friendship after 40 : 40 की उम्र के बाद महिलाएं कई तरह के बदलावों से गुजरती है. बच्चों का बड़ा हो जाना, करियर में ठहराव, हार्मोनल बदलाव और सामजिक जुड़ाव में कमी के साथ साथ इस उम्र में औरतें अक्सर खाली हो जाती है और उनके बच्चे भी इगनोर मारना शुरू कर देते है. बच्चों को भी मां की जरूरत इतनी नहीं रह जाती. घर में कुछ बना तो उन्होंने खा लिया नहीं तो बाहर से मंगाकर खा लिए. मम्मी एक माइक्रोवेव की तरह बनकर रह जाती है कि जब जरुरत हो, तो उसमें से सामान निकाल लो और फिर बंद कर दो. यही वो वक्त होता है जब महिला को इमोशनल और मैंटल सपोर्ट की सबसे ज्यादा जरुरत होती है. ऐसे में एक सच्चा दोस्त जो बिना जज किये सुनें और समझें, आपकी सबसे बड़ी ताकत बन जाता है.

अब ये जरूरी नहीं है कि वो महिला मित्र ही हो. आप चाहे तो पुरुष मित्र भी बना सकती है. इसमें कोई बुराई नहीं है. बल्कि महिलाओं का पुरुषों से दोस्ती करना उनके सामाजिक जीवन, करियर और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है. यह उम्र नई समझदारी और maturity की होती है. वैसे भी इस उम्र की दोस्ती ज्यादा समझदार, मजबूत और सहारा देने वाली होती है.

जहां दोस्ती केवल समय बिताने के लिए नहीं, बल्कि आपसी सहयोग और भरोसे के लिए की जाती है. इसलिए पुरुषों को नकारने के बजाय उनसे दोस्ती बढ़ाने के लिए और एक मजबूत रिश्ता बनाने के लिए आप इन तरीकों और गुणों को अपना सकती हैं-

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नजरिया बदलें तो सोच बदलेगी

अगर आपको लगता है कि आप सिर्फ महिला दोस्त ही बना सकती है, तो ये आपकी गलत सोच है. 40-45 की उम्र से 60 तक. जो इस उम्र की सहेलियां होती है वो भी घिसी पिटी हो जाती है. आप उनसे चुगली के आलावा क्या बात कर सकते हो. वही दिन भर की रूटीन की बोरिंग बाते करके आप दोनों भी पक चुकी होती है.

पति की सारी सोच आपको मालूम है. क्या बोलता है वो, क्या उसके दोस्त है सब पता है. आपका पति बैंक में है और उसके दोस्त भी बैंक में गए और वहीँ बैंक की बातें अब पकाऊं लगने लगी है. लेकिन जो एक नया आदमी आता है वो अपने सर्कल की बातें करता है. जैसे एक प्रोफ़ेसर से दोस्ती हो गई कॉलेज के किस्से सुनाएगा. आपकी बातों का सिलसिला नया होता है.

पहला कदम आप बढ़ाएं, इंतज़ार ना करें

अगर आप कोई पुरुष मित्र बनाना चाहती है, तो इसमें कोई बुराई नहीं है लेकिन उसके लिए पहल आपको ही करनी पड़ेगी. आपका एक कप चाय साथ में पीने का न्योता या सच्चे दिल से कही गयी कोई बात किसी को आपका करीबी बना सकता है. वैसे भी दोस्ती के लिए उम्र नहीं, पहल चाहिए.

अपनी रुचियों को बनायें दोस्ती का जरिया

अगर आपको थिएटर देखने का शौक है, आपको कुछ लिखने पढ़ने का शौक है, आपको बुक फेयर में जाना पसंद है, म्यूज़िक का शौक है या फिर घूमने का शौक है और आप महसूस कर रही है कि कुछ ऐसे ही शौक किसी अन्य व्यक्ति में भी आपने देखें है. भले ही वह कोई फैमिली फ्रेंड ही क्यूँ न हो. उसके साथ आप काफी देर तक बात करती है और कर सकती है. उसके और आपके शौक मिलते है, तो हो सकता है ये नई दोस्ती आपका इंतज़ार कर रही हो.

लेकिन ट्राई तो आपको भी करना पड़ेगा. ऐसा कोई मिलता है तो ये सोचकर दूरी ना बनायें कि इस उम्र में पुरुष दोस्त कैसे बनाऊं? ये आपके मन का डर है. लेकिन अगर आप ऐसी दोस्ती करेंगी, तो काफी एन्जॉय करेंगी क्यूंकि आपकी बातचीत के टॉपिक्स भी काफी मिलते जुलते होंगे इसलिए एक दूसरे की कंपनी आपको पसंद आएगी.

दोस्ती को गंभीरता से लेने वाला मित्र चाहिए –

एक उम्र के बाद महिलाएं ऐसा पार्टनर चाहती हैं जिससे वो दोस्ती और भरोसा कर सकें. जब वह किसी पुरुष से कहती है कि वो उसे अपना सबसे अच्छा दोस्त मानती है., तो उसका मतलब है कि वाकई वह पुरुष उसके लिए बहुत स्पेशल है. यही उम्मीद वह अपने पार्टनर से भी करती है. वो चाहती है कि उसके पुरुष पार्टनर की फीलिंग्स भी उतनी ही सच्ची हो. मैच्योर महिलाएं कमिन्टमेंट से भागने वाले पुरुषों को बिल्कुल पसंद नहीं करती हैं. यहीं बात पुरुषों के लिए भी है उन्हें टाइम पास नहीं बल्कि एक सच्ची साथी की जरुरत होती है इस उम्र में. इसलिए महिला हो या पुरुष अगर किसी के भी साथ रिलेशनशिप में आ रहें है तो उसे पूरी गंभीरता से निभाएं.

