Best Hindi Stories :  मंजू आईने में अपने गठीले बदन को निहार रही थी और सोच रही थी कि बिना कलह के दो रोटी भी खाओ, तो सेहत अच्छी हो ही जाती है. वह अपने चेहरे के सामने आए बालों को हाथों से सुलझा कर, अपनी बड़ीबड़ी आंखें में तैरते हुए सपनों को देखने की कोशिश कर रही थी. अभी भी उस के चेहरे पर चमक बाक़ी थी. फिर वह याद करने लगी थी...  कैसे वह मंजू से मंजूबाई बन गई थी. जब शादी कर के इस घर में आई थी, तब उस की सास कितनी खुश हुई थीं.  वे उस की सुंदर काया देख कर घरघर कहती फिरतीं थीं, ‘मेरी बहू बहुत ही खूबसूरत है. वह लाखों में एक है.’

और फिर एक दिन सासुमां ने उसे समझाया था, ‘अब बहू, तुम्हें ही मेरे लल्ला को सुधारना है. थोड़ाबहुत उसे पीने की आदत है.’

‘सुनिए जी, आप शराब पीना बंद कर दीजिए. मुझे यह सब पसंद नहीं है,’ मैं ने पति की बांहों में सिमट कर मनाने की कोशिश की थी.

कुछ दिनों तक उस का पीना कुछ कम हुआ, लेकिन जल्द ही वह पुरानी आदत के कारण पीने लगा था. फिर तो वह मेरी सुनता ही नहीं था. जब मना करती, वह भड़क जाता. उस दिन, पहली बार अपने पति से पीटी गई थी. मैं खूब रोई थी.

मैं अपने समय को कोस रही थी. गरीब मांबाप की बेटी, अपने समय को ही दोष दे कर रह जाती है. शराब की लत ने उसे बीमार कर दिया था. मैं रोज उस से लड़ती. यह लड़ाईझगड़ा मेरी पिटाई पर खत्म होता. आसपास वाले लोग तमाशा देखते. उन लोगों के लिए  यह सब मनोरंजन का साधन था. जबकि, मैं रोज मर और जी रही थी.

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