kids lunchbox : बच्चे के टिफिन में क्या है उस पर बहुत हद तक उसकी सेहत निर्भर करती है. अभी तक आप सोचती थी कि अगर बच्चा टिफिन नहीं ले जा रहा है तो भी स्कूल में कुछ तो खा ही लेता है. लेकिन अब सोच बदलिए. कुछ भी खा लेने से उसकी सेहत नहीं बनेगी. हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट, जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच ने एक ऐसा आदेश दिया है जिसने पूरे देश के पेरेंट्स को जगा दिया है.
आदेश के 4 बड़े पॉइंट
- कैंटीन में ताला नहीं मेन्यू बदलेगा: समोसा, कचोरी, बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज़, पैकेट वाले चिप्स, कुरकुरे, कोल्ड ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक जैसे अनहेल्दी चीजें बैन होंगी. अब कैंटीन में सिर्फ “ईट राइट” वाला खाना मिलेगा.
2. स्कूल के बाहर 50 मीटर तक लक्ष्मण रेखा होगी. स्कूल गेट से 50 मीटर के दायरे में कोई भी दुकान, ठेला, कैफे जंक फूड नहीं बेच सकता. हर महीने कलेक्टर और शिक्षा अधिकारी खुद चेक करेंगे.
3. हर स्कूल को 4 हफ्ते के अंदर “स्कूल फूड सेफ्टी एंड न्यूट्रिशन कमिटी” बनानी है जिसमें एक डॉक्टर, एक टीचर और 2 पेरेंट्स (खासकर माएं) होंगी. हर कैंटीन में बड़ा बोर्ड लगेगा – आज क्या बना और उसमें कितना तेल, कितना नमक, कितनी चीनी है ताकि ताकि बच्चा खुद समझे वो क्या खा रहा है.
अल्फा जनरेशन खतरे में है
कोर्ट ने फैसले में जो सबसे मार्मिक लाइन लिखी , ” एक ओर देश जेन जी, जेन अल्फा और जेन बीटा को 2047 के विकसित भारत का नेता बनाने की बात कर रहा है दूसरी ओर उन्हें तैयार करने वाले सरकारी स्कूल खुद कुपोषण और जंक फूड के जाल में फंसे हैं.”
रिसर्च क्या कहती है?
-डब्ल्यूएचओ 2024 रिपोर्ट: भारत में 5 से 19 साल के बच्चों में मोटापा 10 साल में 3 गुना बढ़ा है.
-एम्स दिल्ली की स्टडी: रोज जंक फूड खाने वाले बच्चों में पढ़ाई में फोकस 40% कम, गुस्सा और चिड़चिड़ापन 2 गुना ज्यादा.
– एक्चुअली अल्फा जेनरेशन को भूख नहीं “टेस्ट” चाहिए. उसे रोटी-सब्जी बोरिंग लगती है. उसे क्रंच, चीज़, कलर चाहिए. कैंटीन इसी का फायदा उठाती हैं.
अल्फा को हेल्दी शब्द से एलर्जी है. ऐसे में आप उन्हें हेल्दी चीजें नए क्रंची नाम साथ दे सकते हैं. जैसे सत्तू के पराठे को “देसी प्रोटीन रैप” कह कर खिलाइए. पोहा को “येलो फ्लेक्स” और भुने चने को “पावर पॉपकॉर्न” कह कर खिला सकते हैं.
झटपट टिफिन जो अल्फा चट कर जाएगा-
- तिरंगा सैंडविच : ब्राउन ब्रेड + हरी चटनी + पनीर स्लाइस + टमाटर. कोई सॉस नहीं.
2. मूंग दाल चीला रोल: चीले में पनीर भुर्जी भर कर रोल बना दें. केचप की जगह दही-चटनी.
3. मखाना-भेल: तलने की जगह भुना मखाना + मूंगफली + अनार + नींबू. क्रंच भी, हेल्दी भी.
