Celebrity Friendship Stories : 2 अगस्त, 2026 को मनाया जाने वाला खास दिन फ्रैंडशिप डे उन लोगों के लिए सब से महत्त्वपूर्ण होता है जो जिंदगी में दोस्त नहीं बल्कि दोस्तों में जिंदगी ढूंढते हैं क्योंकि दोस्ती का रिश्ता ऐसा रिश्ता होता है जो खून का रिश्ता तो नहीं होता लेकिन दिल का रिश्ता जरूर होता है.

कहते हैं कि अगर आप के पास एक अच्छा और सच्चा दोस्त है, तो दुनिया की कोई भी ताकत आप को दुख नहीं पहुंचा सकती क्योंकि सच्चा दोस्त वही होता है जो सिर्फ आप का चेहरा देख कर आप के दिल की बात समझ जाता है, बारिश में भीगे चेहरे में भी आंसुओं को पहचान जाता है। अगर आप के पास ऐसा कोई सच्चा दोस्त है तो समझ लो आप की जिंदगी सफल है.

सच बात तो यह है कि दोस्ती में कोई उम्र की सीमा नहीं होती और न ही कोई जाति का बंधन होता है। बस वही सच्चा दोस्त होता है जिस के साथ आप को खुशी और सुकून मिले। वैसे, देखने जाएं तो जिंदगी में हर तरह का दोस्त जरूरी होता है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जिस तरह कई तरह की दवाओं की जरूरत पङती है, ठीक उसी तरह दोस्ती में भी हर तरह का दोस्त जरूरी होता है.

दोस्ती इलाज भी है

एक दोस्त ने दवाओं के मुताबिक दोस्ती को परिभाषित करते हुए बताया- कुछ दोस्त एलोपैथिक दवाई की तरह होते हैं जो हमारी जिंदगी में कम समय के लिए आते हैं लेकिन झटपट इलाज करने में सक्षम होते हैं।

ऐसे ही कुछ दोस्त आयुर्वेदिक की तरह होते हैं जो साथ में रहते हैं और बीमारी को दूर भगा देते हैं। इसी तरह कुछ दोस्त होम्योपैथिक की तरह होते हैं जिन का कोई फायदानुकसान नहीं होता लेकिन वे जिंदगीभर साथ चलते हैं.

इसी होम्योपैथिक दोस्तों में वहीदा रहमान, आशा पारेख और हेलन की दोस्ती आती है। जब से ये दोस्त साथ में हैं उन की जिंदगी भी हमेशा खुशहाल और रंगीन रही है.

इसी ग्रुप की एक दोस्त हेलन के अनुसार, हम तब से दोस्त हैं जब हम ने बतौर हीरोइन कैरियर शुरुआत की थी। तब से ले कर अब तक हमारी दोस्ती 50-60 साल से है और आज भी बरकरार है। हम सब कम से कम महीने में एक बार जरूर मिलते हैं और पार्टी करते हैं, खूब गप्पें लगाते हैं। अगर किसी वजह से हम नहीं मिल पाएं तो एकदूसरे से फोन पर बात कर के टच में रहते हैं.

ऐक्टर दोस्तों का ग्रुप

वहीदा रहमान की जोड़ी की तरह फिल्म इंडस्ट्री में एक और पुराने ऐक्टर दोस्तों का ग्रुप है, जो सालों से साथ हैं। यह जोड़ी है राकेश रोशन, जितेंद्र और ऋषि कपूर. इन की दोस्ती भी जगजाहिर है। फिलहाल ऋषि कपूर अब इस दुनिया में नहीं रहे लेकिन इन की दोस्ती हमेशा कायम रही है.

इसी दोस्ती वाली बात की मिसाल देते हुए जितेंद्र ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि एक बार एअरपोर्ट में ड्यूटी न भरने के चक्कर में ऋषि कपूर को ड्यूटी भरने के लिए गेट पर रोक दिया गया. उस के पास एक घड़ी थी जिस की ड्यूटी भरने के लिए बोला गया क्योंकि हम तीनों को वैसे ही घड़ी एक फंक्शन में गिफ्ट में मिली थी। इसलिए जब मैं और राकेश बिना चैकिंग के निकल गए और ऋषि कपूर को रोक लिया गया, तो ऋषि ने हम दोनों की घड़ियों के बारे में भी कस्टम वालों को बता दिया कि इन दोनों के पास भी यही घड़ी है, इन लोगों को भी पकड़ो यानी कि हम तो डूबेंगे सनम, तुम्हें भी डूबेंगे।

जितेंद्र के अनुसार दोस्त कैसा भी हो लेकिन दोस्ती के प्रति ईमानदार होना बहुत जरूरी है। हमारी दोस्ती भी कुछ ऐसी ही थी.

