Personal finance tips : अपनों की मदद करने में कोई बुराई नहीं है. कभी भी किसी को भी मदद की जरूरत पङ सकती है या फिर हो सकता है कि कल हमें ही मदद की जरूरत पङ जाएं. इसलिए अगर कोई अपना मदद मांग रहा है और आप देने में सक्षम हैं, तो मना न करें.

लेकिन ऐसा करते समय आप को यह भी पता होना चाहिए कि आप उधार किस काम के लिए दे रहे हैं और जिसे उधार दे रहे हैं उसे उस उधार की वाकई जरूरत है भी या फिर उधार मांगना उस की आदत में शुमार है.

किसी मैडिकल इमरजैंसी के लिए

अगर आप का कोई अपना किसी गंभीर स्वास्थय समस्या से जूझ रहा है. जैसे किसी को कैंसर हो गया हो या फिर किडनी खराब हो गई हो तो उस में काफी पैसा खर्च हो जाता है. वहां पैसों से बढ़ कर किसी की जिंदगी और सेहत का सवाल होता है. ऐसे में उधार देने के लिए कभी भी मना नहीं करना चाहिए.

इस के आलावा अगर किसी का एक्सिडेंट हो जाए और किसी को मदद की जरूरत हो तो ऐसी आपातकालीन स्थिति में बिना किसी नफानुकसान के अपनी क्षमता के अनुसार तुरंत हाथ आगे बढ़ाना चाहिए.

कोर्टकचहरी के लिए पैसे दे देने चाहिए

अगर कोई मित्र कोर्टकचहरी के किसी केस में गलत तरीके से फंस गया है तो उस की मदद जरूर करें. कोर्टकचहरी में बहुत ज्यादा पैसा लग जाता है. लोगों की जमीनजायजाद तक बिक जाती है.

अगर दोस्त मुसीबत में है और मदद मांग रहा है तो उस की मदद करें. लेकिन उस से बात कर लें कि जब वह इन चक्करों से निकल जाएगा तो पैसा वापस कर देगा.

निवेश के लिए

अगर भाई या बहन अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए किसी सही और सुरक्षित जगह पैसे निवेश कर रहे हैं, तो यह उन की तरक्की में योगदान देने जैसा है.

बेटी की शादी

हमारे समाज में बेटी की शादी एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी मानी जाती है. अगर कोई इस कार्य के लिए वित्तीय मदद मांग रहा है, तो एक अच्छे पारिवारिक रिश्ते के नाते उन की मदद जरूर करनी चाहिए.

उधार देने से पहले इन बातों का ध्यान रखें :

जेवर खरीदने के लिए उधार न दें : अगर किसी को कोई ज्वैलरी खरीदनी है और थोड़े पैसे कम पढ़ रहे हैं तो कभी उधार न दें. जितने पैसे सामने वाले के पास हैं उसे उतने में ही ज्वैलरी खरीदनी चाहिए.

लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए उधार न दें : अगर कोई नई गाड़ी, नया फर्नीचर जैसी चीजों के लिए पैसे मांगता है तो तुरंत बिना सोचेसमझे मन कर दें. ऐसा करना जरूरी नहीं है. इस के लिए अपने पैसे जोड़े भी जा सकते हैं और फिर चीज खरीदी जा सकती है या फिर न खरीदें तो भी चलेगा.

मकान बनाने के लिए पैसा न दें : कई लोगों का सपना होता है कि वह बहुत खूबसूरत घर बनाएं और वे इस के लिए इधरउधर से पैसा मांगना शुरू कर देते हैं. लेकिन एक बात ध्यान रखें कि मकान से कोई आय नहीं है और न ही यह जीनेमरने का प्रश्न है. इसलिए इस के लिए पैसा न दें. बल्कि यह तो शौक की बात है और शौक उधार ले कर नहीं बल्कि अपने कमाए हुए पैसे से पुरे करने चाहिए.

पढ़ाई के लिए भी पैसे न दें

अगर कोई बच्चा होनहार है और आगे पढ़ना चाहता है लेकिन फीस देने में सक्षम नहीं है तो वह ज्यादा मेहनत कर के स्कौलरशिप पा सकता है. साथ ही अगर चाहे तो वह पार्ट टाइम में कुछ कर के भी अपनी फीस का जुगाड़ कर सकता है या फिर जितने पैसे हो उस के हिसाब से सरकारी स्कूल में भी पढाई कर के अपना अच्छा कैरियर बना सकता है.

अगर कोई मकान बनवाने के लिए पैसे मांग रहा है, तो नकद (Cash) उन के हाथ में देने के बजाय सीधे कौंट्रैक्टर या मैटीरियल सप्लायर को खुद भुगतान करें. इस से 2 फायदे होते हैं पहला, पैसा सही जगह खर्च होता है और दूसरा, पैसों का दुरुपयोग होने की गुंजाइश खत्म हो जाती है.

पारिवारिक लेनदेन का सब से कड़वा सच यह है कि कई बार पैसा वापस नहीं आता. इसलिए किसी को भी उतना ही उधार दें, जिसे अगर वह न भी लौटा पाए, तो न तो आप का बजट बिगड़े और न ही उस इंसान से आप का रिश्ता टूटे. अगर रकम बहुत बड़ी है, तो विनम्रता से मना करना ही बेहतर है.

यदि रकम बड़ी है, तो एक साधारण प्रोमिसरी नोट या लिखित सहमति पत्र तैयार करने में हिचकिचाएं नहीं. यह औपचारिकता रिश्ते को खराब नहीं करती, बल्कि दोनों पक्षों को गंभीर बनाए रखती है.

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