Advantages of positive thinking : यह अच्छी बात है कि सपने देखेंगे तभी तो उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करेंगे. लेकिन कई बार देखने में आता है कि लड़कालड़की दोनों शादी से पहले बड़ा घर, बड़ी गाड़ी और न जाने कितने सपने बुनते हुए अपनी शादीशुदा जिंदगी में कदम रखते हैं. कुछ सालों तक तो वे उन सपनों की खुमारी में जी रहे होते हैं. कुछ सपने पूरे होते हैं और कुछ नहीं. लेकिन अगर सपने पूरे न हों तो एक साथी स्पैशली लड़की लड़के को ताने देने लगती है,"तुम ने तो कहा था हम यह कर लेंगे, वह कर लेंगे लेकिन अब तो ऐसा कुछ नहीं हो रहा, तुम ने तो मेरी जिंदगी बरबाद कर दी."
"मैं कहां फंस गई..."
"मेरे लिए तो लड़कों की लाइन लगी थी पर मैं तो मुंगेरीलाल के हसीन सपनों में बह गई..." ऐसी न जाने कितनी बातें वह लड़के को सुनाती है या एकदूसरे को वे सुनाते हैं.
ऐसा करना कहां तक उचित है
लड़कालड़की भविष्य के सपने साथ देखें लेकिन सपने पूरा न होने पर एकदूसरे पर दोषारोपण न करें.
आप एकदूसरे पर तोहमत मत लगाएं कि तुम ने यह कहा था और ऐसा नहीं हुआ. अगर लड़की ने भविष्य के सपने देखते हुए शादी कर ली है, तो जिम्मेदारी लड़की की भी उतनी ही है. बाद में एकदूसरे को टौर्चर करना सही नहीं है कि तुम ने कहा था कि गाड़ी खरीद लेंगे हम लेकिन अब तुम मुझे बाइक पर घुमा रहे हो. इस किराए घर में ही लगता है पूरी जिंदगी बरबाद होगी मेरी.
इस तरह का दोषारोपण अलाउड नहीं है
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