Shital Babar: अगर आप ने जिंदगी में कुछ करने को ठान लिया है, तो समस्याएं कितनी भी आएं, आप उन से निकल कर सफलता प्राप्त कर लेते हैं, ऐसा ही कुछ कर दिखाया है सातारा की शीतल बाबर ने, जो एक ज्वैलरी डिजाइनर होने के साथसाथ मेकअप आर्टिस्ट और हेयर ड्रैसर भी हैं.

उन के लिए यहां तक पहुंचना आसान नहीं था, क्योंकि वे अभी तक सिंगल हैं और उन्हें आसपास के सभी रिश्तेदारों से बारबार शादी कर घर बसाने के लिए कहा जाता था, लेकिन शीतल खुद को स्थापित कर एक बिजनैस वूमन बनना चाहती हैं, जिस में शादी उन की प्रायोरिटी नहीं.

उन के इस काम में उन की मां आशा हनुमंत बाबर और भाई अमोल हनुमंत बाबर का बहुत हाथ रहा है, जिन्होंने हमेशा उन्हें कुछ मनमुताबिक काम करने की आजादी दी है.

मिली प्रेरणा

शीतल कहती हैं कि मुझे बचपन से ही अपना कुछ करने की इच्छा थी. मैं ड्राइंग, पेंटिंग और क्राफ्ट का काम शुरू से करती आई हूं. मेकअप के भी वर्कशौप अटेंड किए, जहां मुझे महाराष्ट्रियन नथ बनाने की कला सिखाई गई, जिस में मुझे ज्वैलरी बनाने की बेसिक का पता चला. इस के बाद मैं कई नथ बना कर सोशल मीडिया पर डाल दी. मैं ने केवल 5 महाराष्ट्रियन नथ बनाने की कला सीखी और उसी के आधार पर कई नए डिजाइन बना लिए, जो मेरे फ्रैंड सर्कल में सभी को पसंद आ रहे थे. मेरे कई ग्राहक बन गए. मेरे नथ के ग्राहक विदेशों में भी हैं.

मिला परिवार का सहयोग

शीतल कहती हैं कि मेरे परिवार वालों ने हमेशा मुझे हर काम में सहयोग दिया है. उन्होंने लड़की समझ कर मुझे मेरे काम को करने से मना नहीं किया. यही वजह थी कि मैं ने कंप्यूटर एप्लिकेशन में पढ़ाई सातारा से पूरी की है. इस के बाद मैं मुंबई अपने परिवार के साथ शिफ्ट हुई. इस के बाद मैं ने कुछ दिनों तक मुंबई में शेयर मार्केट में भी काम किया है. फिर बैंकिंग में पोस्ट डिप्लोमा करने के बाद कुछ दिनों बाद मुझे एक बैंक में जौब लग गई. जौब करतेकरते मुझे लगा कि मुझे कुछ अपना काम करना है. ऐसे में मैं ने अपना कुछ करने का प्लान बनाया.

छोटे बजट से व्यवसाय

शीतल कहती हैं कि मैं सातारा में अपने घर में अकेली रहती हूं और शांति से पूरा काम करती हूं, क्योंकि क्रिएटिविटी के लिए शांत वातावरण चाहिए. वहां मेरे आसपास मेरे रिश्तेदार हैं, उन का सहयोग मेरे साथ पूरा रहता है.

व्यवसाय की शुरुआत में मैं ने जौब से जमा किए हुए पूंजी से किया. इस में मैं पहले कम रा मैटीरियल मंगवाती थी, फिर सब के और्डर मिलने पर उन्हे सप्लाई कर जो पैसा मिलता था, उस से फिर से रा मैटीरियल मंगवाती थी. ऐसा करतेकरते मेरे व्यवसाय के ग्राहक बढ़ते गए. पहले जितना कमाया, उतने खर्च कर देती थी. कुछ बचता नहीं था. धीरेधीरे ग्राहक बढ़े और अब लाभ होने लगा. मेरे ब्रैंड का नाम ‘साज नथ शीतल’ है.

मेरे इस व्यवसाय में सातारा की एक फ्रैंड ने बहुत सहयोग दिया है. उन की प्रिंटिंग प्रेस है. उन्होंने विजिटिंग कार्ड, प्रिंटिंग मैटीरियल आदि सब फ्री में बना कर दिया, ताकि मैं व्यवसाय शुरू कर सकूं. अब मैं उन्हें पैसे देती हूं. मैं महीने में ₹25 से 30 हजार तक प्रौफिट कमा लेती हूं, जो मेरे लिए बहुत है.

मार्केटिंग करना नहीं था आसान

वे कहती हैं कि शुरू में मैं मार्केटिंग को ले कर काफी चिंतित थी, लेकिन एक दिन पहले जो 5 नथ मैं ने वर्कशौप के दौरान बनाने सीखे थे, वहां से कुछ रा मैटीरियल खरीद लिए थे, उसी से मैं ने कई नथ खुद बनाया और उस के पिक्चर्स सोशल मीडिया पर डाल दिए. दोस्तों से ले कर कई नए लोगों ने मेरे क्रिएशन की तारीफ की और तुरंत खरीद लिए. मेरे सारे नथ आधे घंटे में बिक गए. इस से मुझे प्रेरणा मिली. इस के बाद मैं ने कई ब्यूटी पार्लर वालों से संपर्क किया और अब नथ के साथसाथ मैं ने गले का हार, कान की बाली, हाथ के कंगन, अंगूठी आदि सब बनाने लगी, क्योंकि इन सब को बनाने की कला मैं ने कई वर्कशौप से सीख लिए थे. ज्वैलरी बना कर मैं ने ब्यूटी पार्लर वालों को भी को बेचना शुरू कर दिया है और अब मेरे ग्राहकों की लिस्ट लंबी हो गई है.