जब नीना गुप्ता बुरे दौर से गुजर रही थीं

फ्रैंडशिप डे के अवसर पर अभिनेत्री नीना गुप्ता ने अपने दिल की बात कहते हुए बताया कि अगर उन की जिंदगी में दोस्त नहीं होते तो शायद वे आज जिंदा ही नहीं होतीं.

वे कहती हैं कि मेरे सारे दोस्तों ने मेरा उस वक्त साथ दिया जब मेरे परिवार ने भी मेरा साथ छोड़ दिया था. उन दिनों जब मैं बिनब्याही मां बनी थी उस वक्त हरकोई मुझ से यही सवाल कर रहा था कि उस बच्ची का बाप कौन है? उसी दौरान जब मैं बहुत परेशान थी तो ऐक्टर व डाइरैक्टर सतीश कौशिक ने मुझे परेशान देख कर मुझे पूरा साथ दिया।

बौलीवुड में कई ऐसे कलाकार हैं जिन के पास अपने प्यारे दोस्त को ले कर एक दिलचस्प कहानी है।

दोस्तों की प्यारभरी कहानी सैलिब्रिटीज की जबानी

टीवी और फिल्म अभिनेत्री मौनी रौय के अनुसार जब मैं ने इस इंडस्ट्री में कदम रखा था तो सभी से यह सुना था फिल्म इंडस्ट्री में या टीवी इंडस्ट्री में कोई किसी का दोस्त नहीं होता। हर किसी की दोस्ती मतलब से होती है। उसी दौरान मैं ने भी माइंड सैट कर लिया था कि मैं सब से प्रोफैशनल रिश्ते ही रखूंगी, लेकिन जब एक बार मैं और दिशा पटानी अक्षय कुमार के एक विदेशी म्यूजिकल शो के लिए गए थे तब वहां पर मेरी और दिशा की बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी। उस शो के बाद भी हम अकसर मिलने लगे। उस दौरान मुझे पता चला कि दिशा बहुत अच्छी इंसान है। हमारी वाइब्स भी मैच हो रही थी, इसलिए हमारी दोस्ती और गहरी होती गई।

वे कहती हैं कि पिछले कुछ दिनों में मेरी पर्सनल लाइफ में काफी उतारचढ़ाव आए। मैं बहुत मैंटली डिस्टर्ब थी। उस दौरान दिशा ने मेरा दिल से साथ दिया और मुझे मैंटली स्ट्रौंग किया, जिस के बाद हमारी दोस्ती और गहरी हो गई। सोशल मीडिया पर इस बात का गलत प्रचार भी हुआ। मगर इस से हम दोनों को ही कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि हमें पता है कि हमारी दोस्ती कितनी साफ और मजबूत है.

कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम है कहना

टीवी और फिल्म ऐक्ट्रैस शहनाज गिल ने अपनी जिंदगी में दोस्ती की अहमियत बताई।

शहनाज के अनुसार जब मैं ‘बिग बौस’ में बतौर प्रतियोगी गई थी, उस वक्त मुझे ज्यादा कोई नहीं पहचानता क्योंकि मैं ‘बिग बौस’ में नया चेहरा थी। मेरी कोई पहचान भी नहीं थी और मैं मोटी भी थी। इस वजह से मुझे बहुत ज्यादा परेशान किया गया और नीचे दिखाया गया। उसी भीड़ में मेरा एक दोस्त बना जिस का नाम है सिद्धार्थ शुक्ला। उस ने उस वक्त मेरा साथ दिया, जब सब मेरे खिलाफ थे। हमारी दोस्ती कब प्यार में बदल गई और मैं उसे कब दिल दे बैठी यह मुझे खुद ही पता नहीं चला।

वे कहती हैं कि ‘बिग बौस’ के घर में सिद्धार्थ ने मेरे साथ सच्ची दोस्ती निभाई और वहां से निकलने के बाद जब कोरोना महामारी शुरू हो गया था और मैं घर वापस जाने की कंडीशन में नहीं थी, उस वक्त भी सिद्धार्थ ने मेरा साथ दिया और अपने घर में भी पनाह दी। हमारी दोस्ती सोशल मीडिया पर मिसाल बन गई। सभी ने मुझे और सिद्धार्थ को बहुत प्यार दिया। मेरा बस चलता तो मैं कभी भी सिद्धार्थ से अलग नहीं होती लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था और सिद्धार्थ हम सब को छोड़ कर चला गया। उस के बाद मैं पूरी तरह टूट गई थी, लेकिन उस के बाद भी मुझे कई करीबी दोस्तों ने पूरी तरह सपोर्ट किया, मेरे लिए ढाल बन कर खड़े रहे और यही वजह है कि इतने दुखों के बावजूद मैं एक बार फिर आप के सामने मौजूद हूं.

