Bollywood Romantic Movies: रोमांटिक फिल्में हमेशा बनती रही हैं, जिन में प्यार के अनेक रंगों को अलगअलग तरीके से प्रस्तुत किया जाता है. फिर चाहे प्रेमियों का प्यार की खातिर जान देने की बात हो, एकतरफा प्यार हो, प्यार में धोखा मिलने पर बदला लेने वाले आशिक का प्यार हो, मानसिक तौर पर बीमार प्यार करने वाले साइको आशिक का प्यार ही क्यों न हो, अब तक की रोमांटिक फिल्मों में मेकर्स ने अपनी कहानी के जरीए हर तरह का प्यार दर्शाने की कोशिश की है, जो काफी हद तक सफल भी रही है.

एक दौर वह भी था

रोमांटिक फिल्मों का एक दौर एक वह भी था जिस में दादा मुनि अर्थात अशोक कुमार हुआ करते थे और एक ही झाड़ पर चिपके हुए पूरा रोमांटिक गाना फिल्मा लेते थे जैसे 'प्रेम नगर की डागरिया में...'

इस के बाद शम्मी कपूर और देवानंद की रोमांटिक फिल्मों का दौर आया, जिन की फिल्मों के गाने आज भी लोगों की जबान पर चढ़े हुए हैं, लेकिन उस दौरान रोमांटिक फिल्मों में हीरो इतना उछलकूद मचाते थे कि हीरोइन भी घबरा जाती थी जैसे शम्मी कपूर का गाना 'तारीफ करूं क्या उस की...' या 'बदन पर सितारे लपेटे हुए...' गानों में शम्मी कपूर के इतने लटकेझटके होते थे कि उन के साथ वाली हीरोइन घबरा जाती थी कि पता नहीं अब अगला स्टेप क्या होने वाला है.

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