First wedding night tips : इन दिनों जियो हौटस्टार पर एक सीरीज आई है, जिस का नाम है ‘चिरैया.’ यह सीरीज महिलाओं पर हो रहे उस शोषण को दिखाती है, जिस पर बात करने से आज भी लोग कतराते हैं. यह वैब सीरीज विवाह जैसी सामाजिक संस्था के अंदर महिलाओं के साथ सदियों से हो रही शारीरिक प्रताड़ना को दिखाती है.
इस में दिखाया है कि किस तरह शादी की पहली रात को ही पति पत्नी की बिना मरजी के उस के साथ सैक्स करता है और पत्नी कहती है कि यह सैक्स मेरी सहमति से नहीं हुआ है इसलिए इसे रेप कहा जाए. इसे मैरिटल रेप का नाम दिया जा रहा है.
इस पर अलगअलग लोगों के अपने विचार हैं. कुछ का कहना है कि यह मैरिटल रेप की श्रेणी में आता है तो कुछ का कहना है कि शादी के बाद तो यह सब होता ही है, इसे रेप कैसे कहा जा सकता है.
यों माना समस्या गंभीर है. यह एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण और संवेदनशील विषय है. समाज में अकसर सैक्स को केवल एक शारीरिक क्रिया या जिम्मेदारी की तरह देखा जाता है, जबकि यह आपसी सम्मान, विश्वास और आनंद का मेल होना चाहिए. लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि सैक्स बोझिल और जबरदस्ती तभी लगता है जब उसे मन के साथ स्वीकार कर के न किया जाए. इसलिए, यह जानना जरूरी होगा कि अगर सैक्स को ऐंजौय कर के किया जाए तो शादी के बाद सहमति और बेसहमति का सवाल ही नहीं उठेगा. यह पतिपत्नी का आपसी संबंध है.अगर इसे पूरे आनंद के साथ किया जाए, एकदूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए किया जाए तो मैरिटल रेप जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना ही नहीं पड़ेगा.
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आइए, जानें शादी की पहली रात या शादी के बाद सैक्स को ऐंजौय कैसे किया जाए :
महिलाएं किन बातों का ध्यान रखें
अपने शरीर को जानें : अकसर महिलाओं को सिखाया जाता है कि उन्हें बस सहयोग करना है, जोकि गलत है.
जब तक आप खुद नहीं जानेंगी कि आप को क्या पसंद है, आप पार्टनर को नहीं बता पाएंगी. अपनी पसंद और नापसंद को समझने में संकोच न करें. शादी से पहले ही थोड़ा हस्थमैथुन करने में कोई बुराई नहीं है. इस से अपने बारे में खुद ही जाना जा सकता है कि आप को क्या पसंद है और क्या नहीं. क्या करने पर आप उत्तेजित हो सकती हैं और क्या करने पर आप को मजा नहीं आता. ये सब बातें अपने साथी से पहले ही शेयर की जा सकती हैं.
अपनी फीलिंग्स साझा करें : अगर कुछ अच्छा लग रहा है, तो बताएं. अगर कुछ दर्दनाक है या असहज है, तो तुरंत टोकें. चुप रह कर सहना सैक्स के आनंद को खत्म कर देता है. इस के बाद अगली बार जब आप सैक्स करेंगी तो दर्द के कारण आप उस में ऐंजौय नहीं कर पाएंगी और उस से बचना चाहेंगी. लेकिन अगर आप यह बात पार्टनर को बता देंगी तो मिल कर उस का हल सोचा जा सकता है.
मानसिक तैयारी : महिलाओं के लिए सैक्स अकसर दिमाग से शुरू होता है. अगर आप तनाव में हैं या असहज महसूस कर रही हैं, तो अपने पार्टनर से अपनी मानसिक स्थिति साझा करें. उसे बताएं कि आप के मन में क्या चल रहा है? इस के बाद पति को समझाएं कि पहले मिल कर कुछ अलग माहौल बनाते हैं और तनाव को कम कर के फिर आगे बढ़ते हैं. पूरी तरह बिना किसी कारण को बताए सैक्स से इनकार करना एक जिद को जन्म देता है इसलिए आप भी समझदारी से अपनी न को रखें ताकि सामने वाला भी इसे अपनी ईगो पर न ले.
पुरुष भी धयान दें
फोरप्ले : महिलाओं के शरीर को उत्तेजित होने में पुरुषों की तुलना में अधिक समय लगता है. बिना फोरप्ले के सैक्स अकसर महिलाओं के लिए दर्दनाक और अरुचिकर होता है. इस बात को लड़कों को भी समझना चाहिए.
सैक्स एक टीम वर्क है : पार्टनर की खुशी को प्राथमिकता दें. सैक्स एक टीम वर्क है. केवल अपनी संतुष्टि देखना सैक्स को एक ‘काम’ बना देता है. जब आप अपनी पार्टनर की खुशी का ध्यान रखते हैं, तो बौंडिंग और बेहतर होती है. ऐसा कुछ न करें कि अगली बार वह सैक्स करने से मन करने लगे. उस में उस की मरजी कि उन्हें किस तरह से सैक्स पसंद है यह भी जानें.
