Fictional Story: ‘‘ब्रो, आज शाम को मैं नेल स्पा जा रही हूं, नेल ऐक्सटैंशन कराने. तू चलेगी क्या?’’
‘‘आज शाम?’’
‘‘हां.’’
‘‘सौरी डूडेट, मैं आज सोशल जा रही हूं.’’
‘‘अकेले?’’
‘‘पागल है क्या?
मैं अकेले क्यों जाऊंगी?’’
‘‘फिर और कौन जा रहा है?’’
‘‘याद है, वह डेटिंग ऐप वाला हीरो?’’
‘‘कौन रोमिल?’’
‘‘हां, आज मैं उस से पहली बार मिलूंगी.’’
‘‘वाओ ब्रो, आखिर वह मिलने आ ही रहा है.’’
‘‘यार, मैं बहुत नर्वस हूं.‘‘
‘‘डौंट वरी, यू आर ए डूडेट. तू यह भी हैंडल कर लेगी.’’
यह वार्त्तालाप हो रहा था आजकल की इक्कीस वर्षीय कालेज स्टूडैंट्स में. जो ‘सोशल रेस्त्ररां’ जा रही थीं. उस का नाम था बेला और उस की सहेली, जो नेल स्पा जा रही थी, उस का नाम था मानसी. बेला देखने में एकदम साधारण रूपरंग एवं हृष्टपुष्ट व्यक्तित्व की स्वामिनी थी. बड़ीबड़ी आंखें, मोटी सी नाक व मोटे होंठ. आजकल की दुबलीपतली लड़कियों में से वह नहीं थी. उसे अच्छा खाना पसंद था. उस के दोस्त तो बहुत थे पर उस का दुख यही था कि उस का कोई बौयफ्रैंड नहीं था. इसलिए अब वह डेटिंग एप के थू्र अपना बौयफ्रैंड ढूंढ़ने में लगी हुई थी.
कदकाठी में उस के बिलकुल विपरीत उस की सहेली मानसी थी. मानसी बहुत ही दुबलीपतली छोटी सी लड़की थी. उस के फीचर्स तो ठीकठाक से थे यानी होंठ काफी पतले थे, आंखें बड़ी तो नहीं पर बादाम के आकार की थीं, नाक थोड़ी छोटी सी थी और रंग गेहुआं था. भीड़ में आसानी से खो जाने वाला उस का व्यक्तित्व था. उस का दुख कुछ अलग था. उस की बहन नीमा, गोरीचिट्टी,
सुंदर तो थी ही, साथ ही बहुत प्रभावशाली इन्फ्लुएंसर भी बन चुकी थी. उस के फौलोअर्स मिलियंस में थे.
मानसी को भी नीमा की तरह आकर्षक दिखने और नए तरह के कपड़े पहनने का शौक था. उस का बौयफ्रैंड औलरैडी था और इस समय अमेरिका में अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा था. मानसी उस के साथ घर बसाने के सपने देख रही थी. उस का ख्वाब अमेरिका में ही सैटल होने का था. उसे इसी बात की तसल्ली थी कि नीमा का अभी तक कोई बौयफ्रैंड नहीं है और वह इस चीज में उस से आगे थी वरना बहन का इनफ्लुएंसर होना उसे एक हीनभावना से हमेशा ग्रस्त रखता था.
मानसी की मां आरती उसे बहुत सम झाती थीं पर मानसी जिद्द पर अड़ी थी कि उसे भी अपनी बहन की तरह इन्फ्लुएंसर बनना था. उसे पता था कि शक्लसूरत से वह साधारण थी, इसलिए हर रोज नया हेयरस्टाइल या मेकअप ट्राई करना उस का शौक था.
एक दिन मानसी अपने पापा रमेश से बोली, ‘‘पापा, मु झे अपनी अच्छी फोटोस चाहिए, मु झे आई फोन का लेटैस्ट मौडल दिला दो,’’ रमेश ने लाडली बेटी की यह जिद्द भी पूरी कर दी. अब मानसी अपनी पिक्चर शूट करना सीख रही थी. उस पर जल्द से जल्द इन्फ्लुएंसर बनने की धुन जो सवार थी.