वे कहती हैं कि आज मैं जो कुछ भी हूं सिर्फ और सिर्फ सिद्धार्थ की वजह से हूं क्योंकि उसी ने मुझे सही रास्ते पर चलना सिखाया, मुझे फिट और स्लिम कैसे रहना है, सिखाया और लोगों के सामने अपनेआप को कैसे पेश करना है वह भी सिखाया।

इसलिए मैं कह सकती हूं कि सिद्धार्थ सिर्फ मेरा अच्छा दोस्त नहीं मेरा प्यार मेरा शुभचिंतक सभी कुछ है। उस के जाने के बाद भी मैं उसी के सिखाए कामों को फौलो कर रही हूं. आज मैं जो कुछ भी हूं सिर्फ सिद्धार्थ की वजह से हूं, उस के जैसा कोई नहीं है.

दोस्ती की बात हो और सलमान खान का नाम न आए यह तो हो ही नहीं सकता। सलमान खान उन हीरोज में हैं जो एक बार दोस्ती करते हैं तो जिंदगीभर निभाते हैं। सलमान खान के फिल्म इंडस्ट्री के बाहर तो कई दोस्त हैं, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में भी सलमान की दोस्ती उन लोगों से अभी तक बरकरार है जिन के साथ कैरियर की शुरुआत में दोस्ती हुई थी, जैसे मोहनीश बहल, कुमार गौरव, साजिद नाडियाडवाला, संजय दत्त, गोविंदा, शाहरुख खान वगैरह। ये सब ऐसे दोस्त हैं जो सलमान खान की दोस्ती को सच्ची दोस्ती मानते हैं. लेकिन इन सभी दोस्तों में एक दोस्त ऐसा है जिस को सलमान खान अपना सच्चा दोस्त मानते हैं और वह है सुनील शेट्टी।

सलमान खान के अनुसार, संघर्ष के दिनों में जब उन के पास एक जींस खरीदने के लिए भी पैसे नहीं होते थे उन दिनों सलमान सुनील शेट्टी की कपड़ों की दुकान में जींस लेने पहुंच गए, लेकिन वहां रखी जींस और बेल्ट सलमान के बजट के बाहर थी। ऐसे में सलमान सोच में पड़ गए। उसी वक्त सुनील शेट्टी जो वहीं मौजूद थे, सलमान की परेशानी समझ गए। उन्होंने सलमान से कहा कि तू घर पर आ मैं तुझे एक अच्छा कलैक्शन दिखाता हूं.

सलमान के अनुसार, जब मैं उन के घर पर गया तो अन्ना यानी सुनील ने मेरे लिए 5-6 जींस और अच्छी बेल्टस निकाल कर रख दीं और कहा कि तू ये जींस पहन तुझ पर बहुत सूट करेगा। उस वक्त मुझे सुनील पर इतना प्यार आया कि मैं बता नहीं सकता। मेरे संघर्ष के दिनों में सुनील शेट्टी के द्वारा की गई दरियादिली मेरे दिल में आज भी बरकरार है, इसलिए अन्ना मेरे लिए खास है.

कहने का मतलब यह है कि जिंदगी में एक अच्छा दोस्त जिसे हम अपना कह सकें बहुत जरूरी होता है, जैसेकि अगर खास दोस्त की बात करें तो करीना कपूर की खास दोस्त मलाइका अरोड़ा की छोटी बहन अमृता अरोड़ा हैं या आलिया भट्ट की सब से खास दोस्त आकांक्षा रंजन कपूर, तब्बू के बैस्ट फ्रैंड अजय देवगन आदि हरकोई दोस्ती के नाम पर किसी न किसी दोस्त से दिल से जुड़ा हुआ है, जिसे वह अपना मानता है और हर दिल की बात बेधड़क कर लेता है.

तभी तो कहते हैं कि अगर दोस्तों के सामने दिल खोलने का मौका मिल जाता है तो अस्पताल में डाक्टर को दिल का इलाज औजारों से नहीं करना पड़ता.

इसीलिए कहा जाता है कि चाहे अमीर हों या गरीब, हरेक इंसान की जिंदगी में एक सच्चा और अच्छा दोस्त जरूरी होता है जो दवा से भी ज्यादा काम करता है.

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