Modern wife role : कई पत्नियों को अपने पति से यह शिकायत होती है कि वे उन की नहीं सुनते. उन की बात नहीं मानते. पति को पत्नी की बात माननी चाहिए लेकिन इस सच से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि अगर पत्नी को किसी बात की नौलेज ही नहीं होगी तो पति उस से क्या पूछेगा और पत्नी बताएगी क्या?
इसलिए पत्नी को इतनी नौलेज होनी चाहिए कि पति उस से पूछे कि इस काम को कैसे करना है?
पत्नी का पति के लिए एक समझदार मार्गदर्शक और सलाहकार (Mentor) बनना प्रेम, विश्वास और सम्मान पर आधारित एक मजबूत रिश्ते की नींव है. एक सहायक पत्नी सही समय पर सही सलाह, भावनात्मक सहयोग और सकारात्मक प्रोत्साहन दे कर पति को जीवन के हर क्षेत्र जैसे कैरियर और परिवार में सही निर्णय लेने में मदद करती है.
आइए, जानें पत्नी किस तरह पति की मदद कर सकती है :
डिसीजन मेकिंग में स्पष्ट रहे
अकसर लड़के या पति कार्यक्षेत्र या बाहरी दबाव में आ कर इमोशनल हो कर या जल्दबाजी में फैसले ले सकते हैं. यहां पत्नी की समझदारी और सलाह एक फिल्टर की तरह काम करती है, जो धुंधली तसवीर को साफ कर देती है. ऐसे में पत्नी का एक शांत और समझदार नजरिया रियलिटी चैक का काम करता है.
पति केवल रिजल्ट देखता है पत्नी उस के प्रोसेस का तरीका भी देखती है
पति का फोकस केवल रिजल्ट पर होता है. वहां एक समझदार पत्नी प्रक्रिया (Process) और परिवार के सुखचैन को ध्यान में रखते हुए सलाह दे सकती है. जैसेकि पति घर से कोई कपड़ों का बिजनैस करने का सोचता है, तो पत्नी उसे बता सकती है कि इस से हमारा जगह लेने का खर्च बचेगा लेकिन बच्चे पूरा दिन परेशान होंगे. इस से अच्छा है कि हम उस काम को औनलाइन शुरू करने की सोचें. इस से रिजल्ट भी अच्छा होगा और जगह लेने का झंझट भी नहीं होगा.
बैकअप प्लान तैयार हो
अगर पति किसी योजना पर काम कर रहा है और वह योजना काम न कर रही हो तो पत्नी को चाहिए कि तुरंत पति की मदद को आगे आएं. उसे ऐसे समय में आप के सहानभूति के बोल नहीं, बल्कि आप का बैकअप प्लान चाहिए ताकि वह समस्या से निकल सकें.
अलगअलग फील्ड में नौलेज होनी चाहिए
जरूरी नहीं कि हर किसी को हर चीज का ज्ञान हो. हो सकता है कि पति फाइनैंस में अच्छा हो, लेकिन पत्नी मैनेजमेंट, तकनीक या क्रिटिकल थिंकिंग में बेहतर हो. इस से पति को काफी मदद मिल जाएगी. आप भले ही उन के साथ जा कर बाहर काम न कर रही हों लेकिन अपनी सलाह तो उन के काम में दे ही सकती हैं.
फाइनैंशियल पार्टनर बने पत्नी
पैसे निवेश करने से संबंधित हर बात की जानकारी होनी चाहिए पत्नी को. जोसे बाजार में क्या चल रहा है? निवेश के नए विकल्प क्या हैं? (जैसे SIP, Mutual Funds, या RD/FD के बदलते रेट्स) और टैक्स सेविंग के तरीके क्या हैं? इन सब की जानकारी होने पर ही एक पत्नी सही मायनों में फाइनैंशियल पार्टनर बन पाती है. बजट बनाना केवल खर्च रोकना नहीं, बल्कि भविष्य को सुरक्षित करना है.
डिजिटल टैक्नोलौजी की समझ होनी चाहिए
आजकल लगभग हर काम तकनीक से जुड़ा है. बैंकिंग से ले कर बच्चों की पढ़ाई और औनलाइन सुरक्षा तक, तकनीक के साथ कदम से कदम मिला कर चलना अनिवार्य है. इस से न केवल समय बचता है, बल्कि गलतियों की गुंजाइश भी कम होती है.
