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बिजनैस लीडरशिप अचीवर अवार्ड
मोनीषा नारके एक ‘सर्कुलर इकौनौमी’ उद्यमी हैं, जिन्होंने कचरे को उस के स्रोत पर ही रीसाइकल करने के लिए एक वैंचर बनाया है. अपने स्टार्टअप RUR Greenlife के माध्यम से उन्होंने ऐसी विकेंद्रीकृत प्रणालियां तैयार की हैं जो कचरे को मूल्यवान वस्तुओं में बदल देती हैं.
अपनी अचीवमैंट पर गृहशोभा इंस्पायर अवार्ड में मोनीषा ने कहा, ‘‘15 साल की यात्रा में, हम ने कुछ अच्छे काम किए हैं. जहां हम ने लोगों को स्रोत पर ही खाद बनाने कचरे को रीसाइक्लिंग करने, कचरे को कम करने के लिए शिक्षित और प्रोत्साहित किया है, लेकिन फिर भी कचरे का ढेर अभी भी वहीं है. तो मेरी सीख यह है कि बदलाव में थोड़ा समय लगता है और इस यात्रा में बहुत सारे स्वयंसेवक, बहुत सारे हरित चैंपियन हैं जो मु झे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते है.’’
प्रभावकारी सोच का जन्म
मोनीषा ने देखा कि भारत में कचरा प्रबंधन इसलिए विफल होता है क्योंकि विभिन्न तरह के कचरे को अलगअलग नहीं किया जाता और साथ ही यहां जवाबदेही की कमी है. उन का समाधान था- सामुदायिक भागीदारी और तकनीक को जोड़ कर एक ऐसा मौडल बनाना जिस से कचरा लैंडफिल में जाने के बजाय पैसा और संसाधन बन सके.
रीसाइक्लिंग और वेस्ट टू वैल्यू की शुरुआत
मोनीषा की रीसाइक्लिंग, सर्कुलर इकौनौमी, वैस्ट मैनेजमैंट की जागरूक सोच और उन की पहल कई आवासीय सोसाइटियों और संस्थानों के साथ सक्रिय काम कर, लोगों को जागरूक कर समुदायों द्वारा पैदा किए जाने वाले कचरे में भारी कमी लाई है, जिस से लैंडफिल में कचरों को ढेर में भी कमी आई और कचरा प्रसंस्करण और रीसाइक्लिंग के क्षेत्र में ‘ग्रीन जौब्स’ पैदा कर आजीविका के स्रोत बनाए, साथ ही मोनिषा कचरा प्रबंधन जैसे कठिन क्षेत्र में एक महिला संस्थापक के रूप में मिसाल पेश कर रही हैं. जैसे:
RUR Greenlife की स्थापना (2018): कचरा प्रबंधन के लिए एक एंड टू एंड एंटरप्राइज.
स्रोत पर पृथकरण: हाउसिंग सोसाइटियों और संस्थानों में कचरा अलग करने के कार्यक्रम लागू किए.
वैस्ट टू वैल्यू: सूखे और गीले कचरे से खाद और उपयोगी वस्तुएं बनाने की तकनीक विकसित की.
मोनीषा का उद्देश्य है कि हाउसिंग सोसाइटियों और संस्थानों के साथ दीर्घकालिक अनुबंध प्राप्त कर अपने काम और सेवा के द्वारा विश्वसनीयता के आधार पर जुड़े रहना ताकि यह प्रयास निरंतर रूप से चलता रहे. साथ ही इस पहल से नगरपालिका के निरंतर कार्यक्रमों में और परिवर्तन में साथ देना.
प्रमुख सम्मान
‘ऐंजल्स औफ मुंबई अवार्ड’ (2024): सामुदायिक सशक्तीकरण के लिए.
‘गौरव पुरस्कार’ (2023: वनिता समाज शिवाजी पार्क द्वारा उन के अथक सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया.
‘रोटरी शक्ति पुरस्कार’ (2023): ‘वूमन औफ सब्सटैंस’ के रूप में पहचान.
SWANA ब्रौंज ऐक्सीलैंस अवार्ड’ (2018): उन की नवीन कंपोस्टिंग (खाद बनाने की) तकनीक के लिए उत्तरी अमेरिका की सालिड वैस्ट ऐसोसिएशन द्वारा सम्मानित.