फ्लर्टिंग करें सेक्स ना करें

40 की उम्र के बाद के इन ऊबाऊं साल में फ्लर्टिंग करो. सेक्स ना करों. शारीरिक आकर्षण के बजाय मानसिक आकर्षण पर ध्यान दें. उन्हें अपनी बातों से चुनौती दें, उनसे उनके सपनों और विचारों पर बात करें. जब दो लोग दिमागी तौर पर जुड़ते हैं, तो वह आकर्षण सेक्स से कहीं ज्यादा गहरा और स्थायी होता है.

सेक्स करने को तो इस उम्र में बॉडी भी डिमांड नहीं करती है. कोई सेक्स के लिए कहें तो मना कर दो क्यूंकि ये व्यवहारिक नहीं है न जगह है, ना मौका है, चीजों को छिपाओगे कैसे? करोगे कहाँ? कॉफी पीने में 400 रूपीस का बिल आएगा लेकिन अगर कहीं कमरा लिया तो हो गएँ 5000 खर्च. ऊपर से हिस्ट्री बन गएँ रिस्क पर आ गएँ. इसलिए सिर्फ फ्लर्टिंग का मज़ा लें

लेकिन फ्लर्टिंग का आनंद वही ले सकते हैं जिन्हें अपनी सीमाओं का पता हो. आपको यह स्पष्ट होना चाहिए कि आप केवल एक अच्छे समय और अच्छी बातचीत के लिए ऐसा कर रही हैं. जब आप अंदर से स्पष्ट होती हैं, तो आपके व्यवहार से वही संकेत बाहर जाते हैं.

फ्लर्टिंग को एक खेल की तरह लें, जिसमें मुख्य उद्देश्य एक-दूसरे की कंपनी को एन्जॉय करना और अच्छा महसूस करना है. यह आपके आत्मविश्वास को बढ़ाता है और सामाजिक दायरे को अधिक जीवंत बनाता है.

हल्का सा हाथ छूना या कंधे पर हाथ रखना दोस्ती तक ठीक है, लेकिन ऐसी नजदीकी से बचें जो गलत संकेत दे.

हमेशा एक “सम्मानजनक दूरी” बनाए रखें जिससे यह स्पष्ट रहे कि आप केवल बातचीत का आनंद ले रही हैं.

नए पुरुष दोस्त कैसे बनायें और बनायें तो उसके लिए अप्रोच कैसे करें?

किसी पुरुष को अप्रोच करना और दोस्ती की शुरुआत करना एक कला है, जिसमें आत्मविश्वास और सहजता सबसे महत्वपूर्ण है. यहाँ कुछ व्यावहारिक तरीके और अप्रोच करने के गुण दिए गए हैं:

उदाहरण 1 –

यदि आप किसी रेस्टोरेंट में हैं— “यहां की मखनी दाल काफी फेमस है, क्या आपने पहले ट्राई की है?”

उदाहरण 2-

किसी इवेंट में— “स्पीकर ने जो Investment वाली बात कही, उस पर आपका क्या विचार है?”

उदाहरण 3 –

पुरुषों को अक्सर सलाह देना या अपनी जानकारी साझा करना पसंद होता है. यह बातचीत शुरू करने का सबसे ‘सेफ’ और प्रभावी तरीका है.

“मैं एक नया गैजेट/एप्लायंस लेने की सोच रही हूं, क्या आपको इसके बारे में कुछ अंदाजा है?”

“मेरे पास 4 तोले सोना है रेट बढ़ रहें है , अभी मैं बेचूँ या नहीं”?

उदाहरण 4 –

जब बातचीत शुरू हो जाए, तो उनकी किसी बात की तारीफ करें और अपना परिचय दें.

“आपका नजरिया काफी तार्किक है, आपसे बात करके अच्छा लगा. वैसे मैं [आपका नाम] हूँ.”

उदहारण 5 –

आजकल फेसबुक या लिंक्डइन पर भी दोस्ती की शुरुआत हो सकती है:

उनकी किसी पोस्ट पर कोई Thoughtful कमेंट करें.

जब वे जवाब दें, तो इनबॉक्स में एक छोटा सा मैसेज भेजें “आपकी पोस्ट काफी जानकारीपूर्ण थी, मुझे इस विषय में रुचि है.”

बातचीत को दोस्ती में कैसे बदलें?

पहली मुलाकात के बाद अगर आपको व्यक्ति दिलचस्प लगे, तो दोबारा मिलने की नींव रखें-

“आपसे इन विषयों पर बात करके बहुत मजा आया, उम्मीद है अगली बार फिर चर्चा होगी.”

अगर आप सहज महसूस करें, तो नंबर एक्सचेंज करें या सोशल मीडिया पर कनेक्ट हों.

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