अपनी और परिवार की हैल्थ का ध्यान रखें
कई बार पति बच्चों को परेशानी में देख कर या बीमार देख कर तुरंत घबरा जाते हैं. लेकिन पत्नी को पता होना चाहिए कि ऐसे समय में क्या किया जा सकता है. बच्चे के लिए क्या अच्छा है क्या नहीं. वह पति को सलाह दे कि इस बीमारी के लिए यह डाक्टर अच्छा है और इस हौस्पिटल में मैं ने अपौइनमेंट बुक कर दिया है. उसे किचन में उतना ही घी तेल इस्तेमाल करना चाहिए जितना परिवार के लिए सही हो.
अपडेट रहने के कुछ आसान तरीके
न्यूज ऐप्स और पौडकास्ट : दिन में 15-20 मिनट दुनिया की खबरों और बिजनैस अपडेट्स के लिए निकालें. इस से देशदुनिया में क्या चल रहा है उसे हर बात की खबर होगी. कब किन चीजों के दाम महंगे और सस्ते होने की संभावना है इस बात का पता भी उसे होना चाहिए ताकि वह अपना घर उसी हिसाब से चला सके.
सैल्फ लर्निंग : औनलाइन कोर्सेज या लेखों के माध्यम से अपने ज्ञान के दायरे को बढ़ाते रहें. डिजिटल मार्केटिंग, बेसिक ऐक्सेल या डेटा मैनेजमेंट जैसे छोटेछोटे कोर्स करने से आप की इंडस्ट्री नौलेज काफी बढ़ जाती है.
न्यूज एग्रीगेटर्स : गूगल न्यूज या इनशौर्ट्स जैसे ऐप्स का उपयोग करें. इन में आप अपनी पसंद के विषय (Finance, Tech, Health) चुन सकते हैं, जिस से आप को केवल वही खबरें मिलेंगी जो आप के काम की हैं.
सोशल मीडिया पर सिर्फ रील न देखें
अगर सोशल मीडिया देखने के शौकीन हैं तो कोई बुरी बात नहीं है बस समझने की बात यह है कि आप देख क्या रहे हैं? अपना टाइम सिर्फ फोटो और रील देखने में वैस्ट न करें बल्कि LinkedIn या Instagram पर उन ऐक्सपर्ट्स और इन्फ्लुऐंसर्स को फौलो करें जो कैरियर, फिटनैस और पर्सनल फाइनैंस पर सटीक जानकारी देते हैं. इस से स्क्रौल करते हुए भी आप की नौलेज बढ़ती रहेगी.
किताबें पढ़ें
किताबें पढ़ने को अपनी आदत बना लें. किताबें पढ़ने से न केवल जानकारी मिलती है, बल्कि बात करने का नजरिया और शब्दावली (Vocabulary) भी बेहतर होती है. हर रोज कुछ देर किताबें जरूर पढ़ें. अपने पसंदीदा राइटर को चुनें और उन की बुक खरीद लाएं.
हैल्दी डिसिजन और डिबेट भी करें
जरूरी नहीं कि आप हमेशा घर में मसालों और शौपिंग के बारे में ही बात करें, बल्कि दुनिया और समाज में क्या चल रहा है इन मुद्दों पर भी बातचीत करें. संसद में क्या चल रहा है, हमारे देश की राजनीति किस तरफ जा रही है, साइंस में क्या नए आविष्कार हुए हैं जैसे सभी बातों को ध्यान में रखें और इन पर चर्चा करें. जो चीज नहीं पता उसे पता करें. अपना नेटवर्किंग स्ट्रौंग बनाएं. समान विचारधारा वाले लोगों या ऐक्सपर्ट्स से चर्चा करें.
ध्यान दें
आप दिन के केवल 20 से 30 मिनट नौलेज टाइम के तौर पर तय कर सकते हैं. यह छोटा सा निवेश आप को एक ऐसी मजबूत सलाहकार बना देगा जिस की राय की कीमत पूरे परिवार के लिए अनमोल होगी.
