Social harmony : अमेरिका और इजरायल यों ही ईरान पर हमला नहीं कर रहे. ईरान कट्टर इसलामी देश है और अमेरिका और इजरायल एक ही बाइबल को मानने वाले 2 धर्मों वाले देश हैं पर अपनेअपने धर्म के प्रति कट्टर होते जा रहे हैं. यहूदी तो तब से कट्टर और बददिमाग वाले रहे हैं जब से उन्हें धर्म के कारण जेरूसलम के आसपास के इलाकों से ईसाई लड़ाकुओं के कारण भागना पड़ा था.

अमेरिका में 500 साल पहले जो लोग यूरोप से आए थे वे अलगअलग ईसाई संप्रदायों से थे इसलिए एकदूसरे के साथ काम करने में धर्म से पहले जीवित रहने की आवश्यकता थी. उन्होंने उदारता का प्रदर्शन किया जो उन के संविधान का भी हिस्सा बन गई. अब पिछले 68-70 साल से अमेरिका का चर्च एक बार फिर जोर से कम पढ़ेलिखे गोरों को धर्मभीरु बना रहा है ताकि उन से कमाई बढ़ाई जा सके. मागा, मेक अमेरिका ग्रेट अगेन, इसलामी तालिबान है जिस ने सभी तरह के चर्च के संप्रदायों को एक से रास्ते पर चलाने की सहमति पा ली है.

अमेरिका के जेबी विजडम नाम के एक कट्टर ईसाई की बात पढि़ए. वह कहता है: 1. ईसाई होने के नाते वह अपने को राजनीतिक तौर पर बेघर मानता है. 2. अमेरिका के उदारवंशियों के साथ वह रह नहीं सकता क्योंकि गर्भपात, समलैंगिकता और परिवार के विघटन का समर्थन करते हैं. 3. वह कट्टरपंथियों के साथ नहीं रह सकता क्योंकि वे या तो अमीरों का समर्थन करते हैं या युद्ध के लिए बेचैन लोगों का और बाल यौन अपराधियों को सजा दिलाना नहीं चाहते. (अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर बाल यौन अपराध करने के आरोप एस्टीन फाइलों से उजागर हुए हैं).4. मैं केवल जीसस क्राइस्ट के साथ ही सहज हूं. 5. वह पूछता है कौन उस के साथ है.

इस शख्स को उम्मीद थी कि सोशल मीडिया प्लेटफौर्म थ्रैड्स पर इसे भरपूर समर्थन मिलेगा. पर मिला? अफसोस, नहीं मिला, पर इस का मतलब नहीं कि जेबी विजडम जैसों की कमी है. ये भारी तादाद में हैं. ये मूर्ख हैं, ठीक वैसे ही जैसे भारत में हैं, पाकिस्तान में हैं, अफगानिस्तान में हैं, ईरान में हैं.

अमेरिका इन का नया सहयोगी है. भारत के नरेंद्र मोदी इजरायल, अमेरिका और ईरान युद्ध के कुछ घंटे पहले ही तेल अवीब में इजरायली संसद में एक अनजाना सा मैडल ले रहे थे. अमेरिका ईरान से युद्ध में ईसाई होने की अकड़ में उल  झा पड़ा था जो अब उसे भारी पड़ रहा है, पर इस का असर अमेरिका के चर्चों को नहीं पड़ेगा. वे लगातार लोगों को धर्मभीरु बनाने के लिए बाइबल को हाथों में ले कर ऊटपटांग बोलते रहेंगे मानो जब तक बाइबल थी पर साइंस नहीं, मानव बेहद खुश था.

अमेरिकी जनता का बदलता रंग खतरनाक है जैसा भारत का भगवा रंग हो रहा है. दोनों अंधविश्वासी हैं. दोनों विज्ञान की सहायता ले कर समाज को उलटा चला रहे हैं. दोनों औरतों पर बंधन लगाना चाहते हैं, दोनों पूजापाठ को स्कूलों तक में अनिवार्य करना चाहते हैं. भारत में भी जेबी विजडम भरे पडे़ हैं.

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