friendship after 40 : 40 की उम्र के बाद महिलाएं कई तरह के बदलावों से गुजरती है. बच्चों का बड़ा हो जाना, करियर में ठहराव, हार्मोनल बदलाव और सामजिक जुड़ाव में कमी के साथ साथ इस उम्र में औरतें अक्सर खाली हो जाती है और उनके बच्चे भी इगनोर मारना शुरू कर देते है. बच्चों को भी मां की जरूरत इतनी नहीं रह जाती. घर में कुछ बना तो उन्होंने खा लिया नहीं तो बाहर से मंगाकर खा लिए. मम्मी एक माइक्रोवेव की तरह बनकर रह जाती है कि जब जरुरत हो, तो उसमें से सामान निकाल लो और फिर बंद कर दो. यही वो वक्त होता है जब महिला को इमोशनल और मैंटल सपोर्ट की सबसे ज्यादा जरुरत होती है. ऐसे में एक सच्चा दोस्त जो बिना जज किये सुनें और समझें, आपकी सबसे बड़ी ताकत बन जाता है.

अब ये जरूरी नहीं है कि वो महिला मित्र ही हो. आप चाहे तो पुरुष मित्र भी बना सकती है. इसमें कोई बुराई नहीं है. बल्कि महिलाओं का पुरुषों से दोस्ती करना उनके सामाजिक जीवन, करियर और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है. यह उम्र नई समझदारी और maturity की होती है. वैसे भी इस उम्र की दोस्ती ज्यादा समझदार, मजबूत और सहारा देने वाली होती है.

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