Diwali Celebration: दीवाली का त्योहार हो और दिल की बातें न हों यह तो पौसिबल ही नहीं है, क्योंकि दीवाली जैसे त्योहार का मजा भी तभी आता है जब साथ में आप का मनपसंद दिलबर हो। अपने मनपसंद दिलबर यानि सोलमेट या यों भी कह सकते हैं कि लवर प्रेमी के साथ दीवाली मनाने का मजा कुछ खास ही होता है.

अपने सोलमेट के साथ वक्त बिताना किसी त्योहार से कम नहीं है और अगर दीवाली पर आप का प्यार आप के साथ है तो फिर कहने ही क्या.

निश्चित तौर पर हर किसी की वह दीवाली सब से खास होती है जब उस का प्रेमी उस के साथ होता है. पंकज उदास की गजल,'कौन सी बात है तुम में ऐसी इतने अच्छे क्यों लगते हो...' यह सिर्फ गाने की पंक्ति नहीं बल्कि एक प्यार करने वाले के दिल का हाल है.

हजारों खूबसूरत चेहरे होने के बावजूद उस का दिल एक ऐसे शख्स के लिए धड़कता है जो उस की नजर में खास है और दिल के सब से करीब है. तभी तो हजारों की भीड़ में एक प्यार में डूबा इंसान वही चेहरा देखना चाहता है, जिसे देखने के लिए उस का दिल धड़कता है, जो सिर्फ एक ही बात कहता है कि बस, तुम ही हो, मेरी जिंदगी बस तुम ही हो.

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