Controversial item songs : जहां एक ओर पूरा देश इराक और ईरान के युद्ध और भारत में एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी की किल्लत से ले कर बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, औरतों पर अत्याचार आदि से परेशान है, वहीं भारत की मीडिया और कुछ दिग्गज लोग इस बात से चिंता में हैं कि संजय दत्त और नोरा फतेही का आइटम डांस, जो अश्लीलता से भरा नंगा नाच जैसा है वह कैसे रिलीज कर दिया गया, जिस के सिर्फ डांस स्टेप्स और डांस मूवमेंट ही खराब नहीं थे, बल्कि गाने के बोल भी अश्लीलता से भरपूर थे, ऐसे में यह गाना मार्केट में कैसे आ गया?

ऐसे में, सवाल यह उठता है कि हमारे देश में आजकल जहां आएदिन दिनदहाड़े महिलाओं के साथ अश्लीलता की सीमा से बाहर दिल दहलाने वाली हरकतें होती रहती हैं उस पर कोई भी प्रतिक्रिया न दे कर नोरा फतेही और संजय दत्त के डांस को ले कर सभी पगलाए हुए क्यों हैं?

nora fatehi

मसाला चाहिए सिर्फ

अगर प्रैक्टिकली देखने जाएं तो दोनों ही ऐक्टर हैं और वे वही करते हैं जो डाइरैक्टर बोलता है. लेकिन लोगों को इस से क्या मतलब, उन को तो दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए मसाला चाहिए.

ऐसे में, ट्रोलर और सब्सक्राइबर की चाह रखने वाली यूट्यूब मीडिया को एक गरम मसाला न्यूज मिल गई, जिस पर मीडिया के खास लोगों ने न सिर्फ कई सैलिब्रिटीज की प्रतिक्रिया लेनी शुरू दी, बल्कि इस बात का बतंगड़ बना कर नेता से अभिनेता तक सभी की राय लेने से नहीं चूके.

हद कर दी आप ने

मजे की बात तो यह है कि अभिनेता से नेता बने रवि किशन ने, जिन का भोजपुरी गाना ‘रिमोट से लहंगा उठा के…’ जैसे अश्लील गानों पर भोजपुरी हीरोइनों के साथ ठुमका लगा कर चर्चित हुए हैं, उसी रवि किशन ने संजय और नोरा के इस गाने की खुल कर आलोचना कर दी। रवि किशन ने इस गाने को भारतीय संस्कृति का अपमान बताया। वहीं दूसरी तरफ कंगना रनौत, जिन्होंने कई फिल्मों में अश्लीलता की सीमा पार कर दी है और भड़काने वाले विवादित बयानों की वजह से ट्वीटर से ले कर सोशल मीडिया तक हास्य का पात्र बनी रहती हैं उन्होंने भी बतौर सांसद शराफत की देवी बन कर साड़ी पहन कर नोरा और संजय के चर्चित अश्लील डांस की भारीभरकम शब्दों में खुल कर बुराई कर दी.

ऐसे ही कई और फिल्म और टीवी ऐक्टर भी हैं जो फिल्मों में कई बार इस तरह के काम कर चुके हैं, उन सभी ने संजय दत्त और नोरा के डांस की आलोचना कर दी.

ऐसे में, यह कहना गलत न होगा कि जिन के घर शीशे के हों उन को दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं मारना चाहिए. तो जानिए, आखिर मामला है क्या?

पुलिस में शिकायत

संजय दत्त की पेन इंडिया फिल्म ‘केडी द डेविल’ का आइटम नंबर ‘सिर की चुनरी तेरी…’ जो संजय दत्त और नोरा फतेही पर फिल्माया गया है, इस गाने ने फिल्म से ले कर राजनीतिक गलियारों तक भौकाल मचा दिया है.

सोशल एक्टिविस्ट और एडवोकेट ने नोरा और संजय के इस अश्लील आइटम गाने के खिलाफ दिल्ली पुलिस के सेल में शिकायत दर्ज कराई है और इस गाने से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त ऐक्शन की मांग की है.

एडवोकेट ने आरोप लगाया है कि यह गाना अश्लील बोल के साथ सैक्सुअलिटी को प्रमोट करता है. उन्होंने इस गाने के गीतकार रकीब आलम, डाइरैक्टर प्रेम, कंपोजर अर्जुन और सिंगर मांगली पर सख्त ऐक्शन लेने की मांग की.

गाने पर नोटिस जारी

इस के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस गाने के खिलाफ नोटिस जारी किया, तब इस गाने को यूट्यूब से हटा दिया गया, लेकिन बाकी भाषाओं में इस गाने के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई. तमिल, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम आदि भाषाओं में यह गाना जरा भी नहीं छेड़ा गया है, न ही अन्य भाषा के लोगों ने गाने को ले कर कोई प्रतिक्रिया दी है.

nora

नोरा की सफाई

गौरतलब है कि आइटम डांसर नोरा फतेही ने अपने गाने को ले कर बवाल मचता देख सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर सफाई देते हुए कहा कि 3 साल पहले यही गाना उन्होंने कन्नड़ फिल्म के लिए शूट किया था, लिहाजा उस के बाद जब हिंदी के लिए यह गाना शूट करने की बात आई तो मैं ने कोई एतराज नहीं जताया क्योंकि मुझे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह गाना हिंदी में अश्लील लगेगा.

नोरा ने पोस्ट के जरीए कहा है कि बतौर आइटम डांसर मैं अपना काम कर रही थी, लेकिन मेरा इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना बिलकुल नहीं था.

हंगामा है बरपा

यों इंडस्ट्री में आएदिन इसी तरह के अश्लील और भड़काऊ गाने बनते रहते हैं लेकिन उन गानों पर कोई प्रतिक्रिया न देते हुए सिर्फ नोरा फतेही और संजय दत्त के गाने पर ही इतना बवाल क्यों हुआ, इस के पीछे भी एक वजह और दिखाई देती है वह यह कि जहां संजय दत्त की मां नरगिस मुसलिम हैं, वहीं नोरा फतेही भी कनाडा में जन्मीं मोरक्को मुसलिम हैं. यानि शरीर और अश्लीलता का फैसला भी धर्म के आधार पर होता है, जैसेकि धर्म के नाम पर देवी के रात्रि जागरण कार्यक्रम में और्केस्ट्रा डांसर और कृष्ण का गोपियां बनीं लड़कियों के वस्त्र उठा ले जाने के दृश्य चित्रण हिंदू धर्म के आधार पर हैं तो ठीक, लेकिन मुसलिम जाति से जुड़े कलाकार अगर फिल्मों में अश्लील डांस करते हैं तो हंगामा हो जाता है.

किसी भी हालत में किसी भी नारी के साथ अश्लीलता और असम्मानीय व्यवहार गलत है, लेकिन धर्म के नाम पर आलोचना या औब्जेक्शन करना भी पूरी तरह से गलत है.

और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...