जरूरी है मनी का फ्लो होना

शीतल कहती हैं कि ज्वैलरी डिजाइनर के साथसाथ मैं मेकअप आर्टिस्ट और हेयर ड्रैसर भी हूं, क्योंकि मैं ने उस की ट्रैनिंग भी ली है. वहां भी मैं ब्राइड को मेरे ज्वैलरी से सजाती हूं. मेरे 3 काम एकसाथ चलते हैं, क्योंकि इस से मेरे व्यवसाय में मनी फ्लो होता रहता है. इस में मैं ब्राइड को सजाना, बेबी शावर, मौडल के मेकअप आदि सब करती हूं. मैं कस्टमाइज्ड ज्वैलरी भी बनाती हूं.

पौकेट फ्रैंडली है दाम

शीतल को एक पूरा सेट बनाने में 2 से 3 दिन लगते हैं, जबकि 1 नथ बनाने में आधा घंटा लगता है. इस में तार और मोती की सजावट खास होती है. 1 नथ की कीमत ₹500 से ₹800 तक होती है. नथ मेकिंग का किट मिलता है, जिस में तार, बीड्स, मोती आदि कई चीजें होती हैं, जिसे डिजाइन के अनुसार बनाया जाता है. इस काम में बारीकी और सफाई का होना आवश्यक होता है.

वे कहती हैं कि मैटीरियल पुणे और अन्य जगहों से औनलाइन मंगवाया जाता है, जिसे ग्राहकों की मांग के अनुसार उन्हें बना कर भेजती हूं. इस में मैं इस बात का ध्यान रखती हूं कि मुझे और्डर देने के बाद ग्राहक पूरे पैसे जमा करें, ताकि बाद में किसी प्रकार का झमेला न हो.

अभी तक मैं ने जो भी और्डर बना कर भेजे हैं, ग्राहक हमेशा संतुष्ट रहा है  इस से मेरा कारोबार बढ़ने में आसानी रही है. मैं रोज 5 से 6 घंटे तक काम करती हूं, लेकिन त्योहारों में रातरात भर बैठ कर काम करना पड़ता है, क्योंकि मार्केट में ज्वैलरी की मांग अधिक होती है और कमाई भी उन दिनों अधिक होती है.

वेराइटी के लिए मैं सोशल मीडिया के पेज पर जाती हूं और उस से अपना अलग क्रिएशन बनाती हूं, किसी की कौपी नहीं करती.

शादी करना मेरे लिए जरूरी नहीं

शादी न करने की वजह के बारे में पूछने पर शीतल हंसती हुई कहती हैं कि मैं शादी करना चाहती हूं, लेकिन मेरे व्यवसाय को ले कर टोकाटाकी करने वाला लड़का मुझे नहीं चाहिए. मुझे मेरे काम को सपोर्ट करने वाला पति चाहिए और वह उम्र के किसी भी पड़ाव में मिलेगा, मैं शादी कर लूंगी. अभी तक मुझे एक भी वैसा लड़का मिला नहीं है. मेरा आज के लड़कों के लिए मेरा अनुभव बहुत खराब है. उन की सोच मेरी सोच से अलग है. कुछ लड़कों ने तो मेरे रंगरूप, मेरी जौब, व्यवसाय आदि को देख कर रिजैक्ट किया है.

इसलिए शादी कर मैं अपने व्यवसाय को नष्ट नहीं करना चाहती. एक लड़की का शादी कर घर के काम करने की सलाह आज भी लड़के देते हैं, जो मुझे पसंद नहीं, क्योंकि एक लड़की हर तरह के काम कर सकती है, जबकि लड़के नहीं कर पाते.

मेरे रिश्तेदार मेरी शादी को ले कर पहले चिंतित थे, आज नहीं, क्योंकि कम उम्र में शादी कर मेरे परिवार की लड़की और दोस्त काफी परेशान हैं. कुछ ने तो डिवोर्स तक ले लिया है.

इस के अलावा जब मैं कालेज में थी तब मेरे पिता की मृत्यु हो गई थी, ऐसे में मैं ने अपने छोटे भाई और मां को संभाला है. आज मैं खुश हूं कि वे सभी अब सैटल्ड हैं और मेरा व्यवसाय भी शुरू हो गया है.

आगे की योजनाएं

शीतल अब अपना एक मेकअप और ज्वैलरी की अकादमी सातारा में खोलना चाहती हैं, जिस में छोटे शहरों और गांव की लड़कियां प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनें. समय मिलने पर वे खेतों पर काम करती हैं या फिर खुद को अपडेट करती हैं.

इस प्रकार शीतल बाबर की जीवनी, आज की लड़कियों के लिए प्रेरणादायक है, जिस में उन का आत्मविश्वास और दृढ़शक्ति उन्हें आगे ले जा रही है. वे केवल एक व्यवसाय ही नहीं चलातीं, बल्कि आसपास की लड़कियों को वर्कशौप के जरीए आत्मनिर्भर भी बना रही हैं, ताकि वे किसी भी परिस्थिति को बखूबी संभाल सकें.

Shital Babar

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