Relationship Tips : एक औरत अपने जीवन में सब कुछ बरदाश्त कर सकती है लेकिन सौतन कभी बरदाश्त नहीं करती, यही वजह है कि पतिपत्नी के बीच में तीसरे की ऐंट्री पूरे परिवार को बिखेर देती है. सालों से सजाया तिनकेतिनके कर के जोड़ा आशियाना एक पल में बिखर जाता है. जिस पर कभी अपना अधिकार होता है तीसरे की ऐंट्री होते ही सबकुछ पराया हो जाता है. सिर्फ पति का साथ और नाम ही नहीं छिनता बल्कि पैसे से भी गरीब हो जाते हैं और अगर कहीं पत्नी पूरी तरह पति पर ही निर्भर है तो सौतन की ऐंट्री से उस की दुनिया ही उजड़ जाती है, जिस का प्रभाव सिर्फ पतिपत्नी पर नहीं बल्कि बच्चों पर भी पड़ता है.
टूटेबिखरे परिवार के बच्चे मानसिक रूप से कमजोर असुरक्षित और जिद्दी स्वभाव के होते हैं. ऐसे बच्चे खुद भी शादी जैसे रिश्तों पर विश्वास न कर के अकेले जिंदगी जीने की कोशिश करते हैं.
अगर फिल्म इंडस्ट्री की बात करें तो फिल्म इंडस्ट्री में विनोद खन्ना के बेटे अक्षय खन्ना, बोनी कपूर के बेटे अर्जुन कपूर, अरबाज और मलाइका के बेटे आदि कोई भी शादी के लिए तैयार नहीं है और अकेले ही जिंदगी बिताना चाहते हैं. कहने का मतलब यह है कि पतिपत्नी के बीच तलाक कई जिंदगियों को बरबाद कर देता है.
आज के समय में प्रेमीप्रेमिका हो या पतिपत्नी, एकदूसरे के प्रति विश्वास की मात्रा बहुत कम है. अगर देखने जाएं तो रिश्ते प्यार और वफादारी से ज्यादा समझौते पर टिके हैं. इस की वजह है पतिपत्नी के बीच शक की दीवार, पतिपत्नी के बीच अगर एक बार शक की दीवार खड़ी हो गई तो उस से मुक्त होना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन लगता है क्योंकि शक एक ऐसी बीमारी है जिस का कोई इलाज नहीं है.
आज के माहौल में जबकि आदमी औरत सभी मिल कर एक जगह एकसाथ काम करते हैं, तो शक का दायरा और भी बढ़ता जा रहा है. इसी के चलते जहां प्यार की शुरुआत बाबू शोना से शुरू होती है, तो प्यार का अंत कई बार भयानक मौत के साथ भी होता है क्योंकि शक अगर एक सीमित रेखा तक हो तो उस को झेला जा सकता है लेकिन अगर शक किसी बीमारी की तरह पनपने लगे तो वह कई बार खतरनाक और घातक सिद्ध होता है, जिस में प्रेमीप्रेमिका के टुकड़ेटुकड़े कर के बोरी या फ्रिज में भरने से भी नहीं चूकता, तो कई बार लड़की भी अपने प्रेमी को मौत के घाट उतारने में पीछे नहीं हटती.
आजकल अखबारों में इस तरह की खबरें सुर्खियां बनी हुई हैं. ऐसे में सवाल यह उठता है कि अगर किसी पत्नी का पति शक्की है, शक के चलते पति न सिर्फ पत्नी पर पाबंदी और रोकटोक करता है. कई बार शक की वजह से पत्नी को मारपीट कर प्रताड़ित भी करता है तो ऐसे पति से कैसे निबटें? और अगर पत्नी शक्की है, पति पर 24 घंटे नजर रखती है, पीठ पीछे उस की जासूसी करती है, तो ऐसी पत्नी को सुधारने के लिए कौन से तरीके अपनाएं? और अगर शक्की पति या पत्नी अपने पार्टनर की जान के पीछे पड़ जाएं तो ऐसे में पति या पत्नी को शक से छुटकारा पाने के लिए क्या तरीके अपनाना चाहिए?
शक के पीछे की वजह जानने की कोशिश करें
पतिपत्नी के बीच शक का बीज तभी पनपता है, जब पति या पत्नी को अपने पार्टनर की बात रहस्यमयी और सीक्रेट रखने वाली दिखाई देती है. जब पति या पत्नी को ऐसा लगता है कि उन से कोई बात छिपाई जा रही है या अगर उस का पार्टनर रहस्यमयी ढंग से पेश आता है, तो उस वक्त सामने वाले का विश्वास डगमगाने लगता है और अपने पार्टनर पर शक होने की शुरुआत हो जाती है.
कई बार पति या पत्नी रिश्ते खराब होने के डर से कई बातें छिपाते हैं, जिस में कोई गलत इनटैंशन नहीं होता, लेकिन लगातार बात छिपाने से आप का पार्टनर धीरेधीरे आप पर शक करने लगता है, जिस के बाद लड़ाईझगड़े का सिलसिला शुरू होता है और अगर यह ज्यादा बढ़ जाए तो इस का अंत बिलकुल भी अच्छा नहीं होता.
