Neena Gupta actress
ऐंपावरमैंट थ्रू ऐंटरटेनमैंट (हिंदी) अवार्ड
इंपावरमैंट थू्र इंटरटेनमैंट आइकन हिंदी
नीना दिल्ली में पलीबढ़ीं. उन्होंने संस्कृत में एम.ए. और एम.फिल. की पढ़ाई करते हुए एक स्टूडैंट और ऐथलीट के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. वे ‘नैशनल स्कूल औफ ड्रामा’ में प्रशिक्षित हुईं. अपने शुरुआती वर्षों में थिएटर और चरित्र आधारित कहानियों के प्रति जनून ने उन में एक निडर और अपरंपरागत अभिनय की नींव रखी.
आज नीना गुप्ता अपने अभिनय, कला और निर्देशन द्वारा महिलाओं की कहानियां, उन की दुनिया के सामने रखती हैं.
एक कलाकार की शुरुआत
नीना ने फिल्म ‘साथसाथ’ (1982) से फिल्मों में डेब्यू किया और फिल्म ‘गांधी’ (1982) और ‘जाने भी दो यारो’ (1983) जैसी फिल्मों से जल्द ही अपनी पहचान बना ली.
अपनी एक अद्वितीय प्रतिभा से उन्होंने अपनी कला और सिनेमा को जोड़ा और ‘सांस’, ‘सिस्की’ और ‘बुनियाद’ जैसे प्रशंसित धारावाहिकों से टैलीविजन पर प्रसिद्धि पाई. ‘सांस’ और ‘सिस्की’ में उन का लेखन और निर्देशन भी देखने को मिला.
‘सांस’ और ‘बाजा सीताराम’ में उन के निर्देशन की भी काफी सराहना की गई.
2010 के दशक में उन की वापसी विशेष रूप से फिल्म ‘बधाई हो’ (2018) ने एक प्रमुख कलाकार और भारत की सब से प्रचलित स्क्रीन माताओं में उन को फिर से स्थापित किया.
