्वीडन में हुई एक स्टडी में हाउस वाइफ्स ने जब घर के बाहर काम करना शुरू किया, तो पति के साथ उनके रिश्ते में खटास आने लगी. कम कमाने वाली पत्नियों ने भी जब अधिक कमाना शुरू किया या जिम्मेदार पदों पर जौब करना शुरू किया, तो उनकी तलाक की आशंका बढ़ गई. इस स्टडी में यह पाया गया कि मैरिड वुमन जब कंपनियों में सीईओ बनी तो उनकी तलाक की आशंका उन मैरिड मैन से दोगुनी हो गई, जो सीईओ बने थे.
सानिया हो या साइना या फिर दूसरी कामयाब स्त्रियों का तलाक की वजहें कई और भी हो सकती है लेकिन इसमें इो राय नहीं कि कामयाब पत्नी के रुतबे को सभी पति स्वीकार नहीं कर पाते हैं. दरअसल जेंडर ट्रेडिशनल रोल्स को लेकर समाज के एक बड़े वर्ग की सोच पुरानी है, फिर चाहे वह भारत-पाकिस्तान जैसा एशियाई मुल्क हो या फिर स्वीडन जैसा पश्चिमी.
क्या है ‘ऑस्कर कर्स’
ऐसा पाया कि जब हॉलीवुड की एक्ट्रेसेस ने ऑस्कर अवार्ड में बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड जीता उनके तलाक की आशंका, उस अवॉर्ड को जीतने वाले मेल एक्टर की तुलना में अधिक थी. इसे ही ‘ऑस्कर कर्स’ की संज्ञा दी गई. सैंड्रा बलक, जूली एंड्रयूज, हैली बेरी, केट विंसलेट जैसी एक्ट्रेस इस सिचुएशन से गुजर चुकी हैं. आर्गेनाइजेशन साइंस जर्नल में छपे लेख इस ओर इशारा करती है कि महिलाओं का करियर में हाई स्टेट्स उनकी शादी के लिए खतरा होता है.
क्या इसका कोई हल है
एकदूसरे को स्पेस दें.
पति को चाहिए कि वह पत्नी की तुलना अपनी वर्किंग बहन से करें.
प्रोगेसिव पुरुषों से सीखें और अमल करें.
वाइफ को इन्सिक्योर हसबैंड से खुल कर बात करनी चाहिए. Saina Nehwal Divorce