इस बार जब गरमियों की छुट्टियां हुईं तो मानसी का बौयफ्रैंड रोहित इंडिया आया और उस ने उसे प्रपोज कर दिया. मानसी की खुशी का पारावार न था. हालांकि वह अभी सिर्फ 21 साल की थी और ग्रैजुएशन कंप्लीट की थी. मगर रोहित ने कहा कि अगले साल वे लोग शादी कर लेंगे. उस के बाद मानसी उस के साथ अमेरिका जा कर पढ़ाई कर सकती है. रोहित के परिवार वाले बिजनैस करते थे और काफी अमीर थे. उन का लाड़ला कुछ भी करता, उसे फैमिली बिजनैस ही संभालना था. वे रोहित की शादी 1-2 साल में करने ही वाले थे. मानसी को वे सब रोहित की पसंद के रूप में जानते थे. मानसी ने अब तक अपने घर में रोहित के बारे में किसी को नहीं बताया था; हां उस की बहन नीमा को जरूर पता था. लड़कियों के मम्मीपापा इस से बिलकुल अनजान थे.
अब मानसी ने अपने मातापिता को यह बात बताई. मानसी के पापा रमेश बहुत समझदार व्यक्ति थे. उन्होंने उसे बहुत सम झाया कि अभी उस की पढ़नेलिखने की उम्र है, शादी करने की नहीं. मगर मानसी पर तो जैसे अपनी बहन को नीचा दिखाने का भूत सवार था. उस ने जिद्द की कि वह रोहित के साथ शादी कर के अमेरिका जाएगी. हार कर आरती और रमेश ने
हां कर दी. उन्होंने एक बार रोहित से मिलना जरूरी सम झा. रोहित की पर्सनैलिटी से वे लोग भी इंप्रैस हो गए. रोहित के परिवार वालों ने आरती और रमेश से भी मुलाकात की और मामला लगभग तय हो गया. मानसी ने अमेरिका जाने की तैयारी शुरू कर दी. उस ने आईईएलटीएस क्लासेज जौइन कीं और मनचित्त से पढ़ाई करने लगी.
इधर बेला रोमिल से मिलने लगी थी. एक दिन वह मानसी को भी अपने साथ ले गई. उन लोगों ने अपने काफी सारे फोटो खींचे. रोमिल ने भी मानसी के साथ कुछ फोटो लिए और अपने इंस्टाग्राम पेज पर मानसी को टैग कर शेयर किए. मानसी के बौयफ्रैंड रोहित ने जब वे फोटो देखे तो वह जलभुन गया. उसे लगा मानसी लौंग डिस्टैंस रिलेशनशिप का फायदा उठा कर उस के साथ चीटिंग कर रही थी. उधर मानसी रोहित के साथ घर बसाने के सपने देख रही थी और साथ ही अपने ऐग्जाम की तैयारी भी कर रही थी.
इधर ऐग्जाम के एक दिन पहले रोहित ने मानसी को कौल किया. ‘‘बेब, यह सब क्या है? यह कौन तुम्हारे साथ इंस्टा पर फोटो डाल रहा
है? तुम इसे कब मिलीं? तुम्हारा चक्कर कब से चल रहा है? अब मेरी कोई वैल्यू नहीं है न क्योंकि मैं इंडिया में नहीं हूं?’’ और भी उसे बहुत खरीखोटी सुनाई.
इन बातों को सुन कर मानसी रुआंसी हो आई. उस ने कुछ भी न बोल कर रोहित का फोन काट दिया और एक लंबा व्हाट्सऐप मैसेज सब बातें क्लीयर करते हुए छोड़ दिया. अगले दिन उस ने किसी तरह जा कर अपना ऐग्जाम तो दिया पर वह काफी डिस्टर्ब हो गई थी.
1 हफ्ते बाद रोहित ने फिर से फोन कर के रोमिल के बारे में पूछताछ शुरू की. मानसी ने उसे सम झाने की कोशिश भी की और बताया कि रोमिल बेला का दोस्त था. फिर भी शक का कीड़ा तो रोहित के मन में पल ही रहा था. उस ने फिर से कौल पर मानसी को ‘यू बिच, टू टाइमिंग कर रही है,’ कह दिया.
