Skincare routine : हौट वैदर और स्वैटिंग पिंपल्स की प्रौब्लम को और बड़ा देते हैं. टीनऐज से ले कर युवा होने तक कभी न कभी हम सभी का सामना इस समस्या से होता है. इसलिए हरकोई महसूस कर सकता है कि इन के होने पर चेहरा इस तरह खराब हो जाता है कि कहीं आनेजाने का मन नहीं करता. महिलाएं परेशान हो कर इन्हें सही करने के लिए न सिर्फ घरेलू नुसखे अपनाती हैं बल्कि बारबार फेस वाश करती रहती हैं. अगर आप के चेहरे पर भी मुंहासे या ऐक्ने हो रहे हैं तो घबराएं नहीं और खुद से इलाज करने के बजाए डाक्टर को दिखाएं या फिर बाजार में मिलने वाले कुछ प्रोडक्ट्स ट्राई करें.
दरअसल, पिंपल्स की समस्या तब होती है जब त्वचा के रोमछिद्र तेल और डैड सैल्स से बंद हो जाते हैं. मार्केट में कई प्रभावी डर्मैटोलौजिकल प्रोडक्ट्स उपलब्ध हैं जो सीधे समस्या की जड़ पर काम करते हैं.
ऐक्नेस्टार जैल
ऐक्नेस्टार जैल एक स्पौट ट्रीटमैंट जैल है जिसे आप कोमुंहासों वाली जगह पर ही लगाना होता है. यह जैल क्लिंडामाइसिन और निकोटिनामाइड के साथ त्वचा पर काम करता है ताकि संक्रमण और सूजन को कम किया जा सके. इस का उपयोग हमेशा डाक्टर से बात करने के बाद ही करें. इसे ज्यादा लगाने से त्वचा में जलन या ऐलर्जी हो सकती है. एक पतली परत लगाना काफी होता है, जिस से दवा अपनी क्षमता के अनुसार असर करे. ऐक्नेस्टार जैल को आंखों, नाक या मुंह के अंदर लगाने से बचना चाहिए क्योंकि इस से जलन और असुविधा हो सकती है. अगर गलती से ऐक्नेस्टार जैल इन हिस्सों में लग जाए तो तुरंत पानी से धो लें.
उपचार के दौरान ऐक्नेस्टार जैल को नियमित रूप से और समय पर लगाना जरूरी है. अनियमित उपयोग से फायदे कम होंगे और दवा का असर धीमा पड़ सकता है. डाक्टर द्वारा बताए गए समय तक इलाज जरूर पूरा करें. ऐक्नेस्टार जैल लगाने के बाद त्वचा बहुत संवेदनशील हो जाती है. इसलिए सीधे सूरज की रोशनी से बचें और बाहर जाने पर सनस्क्रीन का उपयोग करें.
कई बार महिलाएं एक से ज्यादा स्किन केयर उत्पाद एकसाथ इस्तेमाल करती हैं. ऐक्नेस्टार जैल के साथ ऐसे उत्पादों का उपयोग करने से पहले डाक्टर से सलाह लें क्योंकि कुछ उत्पादों से त्वचा पर अतिरिक्त जलन या प्रतिक्रिया हो सकती है.
हिमालया डार्क स्पौट क्लीनिंग
पिंपल्स और डार्क स्पौट्स के लिए इस्तेमाल की गई ये लेटैस्ट रेंज है जिस में ऐक्सफौलिएटिंग स्क्रब, फेस मास्क, मौस्चराइजिंग क्रीम और सीरम है. हलदी के गुणों के साथ आधुनिक डर्मैटोलौजिकल इन्ग्रीडिऐंट्स जैसे नियासिनामाइड और ग्लाइकोलिक ऐसिड का मिश्रण पिंपल्स और उन के जिद्दी दागों पर बहुत गहराई से काम करता है और मुलैठी की मदद से दागों को हलका करने में प्रभावी है.
इस पूरी रेंज में कोल्ड प्रैस्ड हलदी ऐक्सट्रैक्ट्स के साथ मुलैठी ऐक्स्ट्रैक्ट, नियासिनामाइड, ग्लाइकोलिक ऐसिड मौजूद है.
सिर्फ 2 हफ्ते के इस्तेमाल से ही फर्क नजर आने लगता है. इस रेंज में मौजूद सभी प्रोडक्ट्स की मदद से आप अपना कंप्लीट स्किनकेयर रूटीन तैयार कर सकती हैं. इस रेंज में ग्लाइकोलिक ऐसिड मौजूद है इसलिए दिन के समय सनस्क्रीन का उपयोग करना अनिवार्य है क्योंकि यह आप की त्वचा को सूरज की किरणों के प्रति संवेदनशील बना सकता है.
