social media impact : स्क्रीन पर हंसती हुई, लिपस्टिक लगाकर वीडियो बनाती हुई पाकिस्तान की टिकटॉक स्टार 28 साल की शम्सो बीबी उर्फ आयशा गिलमाना. जिसे 13 लाख लोग “आइडल” मानते थे और हकीकत में… इस्लामाबाद के पास टैक्सिला में 14 अगस्त को गोली से भून दी गई.
उस के पास एक फोन आया. “काशी” नाम के शख्स ने घर से बाहर बुलाया और वो फिर लौटकर नहीं आई. पिता कहते हैं वजह पैसों का विवाद थी. ये खबर सिर्फ पाकिस्तान की नहीं है. ये हर उस घर की कहानी है जहां बेटी के हाथ में मोबाइल है और आंखों में सपने हैं.
फेम की कीमत: लाइक्स मिले पर इज्जत नहीं
आयशा के 13 लाख फॉलोअर्स थे. ब्रांड, पैसा, पहचान सब था. पर समाज ने उसे क्या दिया? “टिकटॉकर है, चरित्र ठीक नहीं होगा” – ये ताना. “पैसा कमा रही है तो हिसाब दो” – ये दबाव.
पाकिस्तान में लड़कियों का सोशल मीडिया पर आना ही ‘बगावत’ माना जाता है. फेम मिलते ही उसे लूटने वाले, ब्लैकमेल करने वाले और मारने वाले भी आ जाते हैं. आयशा को भी”काशी” ने फोन कर बुलाया था जिससे शायद पैसों का लेन-देन था. फेम ने उसे आगे बढ़ाया पर सुरक्षा नहीं दी.
क्या हमारी बेटियां भी असुरक्षित हैं
भारत-पाकिस्तान की सरहद अलग हो सकती है पर सोच नहीं. आज हर घर में 16-25 साल की लड़की रील बना रही है. डांस, कॉमेडी, ब्यूटी टिप्स दे रही है.
ऐसे में कुछ खतरे हैं जो उन का रास्ता रोकते हैं.
- ऑनलाइन दोस्ती का जाल- फैन बन कर DM में आना, फिर मिलना और फिर ब्लैकमेल
- पैसे का विवाद- ब्रांड डील, गिफ्ट, कोलैब के नाम पर धोखा
- इज्जत के नाम पर हिंसा- घर और समाज का दबाव – “ये काम छोड़ दो वरना…”
क्या करें
अपनी आईडी प्राइवेट रखें. घर का पता, स्कूल, कॉलेज या रोज की लोकेशन शेयर न करें. अजनबी से अकेले न मिलें. “फैन मीट” के नाम पर भी नहीं.
पैसे का हिसाब- ब्रांड डील का कॉन्ट्रैक्ट, पेमेंट बैंक में आए. पासवर्ड कसीस से शेयर न करें न दोस्त से और न किसी करीबी से ही.
पेरेंट्स से हर बात शेयर करें- – मम्मी-पापा को बताएं कि आप की किससे बात हो रही. कोई धमकी मिले तो चुप न रहें. स्क्रीनशॉट लेकर 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें.
इस सारे घटनाक्रम और टिकटोक स्टार की हत्या में दोष आखिर किसका है? लड़की का कि उसने कैमरा उठाया, सपना देखा? उस “काशी” का जिसने फोन कर बुलाया और गोली चलाई? या फिर हमारी सोच का जो लड़की के कमाने को “चरित्रहीनता” और लड़के के जुर्म को “आवेश” कह देता है?
आयशा ने क्राइम नहीं किया था. उसने सिर्फ अपना हुनर दिखाया था. मगर उसे मौत की सजा मिली. याद रखें बेटी का सपना दबाओगे तो वो या तो टूट जाएगी या मार दी जाएगी. लेकिन तीसरा रास्ता उसे पंख देना और आने वाली मुश्किलों का सामना होशियारी और मजबूती से करना सिखाना है.
