Payal Kapadia profile
इंपावरमैंट थू्र इंटरटेनमैंट अचीवर अवार्ड
पायल कपाडि़या ने भारतीय फिल्म और टैलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) से फिल्म निर्माण का प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जहां उन में भारत की वास्तविक सामाजिक कहानियों से जुड़ने की एक गहरी रुचि विकसित हुई. उन का शैक्षणिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र डौक्यूमैंटरी और कथा सिनेमा रहा, जिस में उन्होंने सूक्ष्म और मानवीय संवेदनाओं वाली कहानियों पर जोर दिया.
सफल कैरियर की यात्रा
पायल की पहली फीचर लैंथ फिल्म, ‘ए नाइट औफ नोइंग नथिंग’ (2021), एक हाइब्रिड डौक्यूमैंटरी है, जिस में पत्रों और कैंपस की छवियों के माध्यम से एक छात्र की कहानी द्वारा भारतीय विश्वविद्यालयों में प्रेम, जाति और छात्र प्रतिरोध को दर्शाया गया है.
इस फिल्म का प्रीमियर कांस डाइरैक्टर्स फोर्टनाइट में हुआ, जहां इस ने सर्वश्रेष्ठ डौक्यूमैंटरी के लिए ‘ओइल डी’ ओर (गोल्डन आई) पुरस्कार जीता. इस के बाद इसे टोरंटो, सैन सेबेस्टियन और मार डेल प्लाटा जैसे प्रमुख फिल्म समारोहों में भी बड़े पुरस्कार मिले.
पायल कपाडि़या की पहली फिक्शन फीचर फिल्म ‘औल वी इमेजिन एज लाइट’ मुंबई पर आधारित एक ड्रामा है. यह 2 नर्सों और उन की एक युवा रूममेट की कहानी है जो 3 दशकों में कांस की मुख्य प्रतियोगिता में शामिल होने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी और इस ने ‘ग्रैंड प्रिक्स’ जीता जो इस समारोह का दूसरा सब से बड़ा सम्मान है.
