Hindi Kahaniyan : अलका 25 वर्षीय एक आम लड़की. उस ने पूरी मेहनत से अपनी पढ़ाई पूरी की और फिर अब एक अच्छी प्राइवेट नौकरी कर रही है. दूसरी ओर है आम कदकाठी लिए सुनील, जो अलका को पिछले 7 सालों से जानता है. दोनों कालेज में साथ पढ़े, प्यार किया और अब शादी करने जा रहे हैं. सुनील भी एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है, लेकिन उस की सैलरी अलका से थोड़ी कम है. जिस का अफसोस सुनील के पापा को बहुत है. सुनील के पापा रहरह कर सुनील को ताना मारते हैं, ‘‘एक तो बिरादरी की बाहर की लड़की पसंद कर ली और ऊपर से ज्यादा कमाती भी है. देखना पूरी जिंदगी दबा के रखेगी तुझे.’’
वहीं कुछ अफसोस तो अलका के पापा को भी है कि वह उन के उच्च वैश्य समाज के बाहर के लड़के से शादी कर रही है. शादी के लिए अलका के पापा पहले तो तैयार नहीं थे, लेकिन अलका कहीं भाग कर शादी कर ले, इस डर से उन्होंने अलका की पसंद को अपनी पसंद बना ली.
अब घर वाले, बाहर वाले कोई कुछ भी कहे सुनील और अलका के लिए इतना काफी था कि दोनों की शादी हो रही है और अपनी इस शादी में दोनों अपने परिवार के साथ धूम मचाना चाहते हैं, उन के साथ भी जो अब परिवार का हिस्सा नहीं है.
अपनी शादी की खुशी में अलका अपने बरसों से रूठे मामा को मनाने का प्रयास करना चाहती थी. मामा जिसे अलका के पापा ने घर से निकल दिया था, आज भी अलका को वह बुरे दिन, वे वक्त याद हैं, ‘‘जा निकल मेरे घर से. शर्म नहीं आई. एक तो मेरी बहन का रिश्ता छोड़ कर प्रेमविवाह कर लिया और बेशर्मी के साथ इस लड़की को आशीर्वाद देने भी आ गया. बड़ा अफसर क्या बना बड़ों का लिहाज ही भूल गया.’’ अलका के पिता ने अपने साले मनु को फटकार मार घर से निकाल दिया. अलका पीछे से ‘‘मामा, मनु मामा...’’ पुकारती रही लेकिन मनु नई दुलहन के साथ दूर निकलता चला गया, इतना की कभी वापस नहीं आया.
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