सैक्स 2 लोगों की आपसी अंडरस्टैंडिंग से जुडी और कंफर्ट की बात है इसलिए यहां दोनों को एकदूसरे की इच्छाओं को समझना और उस का सम्मान करना होगा.
पूछें, मान कर न चलें : “क्या यह तुम्हें अच्छा लग रहा है?” या “क्या मैं आगे बढ़ सकता है?” ये सवाल आप को कमजोर नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और केयरिंग पार्टनर बनाते हैं.
पतिपत्नी दोनों ध्यान दें
पहली रात के दबाव से बचें : फिल्मी कहानियों और सामाजिक दबाव की वजह से ‘पहली रात’ (First Night) को ले कर बहुत तनाव रहता है. जरूरी नहीं कि सब कुछ पहली रात को ही हो जाए. अगर आप या आप के पार्टनर थके हुए हैं, तो बस एकदूसरे के साथ समय बिताना, बातें करना या आलिंगन करना ही काफी है.
भावनात्मक जुड़ाव शारीरिक सुख की नींव है
अगर दिनभर झगड़े हुए हैं या एकदूसरे का सम्मान नहीं किया गया है, तो रात में सैक्स का आनंद लेना मुश्किल है. भावनात्मक जुड़ाव शारीरिक सुख की नींव है. जब 2 लोग भावनात्मक रूप से करीब होते हैं, तो वे एकदूसरे के साथ सुरक्षित महसूस करते हैं. यह सुरक्षा व्यक्ति को अपनी इच्छाओं और अपनी कमजोरियों को खुल कर साझा करने की आजादी देती है. जहां डर या झिझक नहीं होती, वहीं असली आनंद पनपता है. इसलिए बैडरूम के बाहर की बौंडिंग भी बहुत महत्त्व रखती है.
पोर्नोग्राफी को सच न मानें
इंटरनैट पर मौजूद पोर्नोग्राफी को सच न मानें, वे वास्तविकता से बहुत दूर हैं. बहुत से कपल या पुरुष उसे सच मान कर उस की तरह से सैक्स करना चाहते हैं जोकि संभव ही नहीं है. ऐसा करना महिलाओं को जबरदस्ती करना लगता है. अगर पार्टनर किसी तरीके को मना कर रहा है और आप ने वह इंटरनैट पर देखा है और आप उसे ट्राई करना चाहते हैं तो जरूरी नहीं कि पार्टनर उसे कर पाएं. इसलिए उस के सामने इंटरनैट का अधकचरा ज्ञान न रखें, बल्कि दोनों अपने तरीके, अपनी पोजीशन, अपने कंफर्ट के हिसाब से खुद बनाएं क्योंकि इंटरनैट की ज्यादातर दुनिया या चीजें फेक होती हैं.
सैक्स करना सजा नहीं मजा लगे
सैक्स के बारे में सही जानकारी लें. कई बार शादी के तुरंत बाद जानकारी न होने पर जबरदस्ती सैक्स करने पर महिलाओं का मन उस से हट जाता है और वह उन्हें जबरदस्ती लगने लगता है. अगर सैक्स करने में कोई दिक्कत है तो डाक्टर से मिलें, उस से बात करें, अपनी परेशानी बताएं और हल निकालें नकि बस अपनी जिद पूरी करने में लग जाएं. अगर शारीरिक दर्द या इच्छा की कमी लगातार बनी रहती है, तो किसी सेक्सोलौजिस्ट या मैरिज काउंसलर से बात करने में कोई बुराई नहीं है. अगर सैक्स करने में पेन हो रहा है तो लुब्रिकेंट्स का इस्तेमाल अलगअलग तरीके से करें. ताकि दर्द कम हो और सैक्स करना सजा नहीं मजा लगें.
मू़ड का खयाल
किसी दिन पार्टनर का मन नहीं है, तो उसे व्यक्तिगत रूप से पर्सनल न लें. जब पार्टनर को पता होता है कि उस की इच्छा का सम्मान किया जा रहा है, तो वह खुद को पूरी तरह सुरक्षित और स्वतंत्र महसूस करता/करती है. यही सुरक्षा आनंद का आधार है. यदि कोई क्रिया एक पार्टनर को पसंद नहीं आ रही, तो उसे तुरंत रोकना और दूसरे विकल्प ढूंढ़ना ही आपसी समझदारी है.
पार्टनर का सम्मान करें
जहां प्रेम और भावनात्मक जुड़ाव होते हैं, वहां एकदूसरे के शरीर के प्रति सम्मान होता है. ऐसे में ‘जबरदस्ती’ या ‘अपमान’ की कोई जगह नहीं बचती. जब आप अपने पार्टनर को खुश देखना चाहते हैं, तो आप की कोशिश केवल अपनी संतुष्टि तक सीमित नहीं रहती और यही निस्वार्थ भावना सुख को चरम पर ले जाती है.
शादी के बाद सैक्स केवल एक शारीरिक जरूरत नहीं, बल्कि प्यार जताने का एक तरीका है. जब इस में दोस्ती, सम्मान और संवेदनशीलता शामिल हो जाती है, तो सहमति अपनेआप रिश्ते का हिस्सा बन जाती है और किसी भी प्रकार की जबरदस्ती की जगह नहीं बचती.