बहुत ज्यादा प्यार करने वाला प्रेमी या पति अपनेआप को धोखा खाने वाला महसूस करते हुए न चाहते हुए भी अपने उस इंसान को मरनेमारने पर उतारु हो जाता है जिस को वह सब से ज्यादा प्यार करता था. इस के अलावा कई लाइफ पार्टनर अपने इस धोखेबाज पार्टनर से ब्रेकअप या तलाक कर के छुटकारा पाने की कोशिश में लग जाते हैं.
शक की बुनियाद पर हर साल कई रिश्ते टूटते हैं जिस का प्रभाव परिवार और बच्चे दोनों पर पड़ता है.
शक के जहर से ऐसे बचाएं रिश्ता
रिश्तो में खटास की कई वजह होती है, जिस में सब से बड़ी वजह होती है मिसकम्युनिकेशन, लैक औफ कम्युनिकेशन और मिसअंडरस्टैंडिंग. इस के साथ ही पतिपत्नी के रिश्ते में इगो प्रौब्लम. लेकिन अगर आप इन सब चीजों को किनारे कर के अपने रिश्ते को बचाने की कोशिश करेंगे तो इस के कई तरीके हैं. जैसे अगर आप के पार्टनर में या खुद आप में शक करने की आदत ज्यादा पड़ गई है, बहुत समझाने पर भी कोई सुधार नहीं हो पा रहा तो इसे समझने के लिए प्रोफैशनल काउंसलर की मदद लें. मैरिज काउंसलर सही तरह से मदद कर पाएगा और आप के पार्टनर के मन में जो शक की खाई है, उसे काफी हद तक दूर कर पाएगा.
एक दूसरे को समय दें
अगर आप के रिश्ते में लड़ाईझगड़े ज्यादा बढ़ रहे हैं और आप का पार्टनर लगातार आप को तानें कस रहा है, तो इस का मतलब यही है कि उस के मन में आप के खिलाफ कुछ गलत चल रहा है, जो वह आप को बोल भी नहीं पा रहा है और अंदर ही अंदर सहन भी नहीं कर पा रहा है.
ऐसे में आप अपने पार्टनर को समय दें. बिना झगड़ा और बहस किए उस के मन में आप के बारे में क्या चल रहा है उस को पता करने की कोशिश करें. अगर व्यस्तता के चलते बातचीत कम हो और गलतफहमियां ज्यादा हो रही हैं तो उसे समझने की कोशिश करें. पार्टनर के मन में आप को लेकर जो डर और असुरक्षा है उसे पौजिटिव बात कर के दूर करने की कोशिश करें.
अगर आप का पार्टनर मन में शक के चलते आप से सवाल पूछे, तो गुस्सा होने के बजाय शांत मन से उस की बात सुनें. उस की बात सुन कर उस के सामने सही स्थिति पेश करें साथ ही यह भी जानने की कोशिश करें कि आप के पार्टनर के मन में ऐसे विचार क्यों और कैसे आए, गलत सोच को दूर करने की कोशिश करें
पार्टनर से बात करते वक्त बातचीत में पारदर्शिता रखें
अगर आप को ऐसा लगता है कि आप का पार्टनर आप पर शक कर रहा है, आप के प्रति उस का विश्वास डगमगा रहा है, तो उस के डर को समझें. अपने दिनचर्या की जानकारी पारदर्शी तरीके से दें. बारबार सफाई देने के बजाय उन्हें भरोसा दिलाएं. अगर आप अपने पार्टनर की अनुपस्थिति में कहीं जाती हैं या किसी से मिलती हैं तो वह भी उन को खुल कर बताएं. उन से हर बात साझा करें. इस के बाद उन के मन से धीरेधीरे बिछड़ने का डर दूर होने लगेगा.
अगर आप अपने रिश्ते को बचाना चाहते हैं और अपने पार्टनर को खोना नहीं चाहते तो हर मुमकिन कोशिश करें कि आप का पार्टनर आप पर विश्वास करे और आप दोनों सुकून की जिंदगी जी सकें. यह तभी संभव है जब आप दोनों ही अपना ईगो छोड़ कर खुल कर दिल से बातें करेंगे. पतिपत्नी के बीच में ‘मैं’ की कोई जगह नहीं होती सिर्फ ‘हम’ की जगह होती है.
पतिपत्नी के बीच शक पर बनी कई फिल्में
समाज का आईना कहलाने वाली फिल्म इंडस्ट्री भी इस विषय पर कई फिल्में बना चुकी है. जूही चावला और अरबाज खान की ‘दरार’, शाहरुख खान सलमान खान और माधुरी दीक्षित की फिल्म ‘हम तुम्हारे हैं सनम’, मल्लिका शेरावत और इमरान हाशमी की ‘मर्डर’, ‘गहराइयां’, राजेश खन्ना मुमताज की शक पर आधारित फिल्म ‘आप की कसम’, आदि कई फिल्मों का निर्माण हुआ है जिन्होंने बौक्स औफिस पर खूब धमाल मचाया, लेकिन आम दर्शकों के लिए ये फिल्में गहरी सीख भी दी हैं.