मानसी ने भी गुस्से में कहा, ‘‘मु झे इस तरह की टौक्सिक रिलेशनशिप में नहीं रहना जहां पर ट्रस्ट बिलकुल भी नहीं है. तुम अभी से इतना शक कर रहे हो तो आगे पता नहीं कितनी बंदिशें लगाओगे. आई नीड माई स्पेस.’’
दोनों का फोन पर ही ब्रेकअप हो गया. रमेश और आरती ने जब इस बारे में सुना तो बेटी का दिल टूटने से उन्हें दुख तो हुआ पर वे एक तरह से काफी राहत महसूस कर रहे थे. उन्होंने मानसी को कोई प्रोफैशनल कोर्स करने की सलाह दी. मानसी अभी पढ़ाई के मूड में नहीं थी तो उस ने टीचर की जौब कर ली. काम पर जाने से, व बच्चों के साथ खेलने से मानसी का दुख कम होने लगा था. फोटो शूट फिर से चालू हो गया था.
उधर बेला और रोमिल का प्यार परवान चढ़ रहा था. उन्होंने अपना स्टेटस इंस्टाग्राम पर डिक्लेयर कर दिया था और एक जौइंट अकाउंट खोल लिया था. उस पर वे तरहतरह की रील और फोटो पोस्ट करते थे. मानसी को उन्हें देख कर अपनी रिलेशनशिप याद आ जाती थी. फिर एक दिन उस के स्कूल में एक यंग, गुड लुकिंग, मेल टीचर रंजन ने जौइन किया.
मानसी और रंजन जल्द ही, एक एज ग्रुप होने से काफी अच्छे दोस्त बन गए. दोनों के व्यूज भी बहुत मिलते थे. रंजन चाहता था कि वह मानसी के साथ एक सीरियस रिलेशनशिप बनाए, मगर मानसी ने उसे मना कर दिया. रंजन कोशिश करता रहा.
वह बारबार मानसी से कहता, ‘‘जरूरी तो नहीं कि जो पहले हुआ वह फिर से हो? मु झे तुम्हारे साथ रहकर खुशी मिलती है और मु झे लगता है कि तुम भी मु झे और मेरे साथ को पसंद करती हो. फिर क्या प्रौब्लम है?’’
मानसी यह सुन कर चुप हो जाती. ज्यादा दिन तक वह रंजन से खुद को दूर करने की
नहीं सोच पाती थी क्योंकि इस उम्र में लड़कों
के प्रति आकर्षित होना स्वाभाविक है. फिर
एक दिन उस ने रंजन से कहा, ‘‘देखो रंजन,
हम लोग ट्राई करेंगे मगर यहां कोई कमिटमेंट
नहीं होगा. अगर सबकुछ ठीक रहा तो कमिटमैंट की सोचेंगे.’’
रंजन को भला क्या ऐतराज हो सकता था. उस ने फौरन हां कर दी. अब रंजन और मानसी औफिशियली गर्लफ्रैंडबौयफ्रैंड हो गए थे. उन्होंने भी अपना इंस्टाग्राम पर एक अकाउंट खोल लिया था और उस पर अपने स्टेटस और फोटो डालने लगे थे.
इस बार मानसी थोड़ा सा सतर्क थी और उस ने मम्मीपापा को इस बारे में कुछ भी नहीं बताया था. उस का इंस्टा अकाउंट भी प्राइवेट था. हां, नीमा को उस ने बताना जरूरी सम झा ताकि वह अपनी बहन को थोड़ा सा दुखी कर सके. नीमा पर इस का असर नहीं होता था क्योंकि एक तो उस की फैन फौलोइंग बहुत थी, दूसरे वह अपनी लाइफ में व्यस्त और मस्त रहती थी. थी तो वह छोटी पर मानसी से ज्यादा सम झदार थी, इसलिए मानसी को उस के ब्रेकअप के बाद काफी खुश रखने की कोशिश भी करती थी. मानसी पर हालांकि इस प्यार का कोई खास असर नहीं होता था.