वैजिटल ऐक्नोक्लिन आरएस जैल फेस वौश
बाजार में आप को ऐसे की फेस वाश मिल जाएंगे जिन में सैलिसिलिक और ग्लाइकोलिक ऐसिड मौजूद हैं. ये दोनों ही एक तरह से कैमिकल ऐक्सफौलिएंट्स हैं जो डैड स्किन को हटा कर क्लाग्ड पोर्स को साफ करते हैं. इस तरह ऐक्ने और ब्लौमिशेज से भरा स्किन का हिस्सा हट जाता है. इस के अलावा भी इस में कई अच्छे इनग्रीडिऐंट्स मौजूद हैं जैसे कोएंजाइम क्यू 10 एक ऐसा इनग्रीडिऐंट जिस में हैं ऐंटीऔक्सीडैंट प्रौपर्टीज. यह कोरियन और जापानी ब्यूटी प्रोडक्ट्स में भी काफी पौपुलर है और फिलहाल इंडिया में काफी नया है. यह स्किन सैल्स की क्वालिटी मैंटेन करने में मदद करता है और उन्हें डैमेज से भी बचाता है.
इस के अलावा इस में ऐलोवेरा भी है जो स्किन को ठंडक और आराम देता है. ये सभी चीजें मिल कर सिर्फ पिंपल्स को ठीक नहीं करतीं बल्कि स्किन की रिपेयर भी करती हैं और आगे डैमेज होने से भी बचाती हैं.
ब्लिस फेस वाश
ब्लिस फेस वाश में ग्लूकोनोलैक्टोन होता है जो एकदम क्लियर स्किन के लिए चेहरे की डीप क्लीनिंग करता है.
ग्लूकोनोलैक्टोन एक अल्डोनाइक ऐसिड होता है, जिसे पौलीहाइड्रौक्सी ऐसिड कहा जाता है जो हार्मेंट गुण प्रदर्शित करता है. यह एक ऐंटीऔक्सीडैंट है जो त्वचा की नमी को बनाए रखता है. यह गहरी परतों को प्रभावित किए बिना त्वचा को बहुत धीरेधीरे सही करता है.
यह फेस वाश सैंसिटिव स्किन या कौंबिनेशन स्किन वालों के लिए बहुत बढि़या है. क्योंकि कई बार इन के लिए सैलिसिलिक ऐसिड बहुत ज्यादा हार्श हो सकता है. इस में पौलीहाइड्रौक्सी ऐसिड्स या पीएचए होता है जो इस तरह की स्किन के लिए काफी अच्छे हैं. ये बेहद सौम्य मगर असरदार कैमिकल ऐक्सफौलिएंट्स होते हैं जिन्हें स्किनकेयर रूटीन में जरूर शामिल किया जाना चाहिए. यही वजह है कि यह फेस वाश उन के लिए परफैक्ट है जिन की स्किन को हार्श एएचए और बीएचए सूट नहीं करते हैं. इतना ही नहीं अगर पिंपल्स और ब्रेकाउट्स की वजह से आप की स्किन पर हाइपरपिगमैंटेशन और ऐक्ने मार्क्स हैं तो भी आप को यह प्रोडक्ट जरूर ट्राई करना चाहिए.
ब्लिस फेस वाश का उपयोग त्वचा को मौइस्चराइज करने, यूवी किरणों से बचाने और हाइपरपिगमैंटेशन को दूर करने के लिए किया जाता है.
पिंपल पैच
ये छोटे स्टिकर जैसे होते हैं जिन्हें आप रातभर पिंपल्स पर लगा सकती हैं. ये पिंपल्स के अंदर की गंदगी को खींच लेते हैं और उन्हें जल्दी सुखा देते हैं. ये पैच पिंपल्स को बाहरी संक्रमण से भी बचाते हैं. यह ऐक्टिव ऐक्ने की समस्या के लिए बहुत प्रभावी है.
नीम या टी ट्री औयल सीरम
नीम और टी ट्री औयल में ऐंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो पिंपल्स के बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं. ऐसे सीरम स्किन पर हलके होते हैं और रैश या जलन नहीं करते. इन्हें रात में लगाने से अच्छा रिजल्ट मिल सकता है.
नौनकौमेडोजेनिक मौइस्चराइजर
पिंपल्स वाली स्किन को भी मौइस्चराइज करना जरूरी होता है. नौनकौमेडोजेनिक मौइस्चराइजर स्किन को हाइड्रेट रखता है लेकिन पोर्स को बंद नहीं करता. इस से स्किन सौफ्ट बनी रहती है और नए पिंपल्स नहीं निकलते.
