Regional Entertainment : पहले  हमें लगता था कि अच्छा कंटैंट मतलब हौलीवुड. नैटफ्लिक्स खोलो तो अंगरेजी शो, अमेजन खोलो तो अमेरिकन सीरीज. पर अब गेम पलट रहा है. आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि दुनिया को अब ‘अपनी बोली और अपनी कहानी’ चाहिए.

सोनी म्यूजिक पिछले 2 सालों में हौलीवुड छोड़ कर ग्रीस, चेक रिपब्लिक और दुबई तक पहुंच गया. वार्नर ब्रदर्स इटली की गलियों और तुर्किए के बाजारों की कहानियां कैमरे में कैद कर रहा है और सब से बड़ा धमाका नैटफ्लिक्स ने किया. कंपनी के इतिहास में पहली बार अंगरेजी से ज्यादा शो लोकल भाषाओं में बने हैं. इस साल की पहली तिमाही में ग्लोबल प्लेट फौर्म्स के कुल शोज में से सिर्फ 36% ही उत्तर अमेरिकी थे. बाकी 64% दुनिया आप की, हमारी जबान बोल रही है.

क्यों हो रहा है यह बदलाव

‘स्क्विड गेम’ इफैक्ट: कोरियन सीरीज ‘स्क्विड गेम’ ने पूरी दुनिया को हिला दिया था. सब को सम झ आया कि अच्छी कहानी के लिए अंगरेजी जरूरी नहीं. अब हर देश का प्रोड्यूसर अपनी ‘स्क्विड गेम’ ढूंढ़ रहा है.

जेब का गणित: भारत, ब्राजील, इंडोनेशिया जैसे देशों में करोड़ों नए दर्शक जुड़े हैं. ये लोग सब्सक्रिप्शन तो लेंगे पर कंटैंट अपनी भाषा में मांगेंगे. कंपनी भी सम झ गई कि पैसा वहीं है जहां लोग हैं.

डबिंग से ऊब: पहले हौलीवुड शो को हिंदी में डब कर के काम चलाते थे. पर अब दर्शकों को औरिजिनल फील चाहिए. तमिल हीरो जब तमिल बोलेगा तो इमोशन सीधा दिल में उतरेगा.

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इस बदलाव से आप के घर में क्या बदलेगा

सासबहू ड्रामे से आजादी: अब तक रीजनल टीवी मतलब रोती हुई बहू और साजिश करती सास था. पर अब मराठी में ‘क्राइम थ्रिलर,’ मलयालम में ‘साइंस फिक्शन,’ बंगाली में ‘कोर्टरूम ड्रामा’ बन रहे हैं. दादी भी अब ‘मनी हाइस्ट’ की जगह ‘सु झल’ देख कर बोलेंगी, ‘‘यह तो अपने चेन्नई की कहानी है.’’

अब मराठी, बंगाली, तमिल, मलयालम में भी हाई बजट वैब सीरीज बन रही हैं. दादीनानी भी अब अपनी भाषा में थ्रिलर ड्रामा देख पाएंगी.

बच्चों की बोली पर असर: आप के पोतापोती अब ‘पेप्पा पिग’ का हिंदी डब नहीं बल्कि औरिजिनल हरियाणवी या भोजपुरी कार्टून देखेंगे. जब कार्टून का कैरेक्टर ‘के कर रिया सै’ बोलेगा तो बच्चा अपनी बोली पर शरमाएगा नहीं इतराएगा.

घर की बेटियों के लिए नए दरवाजे: अगर आप की बेटी स्क्रिप्ट लिखती है, ऐक्टिंग करती है या कैमरा चलाना चाहती है तो उसे मुंबईदिल्ली की दौड़ नहीं लगानी. कोच्चि, कोलकाता, जयपुर में भी नैटफ्लिक्स प्राइम के औफिस खुल रहे हैं. लोकल टेलैंट की डिमांड अगले 5 सालों में 3 गुना बढ़ेगी.

फैमिली टाइम का नया मतलब: रविवार की शाम अब ‘केबीसी’ के साथसाथ तुर्की का ‘फैमिली ड्रामा’ या स्पेनिश ‘मर्डर मिस्ट्री’ ट्राई कीजिए. सबटाइटल पढ़ने से बच्चों की अंगरेजी सुधरेगी और आप को दुनिया की संस्कृति सम झ आएगी. एक तीर से दो निशाने.

स्मार्ट टिप्स

‘औडियो’ बदलो ‘सोच’ बदलेगी: नैटफ्लिक्स पर जा कर सैटिंग में प्रिफ्रैंड लैंग्वेज को हिंदी या अपनी मातृभाषा कर दें. अगली बार ऐप खुद आप को तमिलतेलुगु शो सजैस्ट करेगा.

रीजनल को रौयल सम झो: जरमनी में बना जरमन शो ‘डार्क’ वर्ल्ड हिट हुआ. कल को आप के शहर की कहानी भी दुनिया देखेगी. लोकल कंटैंट को सपोर्ट करें, शेयर करें.

बुजुर्गों को साथ लाओ: मांपापा को सबटाइटल पढ़ना सिखाइए. जब वे कोरियन दादी की इमोशनल कहानी सम झेंगे तो उन्हें लगेगा कि पूरी दुनिया एकजैसी है.

अगली बार जब फैमिली के साथ बैठें तो नैटफ्लिक्स की कोई नई तमिल सीरीज या सोनी की ग्रीक सीरीज ट्राई करें. सबटाइटल औन कर लीजिए. दुनिया की कहानियां अब आप की जबान बोल रही हैं. मनोरंजन जब अपनी भाषा में हो तो दिल से कनैक्ट करता है. अब टीवी सिर्फ टाइमपास नहीं अपनी पहचान का जश्न है. रिमोट आप के हाथ में है, बटन दबाइए और अपनी भाषा का जश्न मनाइए क्योंकि जब कहानी अपनी होगी तो ताली भी दिल से बजेगी.

मजेदार बात यह है कि कोईर् भी देश या समाज हो, औरतों की समस्याएं एक ही तरह की हैं. उन्हें बच्चों, प्रेमी, पति और पेरैंट्स सभी का खयाल रखना पड़ता है, यह इन अलग भाषाओं की अलग देशों की कहानियों से साफ है.

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