जब रंजन और मानसी की रिलेशन को 2 महीने हो गए तो रंजन की उम्मीदें बढ़ गईं. उस ने एक दिन कहा, ‘‘मानसी, आई वांट टु स्पैंड क्वालिटी टाइम विद यू.’’
‘‘रंजन हम लोग मिलते तो हैं रोज, फिर यह क्वालिटी टाइम की बात क्यों?’’
‘‘मानसी, अब तक हम लोग पब्लिक प्लेसेज में मिलते रहे हैं. अब मैं चाहता हूं कि सिर्फ तुम और मैं हों और हम दिनरात बस एकदूसरे के साथ रहें. अगले हफ्ते लौंग
वीकैंड आ रहा है. मैं 1-2 दिन की छुट्टी और ले लूंगा. तुम भी छुट्टी के लिए अप्लाई कर दो. हम दोनों एक अच्छा सा रिजोर्ट बुक कर के वहां चलेंगे.’’
मानसी ने पूछा, ‘‘और मैं अपने मम्मीपापा से क्या कहूंगी?’’
रंजन बोला, ‘‘अरे, तुम एडल्ट हो, कोई भी बहाना बना देना.’’
मानसी इस उल झन को ले कर अपनी हमदर्द बेला के पास गई. बेला बोली, ‘‘इस में क्या मुश्किल है? अपने मम्मीपापा को बोल दे कि तू 4-5 दिन के लिए मेरे घर जा रही है और स्कूल भी मेरे घर से ही वापस जाएगी.’’
मानसी बोली, ‘‘और अगर उन्होंने कारण पूछा तो?’’ बेला बोली.
‘‘यार तू बड़ी डरपोक है. कह देना कि मैं अपने बर्थडे की पार्टी लौंग वीकैंड पर कर रही हूं और मैं चाहती हूं कि तू मेरे साथ आ कर रहे.’’
मानसी को यह बहाना जंच गया. बस फिर क्या था, रंजन ने फटाफट रिजोर्ट बुक किया और अगले हफ्ते मानसी और रंजन ने 5 दिन एकदूसरे के साथ गुजारे. मानसी जब घर लौटी तो उस का चेहरा खुशी से चमक रहा था.
1 हफ्ते बाद बेला मुंह लटकाए उससे मिलने आई और बोली, ‘‘डूड, मेरा रोमिल के साथ ब्रेकअप हो गया है. वह मेरे वेट को ले कर बहुत कमैंट कर रहा था और चाहता था कि मैं जिम जौइन करूं. मैं ने जौइन किया भी था पर मु झे कोई फर्क नहीं पड़ा. रोमिल चाहता था कि मैं भी तेरी तरह स्लिम ऐंड ट्रिम हो जाऊं.’’
बेला ने दोस्त को दिलासा दिया और उस के साथ फिर से समय बिताने लगी. कभी इस रेस्त्ररां में तो कभी स्पा में. एक दिन बेला ने मानसी से कहा, ‘‘ब्रो तू भी ‘मंबल’ जौइन कर ले न.’’
मानसी बोली, ‘‘यह क्या है?’’
‘‘अरे यही तो वह ऐप है जिस से मैं रोमिल से मिली थी.’’
‘‘तु झे भी कोई न कोई ज़रूर मिल जाएगा.’’
मानसी ने बात को अनसुना कर दिया.
एक दिन मानसी दिन के टाइम अकेली ही मौल चली गई. वहां एक चौकलेट शौप में उसे एक बड़ा शरीफ दिखने वाला लड़का दिखा. उसे लगा कि वह लड़का भी उसे नजरों से परख रहा है. लड़का बोला, ‘‘ऐक्सक्यूज मी, आप को शायद कहीं देखा है.’’
लाइन पुरानी थी पर मानसी को हंसी आ गई. जब दोनों शौप से निकले तो दोनों ने एकदूसरे का नंबर ले लिया. लड़के का नाम भुवन था. मानसी ने उस के साथ चैटिंग शुरू कर दी. भुवन म्यूजिक में अपना कैरियर बना रहा था.
