Heat stroke prevention : लोकल सर्किल्स के ताजा सर्वे ने शहरी भारत की एक चिंताजनक तस्वीर सामने रखी है. 322 जिलों के 1.27 लाख से ज्यादा लोगों के जवाब बताते हैं कि गर्मी अब सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी बनती जा रही है.
आंकड़े डरा रहे हैं
सर्वे के मुताबिक 70% शहरी लोग शरीर में पानी की कमी और थकान महसूस कर रहे हैं. 80% मानते हैं कि उनके इलाके में भयंकर हीटवेव है. सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात यह है कि 50% लोगों को डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक यानी लू लगने की चिंता सता रही है.
गर्मी से जुड़े लक्षणों में थकान/कमजोरी 70% लोगों में दिखी, 63% को अत्यधिक प्यास लग रही है. 30% को चक्कर और 20% को सिरदर्द की शिकायत है. 27% लोग त्वचा में जलन से परेशान हैं. ये आंकड़े बताते हैं कि गर्मी अब शरीर के हर सिस्टम पर असर डाल रही है.
काम पर असर
20% शहरी लोग तो गर्मी के कारण दिन में बाहर जाने में असमर्थ हैं. 44% लोगों की काम की प्रोडक्टिविटी में कमी आई है. यानी हर 5 में से 2 व्यक्ति का काम गर्मी की वजह से प्रभावित हो रहा है. केवल 14% लोगों ने कहा कि उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता. साफ है कि हीटवेव अब इकोनॉमी पर भी चोट कर रही है.
लोग कैसे कर रहे बचाव
अच्छी बात यह है कि 82% लोग लू से निपटने के लिए सामान्य से ज्यादा पानी पी रहे हैं. 42% पारंपरिक पेय जैसे छाछ, लस्सी, बेल शरबत ले रहे हैं. 42% अधिक पानी वाले फल खा रहे हैं. 15% ओआरएस का सहारा ले रहे हैं. फिर भी 15% लोग ऐसे हैं जो कुछ खास नहीं कर रहे जो सबसे ज्यादा जोखिम में हैं.
बढ़ती गर्मी से बचाव के लिए 67% लोग दोपहर 11 से 4 बजे के बीच बाहर जाने से बच रहे हैं. 55% हल्के सूती कपड़े पहन रहे हैं. 51% छायादार जगहों पर रह रहे हैं. 41% एसी और 35% कूलर/पंखों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

ऐसे मौसम में क्या करें क्या न करें
पानी है सबसे बड़ा हथियार – प्यास लगे तब तक इंतजार न करें. हर 30 मिनट में 1-2 गिलास पानी पिएं. सादा पानी के साथ नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ, बेल शरबत लें. चाय-कॉफी और कोल्ड ड्रिंक कम करें, ये शरीर में पानी की कमी बढ़ाते हैं.
बाहर निकलना हो तो सावधानी बरतें
सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में जाने से बचें. निकलना जरूरी हो तो सिर ढककर, छाता लेकर और पूरी बांह के सूती कपड़े पहनकर जाएं. धूप का चश्मा और सनस्क्रीन लगाएं.
खाने में बदलाव जरूरी
तला-भुना, मसालेदार और भारी खाना न खाएं. खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा, संतरा जैसे पानी वाले फल खाएं. दही और सलाद को डाइट का हिस्सा बनाएं.
इस तरह की और वीडियो देखने के लिए गृहशोभा का चैनल सब्सक्राइब करें
हीट स्ट्रोक के लक्षण पहचानें
तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, बेहोशी, त्वचा का सूखा और लाल होना हीट स्ट्रोक के लक्षण हैं. ऐसा हो तो तुरंत मरीज को छाया में लिटाएं, कपड़े ढीले करें, शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें और डॉक्टर को दिखाएं.
बुजुर्गों और बच्चों का खास ख्याल
50% से ज्यादा शिकार बच्चे और बुजुर्ग ही होते हैं. उन्हें बार-बार पानी पिलाएं. बच्चों को धूप में खेलने ना भेजें. अकेले न छोड़ें.
सरकार को चाहिए कि शेल्टर होम, प्याऊ और सार्वजनिक जगहों पर पानी की व्यवस्था करे. दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम या समय बदलने की छूट मिले. नागरिकों को भी बिजली-पानी बचाना होगा क्योंकि इस समय ज्यादातर लोग एसी चला रहे हैं जिससे ग्रिड पर लोड बढ़ रहा है. गर्मी हर साल बढ़ेगी. थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता से हम खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं. याद रखें डिहाइड्रेशन का इलाज अस्पताल नहीं आपकी पानी की बोतल है.