1 महीने बाद भुवन ने मानसी से कहा, ‘‘क्या हम दोनों फ्रैंड्स कहीं मिल सकते हैं? मैं तुम्हें अपनी कंपोजिशन सुनाऊंगा.’’
मानसी बोली, ‘‘वह तो तुम मु झे कौल कर के भी सुना सकते हो.’’
‘‘नहीं मानसी, मैं तुम्हें मिल कर सुनाना चाहता हूं. मुझे लगता है कि तुम मेरे अंदर के कलाकार को सम झोगी.’’
मानसी बड़े दुविधा में थी. अभी तक जिस के साथ सिर्फ एक ऐक्सीडैंटल मुलाकात हुई थी या जिस से कौल पर बात की थी, वह मिलने की बात कर रहा है.
वह एक बार फिर बेला के पास गई, ‘‘यार मुझे समझ नहीं आ रहा कि मु झे भुवन से मिलना चाहिए कि नहीं.’’
‘‘क्यों क्या प्रौब्लम है?’’
‘‘वही यार. यह भी सीरियस न निकला तो?’’
‘‘तब की तब देखेंगे. रिलैक्स. थोड़ा टैंशन कम लिया कर. और हां, यह नाइट क्रीम ट्राई कर, इस में नियासिनामाइड है.’’
बेला फिर बोली, ‘‘एक सीक्रेट बताऊं?’’
‘‘बोल न.’’
‘‘मेरा भी ‘मंबल’ पर एक नया फ्रैंड है. वह मु झे मेरे फोटो के बदले गिफ्ट्स भेजता है.’’
मानसी चौंकी, ‘‘कौन से फोटो बेब?’’
‘‘कुछ बोल्ड फोटो हैं यार मेरे.’’
‘‘तू पागल हो गई है क्या?’’
‘‘नहीं रे, पर मु झे सम झ आ गया है कि इन बौयज से कोई ऐक्सपैक्टेशन रखना बेकार है. मैं तो ऐसे ही खुश हूं.
मानसी बोली, ‘‘आई एम शौक्ड ऐंड डिस्गस्टेड विद यू.’’
‘‘चिल मार. जा उस म्यूजिक वाले को मिल ले.’’
मानसी वहां से चली आई. अगले हफ्ते वह भुवन को मिली. भुवन तो अपने ऊपर ही लट्टू था. सिर्फ अपने गाने के बारे में ही उस से पूछता रहा. अपने फ्यूचर के बारे में उस से बात करता रहा. उस के साथ आगे की ऐजुकेशन के बारे में डिस्कशन करता रहा. उसे मानसी काफी नीरस जान पड़ी. वह खुद थोड़ा इंटलैक्चुअल टाइप का लड़का था.
मानसी को भुवन काफी सैलफिश लगा क्योंकि उस ने मानसी को कोई कंप्लीमैंट नहीं दिया. न ही उस ने मानसी से फिल्मों या ऐक्टर्स की कोई बात की. अब दोनों की चैट्स काफी कम हो गई थीं. एक दिन मानसी ने बोर हो कर भुवन को फोन से ही ब्लौक कर दिया.
आज फिर बेला और मानसी ड्रिंक्स के लिए अपने फैवरिट बार में मिल रहे थे.
बेला ने आते ही पूछा, ‘‘अरे तेरा म्यूजिक वाला कैसा है?’’
मानसी ने कहा, ‘‘यह तो उसे ही पता होगा.’’
बेला ने भौंहें चढ़ा लीं.
फिर मानसी बोली, ‘‘तू सुना, गिफ्ट वाला कैसा है?’’
‘‘मैं ने उस से एक लैपटौप क्या मांग लिया, बस्टर्ड गायब ही हो गया,’’ इतना कहने के बाद बेला फोन खोल कर कुछ करने लगी.
‘‘क्या कर रही है अब फोन पर?’’
बेला हंसी, ‘‘तेरा ‘मंबल’ पर अकाउंट खोल रही हूं और क्या?’’ और फिर दोनों सहेलियां मिल कर खिलखिलाने लगीं.
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